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बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी ने किया पराला मंडी का निरीक्षण।
– फोटो : संवाद
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एक पेटी में अधिकतम 24 किलो सेब भरने की शर्त पर सरकार पुनर्विचार करेगी। सोमवार को पराला मंडी में बागवानों की मांग पर बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी ने यह आश्वासन दिया है। नेगी यहां मंडी का निरीक्षण करने पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि सरकार ने बागवान संगठनों और आढ़ती यूनियनों के प्रतिनिधियों से चर्चा के बाद ही पेटी में अधिकतम 24 किलो सेब भरने की शर्त लगाई थी। अगर यह फैसला हित में नहीं है तो सरकार इस पर पुनर्विचार करेगी। जल्द ही हितधारकों की बैठक बुलाकर उचित निर्णय लिया जाएगा।
इससे पहले पूर्व विधायक राकेश सिंघा ने कहा कि सरकार को 24 किलो के निर्णय में बदलाव कर यूनिवर्सल कार्टन लागू करना चाहिए। वहीं, ठियोग से कांग्रेस विधायक कुलदीप राठौर ने बागवानी मंत्री के सामने अपनी ही सरकार के फैसले पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि बागवान चाहे 25 किलो लाएं या 26 किलो, कोई बंदिश नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि पार्टी का वरिष्ठ विधायक होने के नाते जनता की आवाज मंत्री के सामने रखी है। देखते हैं सरकार क्या निर्णय लेती है।
यूनिवर्सल कार्टन और एपीएमसी एक्ट लागू करे सरकार
संयुक्त किसान मंच संयोजक हरीश चौहान और सह संयोजक संजय चौहान ने यूनिवर्सल कार्टन लागू करने, एपीएमसी एक्ट 2005 को सख्ती से लागू करने और मंडियों में आढ़तियों द्वारा की जा रही 2 रुपये प्रति पेटी अवैध कटौती तुरंत बंद करने की मांग की है।
लूट की छूट
सेब उत्पादक संघ के प्रदेशाध्यक्ष सोहन सिंह ठाकुर ने कहा कि 24 किलो की शर्त गुमराह करने की कोशिश है। आढ़ती जिस तरह सरकार को चंदा दे रहे हैं, इससे साफ है कि लूट की छूट देने को पुराना ढर्रा लागू करने की तैयारी है। विधायक कुलदीप राठौर के बयान से भी यह साफ हो गया है। उन्होंने कहा कि बागवानों से हमदर्दी है तो यूनिवर्सल कार्टन लागू करें।
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