Shimla News: एचपीयू के नए कुलपति के लिए शिक्षकों में लॉबिंग शुरू, 9 माह से खाली है पद

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प्रदेश में कांग्रेस के सत्तासीन होने के बाद हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में मार्च माह से रिक्त चल रहे कुलपति के पद पर स्थायी नियुक्ति के लिए लॉबिंग शुरू हो गई है। विवि के मौजूदा हालात को देखते हुए कुलपति पद का ताज कांटो कांटों भरा है। हालांकि मंत्रिमंडल विस्तार न हो पाने के कारण अभी सरकार के स्तर पर एचपीयू के कुलपति का पद भरने के लिए कोई प्रक्रिया शुरू होना तो दूर इसको लेकर कोई बयान भी नहीं आया है।

बावजूद इसके विश्वविद्यालय में सत्ता परिवर्तन के बाद प्रशासनिक फेरदबल चरचाएं शुरू हो गई है। पद के लिए दस साल प्रोफेसर के पद पर सेवाएं देने की आवश्यक पात्रता शर्त पूरी करने वाले सात से आठ शिक्षकों ने पद के लिए लॉबिंग शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री ने मंगलवार को जिस तरह से हर कार्य में पारदर्शिता और मेरिट को प्राथमिकता देने की बात कही है।

उससे जाहिर है कि मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू कुलपति जैसे अहम पद पर तैनाती के लिए पद के लिए तय आवश्यक शर्तों पर खरा उतरने वाले व्यक्ति को ही इसका जिम्मा देंगे। सरकार कुलपति के पद पर नियुक्ति के लिए सरकार के स्तर पर सर्च कमेटी गठन करने का फैसला लेगी। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में जिस तरह से  परीक्षा परिणाम, परीक्षा से संबंधित काम काज को लेकर सवाल उठ रहे है, ईआरपी सिस्टम में खामियों के आरोप लग रहे हैं। आउटसोर्स पर लगाए 163 से अधिक कर्मचारियों के भविष्य पर तलवार लटकी है। 

19 मार्च 2022 से रिक्त है कुलपति का पद 
हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. सिकंदर कुमार के सांसद बनने पर 19 मार्च से कुलपति का पद खाली है। इस पद पर 21 मार्च को केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. एसपी बंसल एचपीयू कुलपति का अतिरिक्त कार्यभार देखने के आदेश हुए थे।

23 मार्च से वहीं कार्य देख रहे हैं। एचपीयू के  रोजमर्रा के कार्यों को 21 अप्रैल से  प्रति कुलपति प्रो. ज्योति प्रकाश देख रहे हैं। विवि में 25 अप्रैल से अधिष्ठाता अध्ययन प्रो. कुलभूषण तैनात हैं। कुलपति के पद पर नई नियुक्ति होने पर नीचले स्तर के सभी प्रशासनिक अधिकारियों को भी बदला जाना तय है।

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प्रदेश में कांग्रेस के सत्तासीन होने के बाद हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में मार्च माह से रिक्त चल रहे कुलपति के पद पर स्थायी नियुक्ति के लिए लॉबिंग शुरू हो गई है। विवि के मौजूदा हालात को देखते हुए कुलपति पद का ताज कांटो कांटों भरा है। हालांकि मंत्रिमंडल विस्तार न हो पाने के कारण अभी सरकार के स्तर पर एचपीयू के कुलपति का पद भरने के लिए कोई प्रक्रिया शुरू होना तो दूर इसको लेकर कोई बयान भी नहीं आया है।

बावजूद इसके विश्वविद्यालय में सत्ता परिवर्तन के बाद प्रशासनिक फेरदबल चरचाएं शुरू हो गई है। पद के लिए दस साल प्रोफेसर के पद पर सेवाएं देने की आवश्यक पात्रता शर्त पूरी करने वाले सात से आठ शिक्षकों ने पद के लिए लॉबिंग शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री ने मंगलवार को जिस तरह से हर कार्य में पारदर्शिता और मेरिट को प्राथमिकता देने की बात कही है।

उससे जाहिर है कि मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू कुलपति जैसे अहम पद पर तैनाती के लिए पद के लिए तय आवश्यक शर्तों पर खरा उतरने वाले व्यक्ति को ही इसका जिम्मा देंगे। सरकार कुलपति के पद पर नियुक्ति के लिए सरकार के स्तर पर सर्च कमेटी गठन करने का फैसला लेगी। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में जिस तरह से  परीक्षा परिणाम, परीक्षा से संबंधित काम काज को लेकर सवाल उठ रहे है, ईआरपी सिस्टम में खामियों के आरोप लग रहे हैं। आउटसोर्स पर लगाए 163 से अधिक कर्मचारियों के भविष्य पर तलवार लटकी है। 

19 मार्च 2022 से रिक्त है कुलपति का पद 

हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. सिकंदर कुमार के सांसद बनने पर 19 मार्च से कुलपति का पद खाली है। इस पद पर 21 मार्च को केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. एसपी बंसल एचपीयू कुलपति का अतिरिक्त कार्यभार देखने के आदेश हुए थे।

23 मार्च से वहीं कार्य देख रहे हैं। एचपीयू के  रोजमर्रा के कार्यों को 21 अप्रैल से  प्रति कुलपति प्रो. ज्योति प्रकाश देख रहे हैं। विवि में 25 अप्रैल से अधिष्ठाता अध्ययन प्रो. कुलभूषण तैनात हैं। कुलपति के पद पर नई नियुक्ति होने पर नीचले स्तर के सभी प्रशासनिक अधिकारियों को भी बदला जाना तय है।



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