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मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना
– फोटो : अमर उजाला
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मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना ने बुधवार को प्रदेश में आपदा प्रबंधन प्रणाली विषय पर आयोजित समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार हिमाचल में आई प्राकृतिक आपदा का आकलन कर आपदा प्रबंधन प्रणाली को और सुदृढ़ करने के लिए कार्य कर रही है। इससे आपदा उपरांत भौतिक व आर्थिक तथा पुनर्वास की आवश्यकताओं को पूरा करने में सहायता करता है। प्रदेश में आपदा के बाद दो चरणों में सामाजिक, अधोसंरचना और उत्पादन इत्यादि क्षेत्रों में हुई क्षति का सटीक आकलन किया गया है।
इसके तहत सड़कों, मकानों, कृषि, बागवानी, पर्यटन, स्वास्थ्य और ऊर्जा इत्यादि क्षेत्रों को हुए नुकसान की विस्तृत रिपोर्ट तैयार की गई है। प्रदेश के विभिन्न विभागों के फील्ड स्टाफ ने आपदा से हुई क्षति का आकलन किया है। इसका मूल्यांकन कर प्रदेश में आपदा पूर्व तैयारी और आपदा से होने वाली क्षति के न्यूनीकरण की दिशा में कार्य किया जा रहा है।
मुख्य सचिव ने कहा कि प्रदेश में मौसम पूर्वानुमान के लिए अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी आधारित प्रणाली विकसित की जाएगी। उन्होंने कहा कि अमूल्य मानवीय जीवन बचाने के दृष्टिगत शहरी क्षेत्रों में शहरी एवं नगर नियोजन अधिनियम के नियमों की अनुपालना सुनिश्चित की जाएगी और योजनाबद्ध निर्माण कार्यों को बढ़ावा दिया जाएगा। प्रदेश में अनेक जल विद्युत परियोजनाएं स्थापित हैं। लोगों के जीवन और बांधों की सुरक्षा के दृष्टिगत बाढ़ चेतावनी प्रणाली विकसित की जाएगी ताकि इससे होने वाले नुकसान को कम किया जा सके।
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