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मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू
– फोटो : सोशल मीडिया
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परिवहन विभाग ने इलेक्ट्रिक वाहनों से एक साल में 28,32,853 रुपये की बचत की है। प्रदेश सरकार ने 3 फरवरी, 2023 को परिवहन विभाग को 19 ई-वाहन दिए थे। एक साल में इन वाहनों के प्रयोग से कार्बन उत्सर्जन में 87.318 टन की कमी आई है। मुख्यमंत्री सुखविद्र सिंह सुक्खू ने कहा है कि ई-वाहनों के प्रयोग से जहां पर्यावरण संरक्षण हो रहा है, वहीं राजकोष को भी संबल मिल रहा है। हिमाचल सरकार का परिवहन विभाग देश का पहला ऐसा विभाग है, जिसमें सिर्फ ई-वाहनों का प्रयोग हो रहा है। इस वित्त वर्ष के अंत तक छह ग्रीन कॉरिडोर तैयार हो जाएंगे। मुख्यमंत्री का कहना है कि प्रदेश को 31 मार्च 2026 तक हरित ऊर्जा राज्य बनाने के सरकार के प्रयासों के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं।
प्रदेशवासियों को पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रोत्साहित करने के मकसद से वह स्वयं भी शिमला शहर में ई-वाहन का उपयोग कर रहे हैं। सरकार के इस कदम से पर्यावरण संरक्षण और हानिकारक कार्बन उत्सर्जन को कम करने में युवाओं की भागीदारी भी सुनिश्चित होगी। परिवहन क्षेत्र को सुदृढ़ बनाने और शहरी क्षेत्रों में वायु प्रदूषण पर अंकुश लगाने के लिए ई-वाहनों को प्रोत्साहन दिया जा रहा है। कार्बन फुटप्रिंट में कमी से लोगों के स्वास्थ्य पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। सरकार ने 680 करोड़ रुपये के प्रावधान के साथ राजीव गांधी स्वरोजगार स्टार्ट-अप योजना शुरू की है। इस योजना के पहले चरण में बेरोजगार युवाओं के लिए ई-टैक्सी की खरीद पर 50 प्रतिशत की सब्सिडी प्रदान की जा रही है।
युवाओं ने दिखाया ई-टैक्सी संचालित करने में उत्साह
बड़ी संख्या में बेरोजगारों ने सरकार की मदद से ई-टैक्सी संचालित करने के लिए उत्साह दिखाया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार का लक्ष्य पैट्रोल-डीजल पर निर्भरता कम करना है, जिससे इस पर खर्च होने वाली धनराशि का उपयोग विकास कार्यों के लिए किया जा सके। प्रदेश सरकार की पहल का देश के अन्य राज्य भी अनुसरण कर रहे हैं।
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