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कृषि मंत्री चंद्र कुमार
– फोटो : अमर उजाला
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कृषि मंत्री चंद्र कुमार ने कहा कि कुल्लू घाटी में ब्यास के तटबंधों पर अवैध तरीके से बनाए गए होटलों और रिहायशी भवन नदी की जलधारा में समा गए। घाटी में नदी के किनारे अवैध रूप से निर्माण हो रहा है। नदी नाले रास्ता बदल रहे हैं, जिससे भीषण तबाही हुई है। ब्यास नदी के किनारे अतिक्रमण करके पांच सितारा होटल बनाने की होड़ मची हुई थी। इसके अतिरिक्त फोरलेन निर्माण के दौरान निकली मिट्टी ब्यास नदी में डाली गई। नदी के वास्तविक बहाव के साथ छेड़छाड़ हुई, जो विनाश का कारण बनी है।
सचिवालय में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि स्वयं कुल्लू घाटी में देखा है कि बड़े पैमाने पर नियमों को ताक पर रखकर अवैध निर्माण हुआ है। एक-डेढ़ दशक पहले बने पुल पानी में समा गए। उन्होंने कहा कि मंत्रिमंडल की बैठक में कुल्लू-मंडी जिलों में हुई भीषण तबाही पर चर्चा की जाएगी। नदियों के साथ कार्य प्रतिबंधित करने की जरूरत है। नियमानुसार नदी के साथ 25 मीटर तक किसी प्रकार का कोई निर्माण नहीं हो सकता है। उन्होंने कहा कि घटिया निर्माण से भी पुल और भवन गिरे हैं। ऐसे ठेकेदारों के साथ-साथ उस निर्माण से जुड़े सरकारी अधिकारी की जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। इस प्रकार के सभी ठेकेदारों पर भारी जुर्माना लगाया जाना चाहिए और उन्हें ब्लैक लिस्ट करना पड़ेगा।
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