Shimla News: सड़कें बंद होने से तोड़ा सेब हुआ खराब, बागवान ने बहाया नाले में, वीडियो वायरल

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Roads closed and neither collection centers open, gardeners throw apples in drain, video viral

बागवानों ने नाले में फेंक दिया सेब।
– फोटो : संवाद

विस्तार


हिमाचल प्रदेश में हो रही बारिश के चलते 15 से 20 दिनों से बंद पड़ीं दुर्गम क्षेत्रों की सड़कों के कारण सेब बागवानों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। रोहड़ू की बराल पंचायत के चैणु गांव के एक बागवान का तोड़ा हुआ 25 पेटी सी ग्रेड सेब खराब हो गया, जिसके बाद उसने सेब नाले में बहा दिया। नाले में सेब बहाने का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इसके बाद कांग्रेस और भाजपा ने एक-दूसरे को घेरना शुरू कर दिया है। बागवानों में रोष है कि सरकार अभी तक सी ग्रेड सेब खरीदने के लिए सभी क्लेक्शन सेंटर भी नहीं खोल पाई है। इन सेंटरों में मंडी मध्यस्थता योजना के तहत सी ग्रेड का सेब सरकार 9.30 रुपये प्रति किलो के हिसाब से खरीदती है।

15 जुलाई तक क्लेक्शन सेंटर खुल जाते थे। बागवान अपना सी ग्रेड सेब इन सेंटरों में आसानी से बेच देते हैं। आपदा की इस घड़ी में बागवानों को सरकारी अनदेखी के चलते भारी दिक्कतों से दो-चार होना पड़ रहा है। कम ऊंचाई वाले क्षेत्रों में पचास प्रतिशत सेब सीजन निपट चुका है, लेकिन अभी तक प्रदेश सरकार एमआईएस के तहत सभी सेब क्लेक्शन सेंटर नहीं खोल पाई है। जुब्बल, कोटखाई और रोहडू उपमंडल में 200 से अधिक सेब क्लेक्शन सेंटर खुलते हैं। इन दिनों बागवान ए-ग्रेड व बी-ग्रेड सेब तो पेटियों में भरकर मंडियों में भेज रहे हैं, लेकिन सी-ग्रेड सेब क्लेक्शन सेंटरों के खुलने से पहले ही खराब हो रहा है।

बागवान रोशन लाल, विवेक, जतिन चौहान, प्रेम, यशपाल, राजिंद्र सिंह, अनिल चौहान, प्रदीप, लाकेश्नर, अशोक, कुलदीप ठाकुर और बबली ठाकुर ने बताया कि सेब सीजन चल रहा है। सड़कों की दशा दयनीय बनी हुई है। वहीं सरकार अभी तक एमआईएस के तहत सेब क्लेक्शन सेंटर नहीं खोल पाई है, जिस कारण बागवानों को सी ग्रेड सेब फेंकना पड़ रहा है। उधर, एचपीएमसी की जुब्बल शाखा के प्रभारी भवानी सिंह ने बताया कि 1 अगस्त तक सेंटर खोल दिए जाएंगे।

नाले में सेब फेंकने के मामले की जांच का जिम्मा एसडीएम को : नेगी

बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी ने कहा कि रोहडू की बराल पंचायत के गांव बलासन में नाले में बागवान के सेब फेंकने का मामला सामने आया है। इसकी जांच का जिम्मा एसडीएम को सौंपा गया है। पता चला है कि बागवान ने अपना सेब बेच दिया है। ग्रेडिंग कर जो दागी सेब बचा था, उसे नाले में फेंका गया है। भाजपा कार्यकर्ताओं के इशारों पर यह सब किया गया है।

 

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