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शिमला का विहंगम दृश्य। शहर में एटिक के नक्शों को पास करने पर रोक लगा दी है।
– फोटो : संवाद
विस्तार
सरकार के नए निर्देशों के अनुसार राजधानी में फिलहाल भवनों के एटिक के नक्शे पास नहीं होंगे। नगर निगम ने इस मामले पर टीसीपी विभाग से स्पष्टीकरण जारी करने के लिए पत्र लिखा है। इसमें विभाग से एटिक निर्माण से जुड़े 12 बिंदुओं पर स्पष्ट निर्देश जारी करने मांग की गई है। विभाग से स्पष्ट निर्देश मिलने के बाद ही नगर निगम एटिक निर्माण को लेकर आए नक्शों के आवेदनों पर फैसला ले पाएगा।
सरकार ने हाल ही में भवनों के एटिक को रिहायश के तौर पर इस्तेमाल करने को मंजूरी दी है। इस फैसले के अनुसार भवनों में एटिक की ऊंचाई अब 3 से 3.50 मीटर तक हो सकती है। पहले एटिक की ऊंचाई 2.75 मीटर निर्धारित थी। एटिक को रिहायशी नहीं माना जाता था। लेकिन सरकार के नए फैसले से भवन मालिक अब एटिक को भी रिहायश के तौर पर इस्तेमाल कर सकेंगे। शहर में कई लोगों ने अपने एटिक निर्माण को लेकर नगर निगम के पास आवेदन किया है।
इन पर अब टीसीपी से स्पष्टीकरण आने के बाद ही फैसला हो पाएगा। गौरतलब है कि शिमला शहर में भवनों के निर्माण को लेकर काफी सख्त नियम हैं। इन पर अमल करने के बाद ही नक्शों को पास किया जाता है। हाल ही में कुछ नए क्षेत्रों को ग्रीन एरिया में शामिल किया है। ग्रीन एरिया में शामिल भवनों के निर्माण पर पूरी तरह रोक लगा रखी है। अन्य क्षेत्रों में भी भवनों के निर्माण को लेकर कुछ सख्ती बरती गई हैं। ऐसे में नगर निगम एटिक से संबंधित नक्शों को सभी बिंदुओं पर स्पष्टता चाहता है।
हिप्पा में एमसी अधिकारियों को दिया प्रशिक्षण
नगर निगम पार्षदों को बुधवार को हिपा में निगम की कार्यवाही और कार्यों को लेकर प्रशिक्षण दिया गया। इसमें महापौर सुरेंद्र चौहान और उपमहापौर उमा कौशल के साथ 23 पार्षदों ने हिस्सा लिया। दो दिन तक चलने वाले इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के पहले दिन जन प्रतिनिधियों को मिली शक्तियों, नगर निगम के एक्ट और अन्य कार्यों की जानकारी दी गयी। वीरवार को पेयजल व्यवस्था, आय और व्यय से जुड़े मुद्दों पर जानकारी दी जाएगी।
एटिक को लेकर यह हैं निगम के सवाल
नगर निगम ने टीसीपी को जो पत्र लिखा है, उसमें पूछा है कि जिन भवनों का पुराने नियमों के तहत एटिक समेत निर्माण पूरा हो चुका है और निगम से कंपलीशन भी हो चुकी है, क्या उन भवन मालिकों को नए नियमों के अनुसार दोबारा एटिक निर्माण की मंजूरी मिलेगी। कोर, ग्रीन और प्लानिंग एरिया में एटिक निर्माण के क्या नियम रहेंगे, जिनका एफएआर नहीं बचता उन्हें मंजूरी मिलेगी या नहीं। टीसीपी खुद ढाई मंजिला भवनों में ही नए नियमों के अनुसार एटिक निर्माण की मंजूरी दे रहा है, तो क्या शहर में भी सिर्फ ढाई मंजिलों वाले भवनों को ही यह सुविधा मिलेगी। ओल्ड लाइन पर पास हुए नक्शों को यह सुविधा मिलेगी या नहीं, इस पर भी निर्देश जारी करने को कहा है।
600 नक्शे हर साल होते हैं नगर निगम में पास
शिमला शहर में हर साल 600 से ज्यादा भवनों के नक्शे पास होते हैं। इन्हें ज्यादातर रिवाइज नक्शे शामिल रहते हैं। शहरवासी भी सरकार के नए फैसले के अनुसार अपने एटिक की ऊंचाई बढ़ाना चाहते हैं। इसलिए निगम से संपर्क कर रहे हैं। निगम का कहना है कि लोग इसके लिए आवेदन दे सकते हैं। अगले कुछ दिन में विभाग से जैसे ही स्पष्टीकरण मिलेगा, इन पर फैसला लिया जाएगा।
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