Shraddha murder case : आज होगा आफताब के पॉलीग्राफ टेस्ट का मुख्य सत्र, दिल्ली पुलिस की लापरवाही उजागर

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श्रद्धा हत्याकांड मामले में आरोपी आफताब अमीन पूनावाला (28) के पॉलीग्राफ टेस्ट का मुख्य सत्र आज होगा। कल बुखार होने के कारण नहीं हो पाया था। आफताब ने पॉलिग्राफी टेस्ट के पहले सत्र में सभी सवालों के सही जवाब दिए। ऐसा कोई सवाल नहीं था कि जिसका उसने जवाब नहीं दिया। दूसरी तरफ आफताब को बुखार होने से बुधवार को पॉलिग्राफी टेस्ट का मुख्य सत्र नहीं हो पाया। वहीं, पुलिस इस मामले में लापरवाही बरत रही है। रोहिणी स्थित एफएसएल के कर्मचारी बुधवार को दिनभर इंतजार करते रहे, लेकिन दिल्ली पुलिस ने आफताब के बीमार होने की जानकारी नहीं दी।

दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि बुखार के कारण मेडिकली फिट नहीं होने से आफताब का बुधवार को पॉलिग्राफी टेस्ट रद्द करने का फैसला किया गया। ऐसे में मुख्य सत्र बृहस्पतिवार को होगा। पॉलिग्राफी टेस्ट के जानकारों का कहना है कि अगर इसमें आरोपी झूठ बोलता है तो नार्को किया जाता है। हालांकि, आफताब के नार्को टेस्ट की अभी तक तारीख तय नहीं की गई है।

किस सत्र में क्या होता है…
पहला सत्र : पॉलिग्राफी टेस्ट के विशेषज्ञों ने बताया कि टेस्ट के तीन सत्र होते हैं पहला, मुख्य व पोस्ट सत्र। आफताब का पहला सत्र हो गया है। आरोपी को मंगलवार दोपहर को एफएसएल ले लाया गया। रात करीब 10 बजे उसे बाहर लाया गया। पहले सत्र में आरोपी का परिचय लिया गया।साथ ही, केस से संबंधित पुलिस अफसरों से बात की गई। प्रयोगशाला के कर्मियों व पुलिस अफसरों के सवाल इसमें शामिल किए गए।

मुख्य सत्र : इसमें आरोपी का परीक्षण किया जाता है और पुलिस सवाल पूछती है। साथ ही, एफएसएल के फोरेंसिक वैज्ञानिक सवाल पूछते हैं। अगर आरोपी गलत जवाब देता है तो मशीन उस झूठ को पकड़ लेती है। इसके बाद फोरेंसिक वैज्ञानिक झूठ बोलने पर प्रश्नावली तैयार करते हैं।

पोस्ट सत्र : आरोपी से उसके दिए गए झूठे जवाबों के आधार पर तैयार की गई प्रश्नावली से सवाल पूछे जाते हैं। अगर आरोपी सवालों के जवाब सही देता है तो उसे मशीन रिकार्ड कर लेती है। अगर आरोपी झूठ बोलता है तो उसे मशीन बता देती है। इसके बाद इसके ईदगिर्द सवाल तैयार किए जाते हैं। झूठे जवाबों के आधार पर सवाल तैयार किए जाते हैं।

अभी तय नहीं हुई नार्को टेस्ट की तारीख 
दिल्ली पुलिस अधिकारियों के अनुसार पॉलिग्राफी टेस्ट खत्म होने के बाद नार्को किया जाता है। ये अस्पताल में होता है। इसमें आरोपी को बेहोशी की हालत में लाने के लिए दवाइयां दी जाती हैं। ऐसे में मेडिकल इमरजेंसी की जरूरत पड़ सकती है। इस कारण ये टेस्ट अस्पताल में किया जाता है। आफताब के नार्को टेस्ट की तारीख अभी तक तय नहीं हुई है। हालांकि, पुलिस ने अंबेडकर अस्पताल में निवेदन पत्र दे रखा है।

नशे की लत ने बेटे को बनाया हैवान
हरकतों को देखकर पिता ने कर दिया था जायदाद से बेदखल
शुुजात आलम
नई दिल्ली। पालम हत्याकांड के आरोपी केशव काे नशे की लत ने हैवान बना दिया। नशा छुड़ाने के लिए एक साल से परिवार ने नशा मुक्ति केंद्र में उसे भर्ती करा रखा था। दशहरे के मौके पर दादी दीवानो देवी जब उससे मिलने गईं तो वह गिड़गिड़ाने लगा। इस पर दादी का दिल पसीज गया और वह पूरे परिवार से लड़कर केशव को घर ले आईं। लौटते ही उसने दोबारा से नशा शुरू कर दिया। दिनेश भी बेटे से इस हरकत से परेशान थे। उन्होंने केशव को जायदाद से बेदखल कर रखा था। केशव पर बेंगलूरू दिल्ली में चोरी व लूट के तीन मुकदमे दर्ज हैं। पिता ने ही तीनों मामलों में उसकी जमानत करवाई थी। 
केशव के चचेरे भाई कुलदीप ने बताया कि बचपन से ही चाचा ने केशव को बहुत प्यार से पाला। उसकी हर मांग को पूरा किया। यही वजह थी कि वह बिगड़ गया। ओपन स्कूल से सात साल पहले 12वीं करने के बाद केशव नौकरी करने बेंगलूरू चला गया। वहां कुछ ही दिनों बाद उस पर कुछ कागजात के फर्जीवाड़े और चोरी का आरोप लगा। दिनेश जमानत कराकर दिल्ली ले आए। यहां आकर भी हरकतें जारी रहीं। उसने पालम में लूटपाट के अलावा एटीएम बूथ में चोरी का प्रयास किया। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। एक बार फिर दिनेश ने उसकी जमानत दे दी। केशव की हरकतों से उसका दोनों ताऊ के जाना भी बंद था। दशहरे पर नशा मुक्ति केंद्र से वापस आने के बाद केशव ने दोबारा नशे के लिए रुपये मांगना शुरू कर दिया था। माता-पिता के पैसे न देने पर वह दादी से जबरन पैसे ले जाता था। 3 नवंबर को वह रुपये मांगने दादी के पास पहुंचा तो उन्होंने इंकार कर दिया। वह नाराज होकर घर से चला गया। दोपहर को वह तीन दोस्तों के साथ घर पहुंचा और पहली मंजिल की सीढ़ी पर रखे इनवर्टर की बैटरी चुराकर ले गया। 
इसके बाद कई दिनों तक वह घर नहीं लौटा। उस समय दादी बड़े बेटे चंद्रपाल के साथ पहली मंजिल पर थीं। दो दिन पूर्व आरोपी घर पहुंचा तो दीवानो उसे समझाने के लिए दिनेश के घर रुक गईं, लेकिन वह नहीं माना और झगड़ा करता रहा। एक परिजन ने बताया कि केशव का एक लड़की से प्रेम प्रसंग भी था। लड़की ने नशे की वजह से उसे छोड़ दिया था, तब से वह परेशान था। माना जा रहा है कि इन सब वजहों से केशव ने वारदात की।

केशव करता था बाकी परिजनों से गाली-गलौज
नई दिल्ली। पालम स्थित राजनगर पार्ट-2 में बुधवार सुबह सन्नाटा पसरा हुआ था। लोग जगह-जगह समूह बनाकर बस चारों लोगों की हत्या का ही जिक्र कर रहे थे। 
किसी को भी यकीन नहीं हो रहा था कि भला एक बेटा जन्म देने वाले माता-पिता और बहन-दादी की हत्या कैसे कर सकता है। एक साथ चार लोगों की मौत से परिवार गहरे सदमे में है। केशव अक्सर बाकी परिजनों से गाली-गलौज करता था। मंगलवार सुबह रुपयों को लेकर केशव मां से झगड़ा भी हुआ था। परिजनों ने बताया कि जिस पोते से दादी सबसे अधिक प्यार करती थी, उसने उन्हें भी नहीं छोड़ा। दीवानो देवी अक्सर केशव को चुपचाप रुपये दे देती थीं। कई दिन बाद जब केशव घर आया था तो वह खुद को रोक नहीं सकीं और उससे मिलने के लिए छोटे बेटे दिनेश के घर चली गईं। फिलहाल दो दिनों से वह वहीं रुकी हुई थीं। अब बड़े बेटे चंद्रपाल को मलाल है कि मां क्यों उनका घर छोड़कर छोटे भाई के यहां चली गई थी। दिनेश के पिता रामानंद शर्मा दिल्ली के बड़े वेटनरी डॉक्टर थे। उनका इलाके में खासा नाम था। चंद्रपाल ने भी पिता के कहने पर वेटनरी डॉक्टर की पढ़ाई की। वर्ष 2014-15 में रामानंद शर्मा की मौत हुई तो बड़े बेटे ईश्वर सिंह ने अलग मकान बना लिया। वह गली में दो-तीन मकान छोड़कर ही रहते हैं। चंद्रपाल और दिनेश एक ही मकान में पहली और दूसरी मंजिल पर रहते थे। दीवानो देवी कुछ-कुछ समय के लिए अपने तीनों ही बेटों के पास रुकती थीं। ब्यूरो

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पिता पर था सबसे ज्यादा गुस्सा, चाकू से किए 20 वार
पुरुषोत्तम वर्मा
नई दिल्ली। केशव परिवार के सदस्यों की हत्या की साजिश कई दिनों से रच रहा था। पुलिस पूछताछ में आरोपी ने यह बात स्वीकार की है। साजिश के तहत ही वह बड़ा वाला चाकू लेकर आया था। वह पिता दिनेश कुमार से सबसे ज्यादा गुस्से में रहता था। 
 इसकी वजह ये थी कि उसकी दादी व मां तो उसे पैसे दे देती थी, लेकिन पिता पैसे नहीं देते थे। पिता हमेशा पैसे देने का विरोध करते थे। यही वजह है कि उसने पिता पर चाकू से 18 से 20 वार किए। माता-पिता की हत्या करने के बाद शवों को बाथरूम में डाल दिया था। पुलिस ने आरोपी को तीन दिन के पुलिस रिमांड पर लिया है। 
दक्षिण-पश्चिमी जिला पुलिस अधिकारियों के अनुसार, पूछताछ में केशव ने बताया है कि उसने सबसे पहले दादी दीवानो देवी की हत्या की। पहले दादी का गला दबाया फिर चाकू से वार किए। इसके बाद मां की हत्या की। आरोपी ने मां दर्शना सैनी पर चाकू से 8 से 10 वार किए। इसके बाद पिता की हत्या की। पिता पर उसने करीब 20 बार चाकू से वार किया। इसके बाद उसने बहन उर्वशी की हत्या की। बहन पर उसने 8 से 10 बार वार  किए। पुलिस केशव स्मैक पीता था। वह नशे के लिए आए दिन पैसे मांगता था। इस कारण परिवार में हर रोज झगड़ा होता था। इससे केशव तंग आ गया था। पैसे नहीं मिलने पर वह नशा नहीं कर पाता था और आए दिन आगबबूला हो जाता था। पुलिस की जांच में ये बात सामने आई है कि वह परिवार के सदस्योंं के साथ पहले भी मारपीट कर चुका है। पालम थाने में लॉकअप नहीं है। इस कारण आरोपी को दिल्ली कैंट थाने के लॉकअप में रखा गया है। पालम थाने की एक टीम दिल्ली कैंट के थाने में आरोपी से देर रात पूछताछ कर रही थी।

नशे की तलब के आगे व्यक्ति को कुछ नहीं सूझता
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। पालम इलाके में नशे के लिए पैसे नहीं देने पर परिवार के चार लोगों की निर्मम हत्या नशा जनित बर्बादी का दुष्परिणाम है। मनोचिकित्सकों का मानना है कि नशे की तलब के आगे व्यक्ति को कुछ नहीं सूझता है। अगर व्यक्ति गुस्सैल स्वभाव का है तो वह अधिक खतरनाक हो जाता है। 
राम मनोहर लोहिया अस्पताल के वरिष्ठ मनोचिकित्सक डॉ. लोकेश शेखावत ने बताया कि नशे की लत के कारण व्यक्ति संवेदनहीन हो जाता है। उसका घर-परिवार से भावनात्मक जुड़ाव धीरे-धीरे खत्म हो जाता है। ऐसे व्यक्ति को नशा करने से रोका जाए तो परिणाम की चिंता किए बगैर कुछ भी कर जाता है। ऐसे लोगों को परिवार और समाज से कोई मतलब नहीं रहता है। उनके जीवन के लिए नशा ही सबसे अधिक महत्वपूर्ण हो जाता है। वहीं, नशा मुक्ति विशेषज्ञ डॉ. पंकज कुमार कहते हैं कि नशे की लत बढ़ने के साथ ही नशीला पदार्थ लेने की मात्रा भी बढ़ती जाती है। इसके व्यक्ति के सोचने समझने की क्षमता प्रभावित होती है। नशा नहीं मिलने पर उसे बेचैनी, घबराहट और अनिद्रा की शिकायत होने लगती है। साथ ही, स्वभाव गुस्सैल हो जाता है। 
ऐसे में नशापान करने में कोई रुकावट बनता है तो वह उसे रास्ते से हटाने की सोचने लगता है। नशे ने केशव को भी इस कदर कैद में जकड़ लिया कि उसने परिजनों को ही मौत के घाट उतार दिया।

नशे से मुक्ति चाहने वालों में दिल्ली  चौथे नंबर पर
सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय की रिपोर्ट के मुताबिक, नशे से मुक्ति चाहने वालों के मामले में दिल्ली तीसरे नंबर पर है। इस साल जुलाई में आए आंकड़ों के अनुसार नेशनल एक्शन प्लान फॉर ड्रग डिमांड रिडक्शन (एनएपीडीडीआर) से मध्यप्रदेश में सबसे अधिक 48929 लोगों को लाभ मिला। इसमें ओडिशा (31931) और राजस्थान (22103) के बाद दिल्ली 17019 लाभार्थियों के साथ चौथे नंबर पर है।

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मुस्लिम छात्रों को छात्रवृत्ति देने में दिल्ली पर केंद्र भारी

नवनीत शरण
नई दिल्ली। छात्रवृत्ति योजनाओं का लाभ लेने देने में दिल्ली के मुकाबले केंद्र सरकार आगे रही है। 2020-21 में केंद्र सरकार की तीन छात्रवृत्ति योजनाओं का लाभ 11,110 मुस्लिम छात्रों ने उठाया। वित्त वर्ष 2021-22 में आंकड़ा बढ़कर 14,147 पहुंच गया। दूसरी तरफ दिल्ली सरकार की योजनाओं में 2020-21 के दौरान महज 307 अल्पसंख्यक ही लाभ उठा सके। दिल्ली सरकार के समाज कल्याण विभाग के पास वित्त वर्ष 2021-22 के आंकड़े उपलब्ध नहीं है। 
यह खुलासा उपराज्यपाल कार्यालय को समाज कल्याण विभाग से भेजी गई फाइल से हुआ है। इसमें बताया गया है कि मौजूदा वित्तीय वर्ष का आंकड़ा मैनुअल तैयार किया जा रहा है। समुदाय-वार इसका डाटा ई-डिस्ट्रक्टि पोर्टल पर उपलब्ध नहीं है। दरअसल, उपराज्यपाल कार्यालय को दिल्ली सरकार के समाज कल्याण विभाग ने छात्रवृत्ति योजनाओं से जुड़ी एक फाइल भेजी है।  सूत्रों का कहना है कि । दिल्ली सरकार जिन तीन योजनाओं को संचालित कर रही है, उसमें मुस्लिम लाभार्थियों की संख्या बेहद कम है। 

केंद्र की योजना : प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति से कुल 18,999, पोस्ट मैट्रिक योजना से 5664                और व्यावसायिक व तकनीकी पाठ्यक्रम से कुल 594 छात्रों को फायदा मिला। 
दिल्ली सरकार की योजना पहली से बारहवीं के छात्रों को ट्यूशन शुल्क का फायदा 283 छात्रों को मिला। पेशेवर/तकनीकी कॉलेजों व िववि में पढ़ने वाले 24 छात्रों को मेरिट छात्रवृत्ति मिली। 

ये है योजना
n    केंद्र सरकार की योजना में एक से दसवीं तक के छात्रों को शामिल किया गया है।
n    इसका विवरण भारत सरकार के राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल एनएसपी पर प्रदर्शित किया जाता है।
n दिल्ली सरकार की योजना का फायदा 9वीं और 10वीं के छात्रों को मिलता है। ई-जिला पोर्टल पर विवरण उपलब्ध नहीं है।

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सीजन का सबसे कम 8 डिग्री रहा तापमान, और गिरेगा पारा

सुबह छाई रहेगी धुंध, मौसमी परिस्थितियों में बदलाव से बेहद खराब श्रेणी में रही हवा
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। मौसमी परिस्थितियों में बदलाव के चलते बुधवार को न्यूनतम पारा सामान्य से तीन लुढ़ककर सीजन का सबसे कम आठ डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इससे पहले सोमवार को न्यूनतम तापमान 8.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि अगले 24 घंटे में पारा और गिरेगा। साथ ही सुबह में धुंध छाई रहेगी।
मौसम विभाग के मुताबिक, बीते 24 घंटे में अधिकतम तापमान सामान्य से एक अधिक 27 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हवा में नमी का स्तर 29 से 90 फीसदी रहा। सुबह कुछ जगहों पर धुंध छाई रही व दिन में धूप निकली रही। धूप ढलने के बाद शाम को सर्दी का अहसास बढ़ गया था।
इधर, मौसमी परिस्थितियां अनुकूल होने से एनसीआर की हवा में सुधार जारी है। फरीदाबाद, गाजियाबाद, ग्रेटर नोएडा और नोएडा की हवा औसत श्रेणी में दर्ज की गई है। वहीं, दिल्ली की हवा 237 औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) के साथ सबसे खराब दर्ज की गई। वायु मानक एजेंसियों का पूर्वानुमान है कि अगले 24 घंटे में वायु गुणवत्ता में खास बदलाव की संभावना नहीं है। हालांकि, 25 नवंबर के बाद से मौसमी परिस्थितियों में बदलाव की वजह से और खराब होगी।  मिक्सिंग हाइट व वेंटिलेशन इंडेक्स कम होने की संभावना 
भारतीय उष्णदेशीय मौसम विज्ञान संस्थान (आईआईटीएम) के मुताबिक, बीते 24 घंटे में मिक्सिंग हाइट का स्तर 1200 मीटर व वेंटिलेशन इंडेक्स 7500 वर्ग मीटर प्रति सेकेंड रहा। हवा की रफ्तार 12 से 16 किलोमीटर प्रतिघंटा दर्ज की गई। विभाग का पूर्वानुमान है कि अगले दो दिनों में मिक्सिंग हाइट और वेंटिलेशन इंडेक्स दोनों ही कारकों में कमी आएगी। अगले 24 घंटे में मिक्सिंग हाइट एक हजार मीटर व वेंटिलेशन इंडेक्स 5700 वर्ग मीटर प्रति सेकंड और हवा की दिशा पश्चिम- उत्तर-पश्चिम व रफ्तार 12 किलोमीटर प्रतिघंटा रह सकती है। वहीं, इसके अगले दिन हवा की दिशा उत्तर-पश्चिम और दक्षिण-पश्चिम रहने के साथ रफ्तार घटकर चार से छह किलोमीटर प्रतिघंटा और मिक्सिंग हाइट 850 मीटर व वेंटिलेशन इंडेक्स 1500 वर्ग मीटर प्रति सेकेंड तक दर्ज किए जाने की संभावना है।
प्रदूषण में पराली के धुएं की हिस्सेदारी 3% 
 केंद्र की वायु मानक संस्था सफर इंडिया के मुताबिक, बीते 24 घंटे में दिल्ली-एनसीआर के प्रदूषण में पराली के धुएं की हिस्सेदारी तीन फीसदी रही। वहीं, पीएम 2.5 से छोटे कणों की पीएम 10 में 52 फीसदी हिस्सेदारी दर्ज की गई है। पीएम 10 का स्तर 167 व पीएम 2.5 का स्तर 88 माइक्रोग्राम प्रतिघन मीटर दर्ज किया गया। भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान के मुताबिक, उत्तर भारत में पंजाब में सबसे अधिक 140 जगहों पर पराली जलने की घटनाएं रिकॉर्ड की गईं। वहीं, हरियाणा में 27, उत्तरप्रदेश में 73, मध्यप्रदेश में 259 और राजस्थान में 10 जगहों पर पराली जली है। 

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5 साल में और प्रदूषित हुई यमुना
दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति ने जारी की रिपोर्ट
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। यमुना में प्रदूषण का स्तर बीते 5 वर्ष में और बढ़ा है। इसका खुलासा दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी) की रिपोर्ट से हुआ है।  रिपोर्ट के मुताबिक अलग-अलग इलाकों से लिए गए नमूने पैमाने पर खरे नहीं उतरे हैं। पल्ला को छोड़कर, जैविक ऑक्सीजन मांग (बीओडी) का वार्षिक औसत स्तर अलग-अलग जगहों पर बढ़ा है। 
जैविक ऑक्सीजन मांग पानी की गुणवत्ता का आकलन करने के लिए महत्वपूर्ण मानक है। यह एक जल निकाय में मौजूद कार्बनिक पदार्थों को विघटित करने के लिए सूक्ष्मजीवों द्वारा आवश्यक ऑक्सीजन की मात्रा है। पानी में तीन मिलीग्राम प्रति लीटर से कम बीओडी का स्तर अच्छा माना जाता है। डीपीसीसी ने दिल्ली में यमुना के प्रवेश स्थान पल्ला में पानी के नमूने एकत्र करने के साथ वजीराबाद, आईएसबीटी, आईटीओ, निजामुद्दीन, आगरा कैनाल ओखला बैराज और असगरपुर से भी लिए। 
डीपीसीसी के आंकड़ों से पता चलता है कि पिछले पांच वर्षों में (2017 से 2022 तक) पल्ला में वार्षिक औसत बीओडी स्तर में कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ है। वहीं, वजीराबाद में यह तीन मिलीग्राम प्रतिलीटर से बढ़कर करीब नौ मिलीग्राम प्रति लीटर हो गया है। कश्मीरी गेट पर बीओडी का स्तर लगभग 30 एमजी प्रति लीटर से बढ़कर 50 हो गया है। आईटीओ पर यह स्तर 22 मिलीग्राम प्रतिलीटर से बढ़कर 55, निजामुद्दीन पर 23 मिलीग्राम प्रति लीटर से लगभग 60 और ओखला बैराज में आगरा नहर में 26 मिलीग्राम प्रति लीटर से बढ़कर 63 हो गया। वहीं, ओखला बैराज में 26 मिलीग्राम/ली से 69 मिलीग्राम/ली और असगरपुर में लगभग 30 मिलीग्राम/ली से 73 मिलीग्राम/ली तक का स्तर दर्ज किया गया है।   पर्यावरणविद मनोज मिश्रा के अनुसार, अपशिष्ट जल और औद्योगिक अपशिष्ट व इन-सीटू तकनीकों का उपयोग करके साफ करने से प्रदूषक भार को काफी कम करने में मदद मिल सकती है। इन-सीटू जैविक उपचार तकनीकों में जलीय पौधों या सूक्ष्मजीव उपचार विधियों का उपयोग उपचार के लिए किया जाता है। ऐसी प्रणालियां चालू होने में कम समय लेती हैं।
नहाने के लिए बीओडी प्रति मिलीग्राम तीन से कम होना उपयुक्त 
विशेषज्ञों के मुताबिक, यमुना नदी को स्नान के लिए तभी उपयुक्त माना जा सकता है, जब बीओडी प्रति लीटर तीन मिलीग्राम से कम हो और घुलित ऑक्सीजन (डीओ) पांच मिलीग्राम प्रति लीटर से अधिक हो। घुलित ऑक्सीजन (डीओ) जीवित जलीय जीवों के लिए उपलब्ध ऑक्सीजन की मात्रा है। यदि पानी में डीओ का स्तर पांच मिलीग्राम प्रति लीटर से नीचे चला जाता है, तो जलीय जीवन तनाव में आ जाता है। 

यहां से लिए नमूने
वजीराबाद, आईएसबीटी आईटीओ, निजामुद्दीन, आगरा कैनाल ओखला बैराज, असगरपुर

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4 लाख से कम आय पर फीस में मिलेगी 100 प्रतिशत छूट
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) में स्नातक (यूजी) और स्नातकोत्तर (पीजी) की पढ़ाई करने वाले छात्रों की पारिवारिक आय चार लाख से कम होने पर अब फीस में 100 फीसदी की छूट मिलेगी। 
छात्रों को सिर्फ परीक्षा और हॉस्टल शुल्क ही देना पड़ेगा। डीयू ने आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्रों के लिए वित्तीय सहायता योजना शुरू की है। इसके तहत चार लाख से कम आय वालों को फीस नहीं देनी होगी। जबकि चार से आठ लाख रुपये पारिवारिक आय वाले छात्रों को फीस में 50 फीसदी की छूट मिलेगी। इसका लाभ लेने के इच्छुक विद्यार्थी 12 दिसंबर शाम चार बजे तक आवेदन कर सकते हैं। डीयू के डीन स्टूडेंट वेलफेयर (डीएसडब्लयू) कार्यालय ने बुधवार को इसकी घोषणा की। विद्यार्थी योजना के आवेदन फॉर्म को पोर्टल से डाउनलोड या डीएसडब्लयू कार्यालय से प्राप्त कर सकते हैं। आवेदन फॉर्म भरने के बाद इसे डीएसडब्लयू कार्यालय में जमा कराना होगा। 
ऐसे विद्यार्थी जिन्होंने डीयू के पूर्णकालिक पाठ्यक्रम में दाखिला लिया है और उनके परिवार की वार्षिक आय चार लाख रुपये से कम है, उन्हें फीस शुल्क में 100 फीसदी तक की छूट मिलेगी। जबकि जिन विद्यार्थियों की पारिवारिक आय चार लाख रुपये से आठ लाख रुपये के बीच है, उन्हें योजना के तहत 50 प्रतिशत तक की छूट मिलेगी। ऐसे विद्यार्थी जिनकी पिछली परीक्षा में ईआर हो या कोई पेपर पास होना रह गया है वह इस योजना के लिए आवेदन के पात्र नहीं है। इस योजना का लाभ लेने के लिए विद्यार्थी के पास पिछले वर्ष का वार्षिक पारिवारिक आय प्रमाण पत्र, माता-पिता के आईटीआर की प्रति, पिछली उत्तीर्ण परीक्षा की अंकतालिका प्रतियां, यूजी-पीजी डिग्री कोर्स की प्रति की आवश्यकता होगी। 

डीएसईयू : आज जारी होगा सीटों का आवंटन
नई दिल्ली। दिल्ली कौशल एवं उद्यमिता विश्वविद्यालय (डीएसईयू) में स्नातक पाठ्यक्रमों में दाखिले के लिए चौथी सूची के तहत बृहस्पतिवार को सीटों का आवंटन होगा। छात्रों को विश्वविद्यालय के अलग-अलग परिसरों में दाखिला मिलेगा। आवंटन के बाद सीट पक्की करने के लिए छात्रों को 7875 रुपये का भुगतान करना होगा। विश्वविद्यालय के एक अधिकारी के मुताबिक, अभी प्रत्येक पाठ्यक्रमों में दाखिले का अवसर है। फीस जमा करने के लिए छात्रों के पास 24 से 26 नवंबर तक का समय है। फीस जमा होते ही दस्तावेज का ऑनलाइन सत्यापन शुरू हो जाएगा। यह प्रक्रिया आगामी 27 नवंबर तक चलेगी। ब्यूरो

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घोषणा पत्र को संकल्प पत्र के तौर पर पेश करेगी भाजपा
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। एमसीडी चुनाव में मतदाताओं को आकर्षित करने के लिए भाजपा एक बार फिर बड़ी-बड़ी घोषणाएं करने की तैयारी में है। भाजपा घोषणा पत्र को संकल्प पत्र के तौर पर पेश करेगी। इसमें वादों की झड़ी लगाई जाएगी। मुख्य तौर पर पार्किंग की व्यवस्था करने के साथ मोहल्ला क्लीनिक, शिक्षा व स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार का संकल्प लिया जाएगा। पहली बार भाजपा ने आरडब्ल्यूए से           भी राय ली है।
भाजपा अपने संकल्प पत्र में सभी वर्गाें की सुविधाओं का ख्याल रखेगी। सरकार के स्वास्थ्य मॉडल को टक्कर देने के लिए एमसीडी की सभी डिस्पेंसरी, अस्पताल और जोनल चिकित्सालयों के परिसरों में जन औषधी केंद्र खोलने का वादा कर सकती है। संकल्प पत्र में लोगों की अधिक से अधिक भागीदारी के जरिये उनकी समस्या की जड़ तक पहुंचना है। डिजिटलीकरण को भी ध्यान में रखा             जाएगा। हाउस टैक्स की दिक्कतों को भी दूर करने के साथ महिलाओं के नाम पर पंजीकृत प्रॉपर्टी के लिए खास छूट देने की घोषणा की जा सकती है। 
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष आदेश गुप्ता ने बताया कि एमसीडी में सरकार आते ही दिल्ली में पार्किंग की समस्या को दूर किया जाएगा। जिस तरह पार्किंग स्थलों का निर्माण शुरू किया है, उसे देखते हुए दावे से कह सकते हैं कि इस बार दिल्ली में बहुत सारे पार्किंग स्थल बना देंगे। सत्ता में वापसी करते ही जो प्रोजेक्ट लाॅन्च हुए हैं, उनमें से कुछ अगर पूरे नहीं हुए तो उन्हें पूरा करेंगे और साथ ही साथ कई सारे नए प्रोजेक्ट भी संकल्प पत्र में लेकर आएंगे।

कांग्रेस ने बागी कार्यकर्ताओं  को कारण बताओ नोटिस

अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। एमसीडी चुनाव में कांग्रेस की नीतियों के खिलाफ काम करने वाले बागी कार्यकर्ताओं को पार्टी ने कारण बताओ नोटिस जारी किया है। दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी (डीपीसीसी) की अनुशासनात्मक कमेटी के चेयरमैन डॉ. नरेंद्र नाथ की अध्यक्षता में बुधवार को कमेटी की बैठक में यह निर्णय लिया गया। बागियों को नोटिस का जवाब देने के लिए 24 घंटे का वक्त दिया गया है। जवाब नहीं देने वालों पर पार्टी की तरफ से सख्त कार्रवाई की जाएगी।
चेयरमैन डॉ. नरेंद्र नाथ ने बताया कि कांग्रेस पार्टी उम्मीदवारों के खिलाफ बागी के तौर पर चुनाव लड़ने वाले सभी कार्यकर्ताओं से पार्टी ने जवाब मांगा है। तयशुदा वक्त पर जवाब नहीं मिलने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। डॉ. नरेंद्र नाथ ने बागी कार्यकर्ताओं की सूची जारी करते हुए बताया कि वार्ड नंबर (29) पूठ खुर्द से मेमवती बरवाला, राम नगर (वार्ड-80) से प्रेम चौधरी, कोंडली (193) से पूर्व निगम पार्षद राजीव वर्मा, कबीर नगर (वार्ड- 234) से इकरामुल हसन, जबकि मुस्तफाबाद (243) से पूर्व निगम       पार्षद प्रवीण कांग्रेस प्रत्याशियों के खिलाफ            चुनावी मैैैदान में उतरे हैं।

कांग्रेस ने हाउस टैक्स में राहत का खेला दांव
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। एमसीडी चुनाव में सत्ता हासिल करने पर कांग्रेस ने हाउस टैक्स में राहत देने की घोषणा की है। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अनिल कुमार और पूर्व विधायक अनिल भारद्वाज ने इसी कड़ी में हाउस टैक्स विजन पेश करते हुए दावा किया कि कांग्रेस ने दिल जीता है, दिल्ली भी जीतेंगे। पार्टी के नेताओं ने दावा किया कि निगम की सत्ता में आने पर दिल्ली के लाखों संपत्ति मालिकों को राहत देने के लिए नई व्यवस्था लागू की जाएगी। 
प्रदेश अध्यक्ष अनिल कुमार ने मीडिया के समक्ष विजन पेश करते हुए दावा किया कि जीत के बाद कांग्रेस मेरी चमकती दिल्ली बनाएगी। उन्होंने कहा कि एमसीडी चुनाव में जनता का पूरा समर्थन मिल रहा है। सत्ता में आने पर पहली ही बैठक में कांग्रेस दिल्ली के 25 लाख संपत्ति मालिकों को न्यूनतम टैक्स प्रणाली लागू करने की राहत देगी। इसके तहत हाउस टैक्स पिछला माफ, अगला हाफ और गांव में पूर्ण माफ की नीति लागू करने का खाका तैयार कर लिया है। उन्होंने कहा कि एमसीडी के टैक्स विभाग से भ्रष्टाचार को पूरी तरह साफ करके इंस्पेक्टर राज पर लगाम लगाई जाएगी। शीला दीक्षित सरकार के 2002-2007 के कार्यकाल की तर्ज पर दिल्ली के गांवों को संपत्ति कर के दायरे से बाहर किया जाएगा। 
40-45 फीसदी संपत्तियों से ही 2038 करोड़ का किया संग्रह : अनिल कुमार ने कहा कि निगम चुनावों में कांग्रेस पार्टी जनता के बीच अपनी बात रख रही है। आम आदमी पार्टी और भाजपा से जनता सवाल पूछ रही है आखिरकार खोखले वादे क्यों पूरे नहीं किए गए। दोनों पार्टियों के बहकावे में नहीं आने की जनता से कांग्रेस अपील कर रही है। कांग्रेस ने दावा किया कि सत्ता में आते ही     हाउस टैक्स विभाग को भ्रष्टाचार मुक्त बनाएगी।  
पिछले 15 वर्षों में निगम में संपत्ति कर वसूलने में भाजपा पर विफलता का आरोप लगाया कि तमाम कोशिशों के बावजूद 40-45 फीसदी संपत्तियों से ही हाउस टैक्स के रूप में 2038 करोड़ रुपये वसूल किए गए। 

आप के स्टार प्रचारकों ने जनसंवाद किया
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी ने एमसीडी चुनाव का प्रचार तेज कर दिया है। आप ने बुधवार को अपने स्टार प्रचारकों को मैदान में उतारा। उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया, दिल्ली प्रदेश संयोजक गोपाल राय, विधायक सौरभ भारद्वाज, दुर्गेश पाठक, पूर्व सांसद महाबल मिश्रा समेत कई स्टार प्रचारकों ने 60 क्षेत्रों में जनसंवाद किया।
पार्टी ने जनसभा के माध्यम से एमसीडी के लिए केजरीवाल की 10 गारंटी घर-घर पहुंचाने का काम शुरू किया है। जनसंवाद, पदयात्रा, डोर-टू-डोर के माध्यम से आप नेताओं ने संदेश दिया कि दिल्ली की जनता ने अरविंद केजरीवाल को जो भी जिम्मेदारियां दीं, उन्होंने बखूबी निभाया है। दिल्ली का एक-एक व्यक्ति जानता है कि जब से दिल्ली में केजरीवाल की सरकार आई है, बिजली, पानी, स्कूल, अस्पताल, बुजुर्गों के लिए मुफ्त तीर्थ यात्रा आदि बहुत काम हुए हैं। 
उधर, जनता ने भाजपा को एमसीडी में काम करने के लिए 15 साल मौका दिया, भाजपा ने एक काम नहीं किया है। उल्टा भाजपा ने दिल्ली को कूड़ा-कूड़ा कर दिया। आप नेताओं ने कहा कि हर वार्ड में अगर केजरीवाल का पार्षद होगा तो एमसीडी में भी तेजी से काम होगा। पार्टी काम की राजनीति करती है, जो काम किए हैं उनके बलबूते वोट मांगती है, जबकि भाजपा अपने 15 सालों का हिसाब देने से भाग रही है और वह केजरीवाल को बदनाम करने की राजनीति कर रही है। पार्टी प्रचार के दूसरे चरण में 1000 नुक्कड़ सभाएं करेगी। इसके अलावा आप बज कैंपेन के जरिए चुनाव प्रचार को गति देने जा रही है। इसमें गिटार शो, मैजिक शो, डंस फॉर डेमोक्रेसी आदि गतिविधियां शामिल रहेंगी।

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जश्न-ए-रेख्ता में गंगा-जमुनी तहजीब से रूबरू होंगे दर्शक

अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। गंगा-जमुनी तहजीब के उत्सव जश्न-ए-रेख्ता का आगाज दो दिसंबर से होगा। हिंदी-उर्दू के गीत-संगीत, मुशायरे और किस्सागोई का जश्न मनाने के लिए रेख्ता फाउंडेशन की ओर से जोर-शोर से तैयारियां की जा रही हैं। कार्यक्रम का आगाज मशहूर लेखक जावेद             अख्तर करेंगे।  
मेजर ध्यानचंद स्टेडियम में होने वाले आयोजन में 60 से अधिक कार्यक्रम होंगे। इन कार्यक्रमों में देश-दुनिया के डेढ़ सौ से अधिक कलाकार शिरकत करेंगे। दो दिसंबर को उद्घाटन कार्यक्रम में जावेद अख्तर के अलावा हरिहरन सुरों की महफिल सजाएंगे। तीन दिवसीय अलग-अलग विषयों पर चर्चा भी की जाएगी।
कार्यक्रम में शामिल होने के लिए पास होना अनिवार्य है। इसके लिए बेवसाइट पर जाकर पंजीकरण कराना होगा। सभी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ई-पास आपके व्हाट्सएप और ईमेल पर आ जाएगा।

हिंदी-उर्दू किताबों का भी सजेगा बाजार
दो से चार दिसंबर तक होने वाले आयोजन में पुस्तकों का भी बाजार लगेगा। इसमें हिंदी और उर्दू साहित्य से जुड़ीं किताबें मिलेंगी। ऐवान-ए-जायका के नाम लगने वाले फूड फेस्टिवल में लोग देश के अलग-अलग हिस्सों के लजीज व्यंजनों का जायका ले सकते हैं। 
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हजार साल से 14वीं पीढ़ी बना रही अरनमुला दर्पण

आदित्य पाण्डेय
नई दिल्ली। केरल में करीब हजार साल से एक परिवार की 14वीं पीढ़ी परंपरागत तरीके से अरनमुला दर्पण बनाने का काम कर रही है। परिवार की ओर से बनाया गया दर्पण लंदन संग्रहालय में रखा गया है। यह दर्पण पहली बार ट्रेड फेयर में आया है। केरल पवेलियन में दर्पण को बनते देखा जा सकता है। यह देश के उन उत्पादों में से एक है, जिसे जीआई टैग हासिल है। कॉयर और टिन मिलाकर दर्पण को बनाया जाता है। इसे ‘अरनमुला कन्नाडी’ कहते हैं। मलयालम और तमिल में दर्पण का मतलब कन्नाडी है। दुनियाभर के सेलिब्रिटी इस दर्पण को एक-दूसरे को उपहार में देते हैं।
मेले में अरविंदन इसे बनाने का डेमो देते हैं। उन्होंने बताया कि एक दर्पण बनाने में महीनों का समय लगता है। धातु को काटने के बाद लंबे समय तक इसकी घिसाई होती है। लंदन संग्रहालय में जिस दर्पण को रखा गया है, इसे उन्होंने अपने पिता के साथ मिलकर करीब डेढ़ साल में बनाया था। छोटे से छोटे दर्पण को बनाने में दो-तीन महीने का समय लग जाता है। 

शीशे से नहीं धातु से बनता है 
शीशे के बजाय धातु से बनता है दर्पण शीशे के बजाय धातु से बनता है। इसे बनाने की प्रक्रिया पीढि़यों से चली आ रही पारिवारिक परंपरा का हिस्सा है। दर्पण बनाने की यह कला एक से दूसरी पीढ़ी में हस्तांतरित होती है। अरनमुला में इसे कुछ परिवार बनाते हैंं। शीशे के दर्पण में उसके भीतरी सतह पर किए गए पारे के लेप के कारण प्रतिबिंब बनता है, जबकि इस छवि मुख्य सतह पर ही बनती है। खराब गुणवत्ता वाले शीशे के दर्पण में छवि टेढ़ी मेढ़ी़ी भी बनती है। लेकिन अरानमुला कन्नाडी में सटीक छवि उभरकर आती है। यही कारण है कि मंहगा होने के बावजूद दुनियाभर में काफी मांग है।
बीस हजार तक है कीमत
छोटे से छोटे आकार का अरनमुला दर्पण की कीमत दो से बीस हजार रुपये तक है। दर्पण की गोलाई के बाद इसपर की गई नक्काशी और कारीगरी की वजह से इसकी कीमत तय होती है।

13 शहरों की मिठाइयों का एक जगह स्वाद
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। ट्रेड फेयर में उत्तर प्रदेश के 13 शहरों की मशहूर मिठाइयां एक ही जगह पर मिल रही हैं। गाजियाबाद के अमित चौधरी ने स्टार्टअप शुरू किया है। विभिन्न शहरों की नामचीन दुकानों से हरेक दिन वह मिठाइयां मंगाते हैं और यूपी पवेलियन में उनके स्टाल से लोग इन मिठाइयों को फटाफट खरीदकर रहे हैं। अपने स्टार्टअप की सफलता को देखकर उन्होंने अब गाजियाबाद में स्थायी व्यवसाय का शुरू किए जाने का निर्णय लिया है।
अमित चौधरी ने ‘यूपी का स्वाद’ नाम से स्टाल लगाया है। यहां वाराणसी की लौंगलता, परवल का लड्डू, मेरठ की रबड़ी, गजक, अलीगढ़ की कुंजीलाल की नमकीन, फतेहपुर का मालवा पेड़ा (सोहन पेड़ा), कानपुर का ठग्गू का लड्डू, मथुरा का बृजवासी का पेड़ा, लखीमपुर खीरी की मैंगलगंज की गुलाब जामुन, शाहजहांपुर की तिलहर लौज, आगरा का पंछी पेठा, चित्रकूट मानिकपुर का पेड़ा, प्रयागराज के हरीराम के समोसे, दादरी का कलाकंद और बीबी नगर की बाल मिठाई उपलब्ध है। वह इसमें और कई शहरों की मशहूर मिठाइयों को शामिल करने की तैयारी में हैं। 
अमित ने बताया कि इस स्टार्टअप का आइडिया दोस्त ने दिया था। इसके बाद यूपी सरकार से स्टाल के लिए संपर्क किया। सरकार को आइडिया अच्छा लगा। उन्होंने पहली बार ट्रेड फेयर में इसे लागू किया और सफलता मिली। उन्होंने बताया कि इससे उन्हें अच्छा अनुभव मिला है। 28 नवंबर के बाद इस व्यवसाय को वह गाजियाबाद में लॉन्च करेंगे। 
कन्नौज का इत्र घोल रहा सुगंध
यूपी पवेलियन में कन्नौज के इत्र की सुगंध घुली हुई है। जमकर इसकी खरीदारी भी हो रही है। सागर दीक्षित यहां अपने इस पुश्तैनी व्यवसाय को लेकर आए हैं। वह 1600 वैरायटी के इत्र बनाते हैं। ट्रेड फेयर में वह 100 वैरायटी लेकर आए हैं। पीढ़ी दर पीढ़ी उनका परिवार प्राकृतिक तरीके से इत्र तैयार कर रहा है। उनका एक तोला इत्र 200 से 5000 रुपये का है। महंगा होने के बावजूद यह लोगों को खूब पसंद आ रहा है।

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उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हादसों में किशोर समेत दो की मौत

अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। उत्तर-पूर्वी दिल्ली में मंगलवार दो अलग-अलग सड़क हादसों में एक किशोर समेत दो लोगों की मौत हो गई। वेलकम में अनियंत्रित प्राइवेट बस ने 55 वर्षीय मोहम्मद अकरम को कुचल दिया। 
वहीं, ज्योति नगर में सेप्टिक टैंक के ट्रैक्टर पर मौजूद सौरभ (16) अपने ही ट्रैक्टर के नीचे आ गया। पुलिस ने दोनों का पोस्टमार्टम कराकर शव उनके परिजनों के हवाले कर दिए हैं। बस चालक तो मौके से फरार हो गया जबकि ट्रैक्टर चालक राजेंद्र को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस ने दोनों ही हादसों में एफआईआर दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है।
पुलिस के मुताबिक, अकरम परिवार के साथ वेलकम जनता कालोनी में रहते थे। इनके परिवार में पत्नी के अलावा बेटा सुहेल व अन्य सदस्य हैं। पुलिस को दिए बयान में सुहेल ने बताया कि उसके पिता को मामा रिजवान के साथ शादी में शामिल होने के लिए मुरादाबाद जाना था। मंगलवार को दोनों मेट्रो स्टेशन जाने लगे। उस समय मामा रिजवान भी उनके साथ मौजूद था। तीनों मेट्रो स्टेशन के पास खड़े होकर बस का इंतजार करने लगे। इस बीच एक प्राइवेट बस ने अकरम को कुचल दिया। जख्मी हालत में उसे जीटीबी अस्पताल ले जाया गया, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया।
वहीं ज्योति नगर हादसे में किशोर सौरभ परिवार के साथ बागपत, यूपी में रहता था। वह अपने गांव के ट्रैक्टर चालक राजेंद्र के साथ सेप्टिक टैंक की सफाई का काम करता था। मंगलवार को दोनों काम के लिए ज्योति नगर इलाके में आए थे। इस बीच झटका लगने से सौरभ अपने ही ट्रैक्टर के नीचे आ गया। सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची। सौरभ की मौके पर ही मौत हो चुकी थी। घटना स्थल पर पुलिस को           राजेंद्र मिल गया। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।

कुत्ते को कुचलकर मारने के आरोप से कार चालक मुक्त
नई दिल्ली। अदालत ने दुर्घटना में एक कुत्ते के कुचलकर मारने के आरोप से कार चालक को मुक्त कर दिया। अदालत ने उसके खिलाफ निचली अदालत की ओर से तय अभियोग फैसले को भी रद्द कर दिया। यह दुर्घटना मयूर विहार रेडलाइट पर वर्ष 2019 में हुई थी। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश दीपाली शर्मा ने कहा कि वाहन चालक ने जानबूझकर कुत्ते पर वाहन नहीं चढ़ाया है। एफआईआर से पता चलता है कि कार से टकराकर कुत्ता मरा था। ब्यूरो

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22वीं मंजिल से कूदकर वृद्धा ने दी जान
ग्रेटर नोएडा। ग्रेटर नोएडा वेस्ट के चेरी काउंटी सोसाइटी में आधी रात को बुजुर्ग महिला ने 22वीं मंजिल से कूदकर आत्महत्या कर ली। वृद्धा बेटी और दामाद के साथ पिछले सात वर्ष से सोसाइटी में रहती थी। पुलिस का दावा है कि महिला ने अवसाद की वजह से यह कदम उठाया। पुलिस जांच में सामने आया है कि रात में महिला ने दवा की ओवरडोज ले ली थी। आशंका जताई जा रही है कि बेचैनी बढ़ने पर महिला ने यह कदम उठाया। 
चेरी काउंटी सोसाइटी निवासी सुदेसना जाना (68) बेटी प्रियंका जाना और दामाद तुषार कांत तरफदार के साथ रहती थीं। मंगलवार रात वह बेटी और दामाद से मिली थीं।                रात में बेटी और दामाद अपने कमरे में सोने चले गए, जबकि महिला अपने कमरे में थी। सोसाइटी के                          गार्ड ने बताया कि रात करीब 2:30 बजे तेज आवाज सुनकर गार्ड नीचे दौड़े। वहां वृद्धा घायल अवस्था में थी। पता किया गया तो महिला 22वीं मंजिल में रहने वाली सुदेशना जाना थीं। परिजन उन्हें निजी अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर छानबीन की। पुलिस पूछताछ में पता चला कि महिला अवसाद की शिकार थी। ब्यूरो 
अलग-अलग सोसाइटी में हुई घटना
बुजुर्ग महिला से पहले बीते 48 घंटों में ग्रेनो वेस्ट की अलग-अलग सोसाइटी की इमारत से गिरकर तीन लोगों की मौत हो चुकी है। मंगलवार तड़के ग्रेनो वेस्ट की इको विलेज-3 सोसाइटी की 16वीं मंजिल के फ्लैट से गिरकर श्वेता यादव (35) की मौत हो गई थी। मामले में पुलिस ने आत्महत्या का दावा किया है। वहीं मंगलवार देर रात सुपरटेक केपटाउन सोसाइटी की आठवीं मंजिल से कूदकर जयदीप दास ने आत्महत्या (24) कर ली थी। 

 

विस्तार

श्रद्धा हत्याकांड मामले में आरोपी आफताब अमीन पूनावाला (28) के पॉलीग्राफ टेस्ट का मुख्य सत्र आज होगा। कल बुखार होने के कारण नहीं हो पाया था। आफताब ने पॉलिग्राफी टेस्ट के पहले सत्र में सभी सवालों के सही जवाब दिए। ऐसा कोई सवाल नहीं था कि जिसका उसने जवाब नहीं दिया। दूसरी तरफ आफताब को बुखार होने से बुधवार को पॉलिग्राफी टेस्ट का मुख्य सत्र नहीं हो पाया। वहीं, पुलिस इस मामले में लापरवाही बरत रही है। रोहिणी स्थित एफएसएल के कर्मचारी बुधवार को दिनभर इंतजार करते रहे, लेकिन दिल्ली पुलिस ने आफताब के बीमार होने की जानकारी नहीं दी।

दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि बुखार के कारण मेडिकली फिट नहीं होने से आफताब का बुधवार को पॉलिग्राफी टेस्ट रद्द करने का फैसला किया गया। ऐसे में मुख्य सत्र बृहस्पतिवार को होगा। पॉलिग्राफी टेस्ट के जानकारों का कहना है कि अगर इसमें आरोपी झूठ बोलता है तो नार्को किया जाता है। हालांकि, आफताब के नार्को टेस्ट की अभी तक तारीख तय नहीं की गई है।

किस सत्र में क्या होता है…

पहला सत्र : पॉलिग्राफी टेस्ट के विशेषज्ञों ने बताया कि टेस्ट के तीन सत्र होते हैं पहला, मुख्य व पोस्ट सत्र। आफताब का पहला सत्र हो गया है। आरोपी को मंगलवार दोपहर को एफएसएल ले लाया गया। रात करीब 10 बजे उसे बाहर लाया गया। पहले सत्र में आरोपी का परिचय लिया गया।साथ ही, केस से संबंधित पुलिस अफसरों से बात की गई। प्रयोगशाला के कर्मियों व पुलिस अफसरों के सवाल इसमें शामिल किए गए।

मुख्य सत्र : इसमें आरोपी का परीक्षण किया जाता है और पुलिस सवाल पूछती है। साथ ही, एफएसएल के फोरेंसिक वैज्ञानिक सवाल पूछते हैं। अगर आरोपी गलत जवाब देता है तो मशीन उस झूठ को पकड़ लेती है। इसके बाद फोरेंसिक वैज्ञानिक झूठ बोलने पर प्रश्नावली तैयार करते हैं।

पोस्ट सत्र : आरोपी से उसके दिए गए झूठे जवाबों के आधार पर तैयार की गई प्रश्नावली से सवाल पूछे जाते हैं। अगर आरोपी सवालों के जवाब सही देता है तो उसे मशीन रिकार्ड कर लेती है। अगर आरोपी झूठ बोलता है तो उसे मशीन बता देती है। इसके बाद इसके ईदगिर्द सवाल तैयार किए जाते हैं। झूठे जवाबों के आधार पर सवाल तैयार किए जाते हैं।

अभी तय नहीं हुई नार्को टेस्ट की तारीख 

दिल्ली पुलिस अधिकारियों के अनुसार पॉलिग्राफी टेस्ट खत्म होने के बाद नार्को किया जाता है। ये अस्पताल में होता है। इसमें आरोपी को बेहोशी की हालत में लाने के लिए दवाइयां दी जाती हैं। ऐसे में मेडिकल इमरजेंसी की जरूरत पड़ सकती है। इस कारण ये टेस्ट अस्पताल में किया जाता है। आफताब के नार्को टेस्ट की तारीख अभी तक तय नहीं हुई है। हालांकि, पुलिस ने अंबेडकर अस्पताल में निवेदन पत्र दे रखा है।

नशे की लत ने बेटे को बनाया हैवान
हरकतों को देखकर पिता ने कर दिया था जायदाद से बेदखल
शुुजात आलम
नई दिल्ली। पालम हत्याकांड के आरोपी केशव काे नशे की लत ने हैवान बना दिया। नशा छुड़ाने के लिए एक साल से परिवार ने नशा मुक्ति केंद्र में उसे भर्ती करा रखा था। दशहरे के मौके पर दादी दीवानो देवी जब उससे मिलने गईं तो वह गिड़गिड़ाने लगा। इस पर दादी का दिल पसीज गया और वह पूरे परिवार से लड़कर केशव को घर ले आईं। लौटते ही उसने दोबारा से नशा शुरू कर दिया। दिनेश भी बेटे से इस हरकत से परेशान थे। उन्होंने केशव को जायदाद से बेदखल कर रखा था। केशव पर बेंगलूरू दिल्ली में चोरी व लूट के तीन मुकदमे दर्ज हैं। पिता ने ही तीनों मामलों में उसकी जमानत करवाई थी। 
केशव के चचेरे भाई कुलदीप ने बताया कि बचपन से ही चाचा ने केशव को बहुत प्यार से पाला। उसकी हर मांग को पूरा किया। यही वजह थी कि वह बिगड़ गया। ओपन स्कूल से सात साल पहले 12वीं करने के बाद केशव नौकरी करने बेंगलूरू चला गया। वहां कुछ ही दिनों बाद उस पर कुछ कागजात के फर्जीवाड़े और चोरी का आरोप लगा। दिनेश जमानत कराकर दिल्ली ले आए। यहां आकर भी हरकतें जारी रहीं। उसने पालम में लूटपाट के अलावा एटीएम बूथ में चोरी का प्रयास किया। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। एक बार फिर दिनेश ने उसकी जमानत दे दी। केशव की हरकतों से उसका दोनों ताऊ के जाना भी बंद था। दशहरे पर नशा मुक्ति केंद्र से वापस आने के बाद केशव ने दोबारा नशे के लिए रुपये मांगना शुरू कर दिया था। माता-पिता के पैसे न देने पर वह दादी से जबरन पैसे ले जाता था। 3 नवंबर को वह रुपये मांगने दादी के पास पहुंचा तो उन्होंने इंकार कर दिया। वह नाराज होकर घर से चला गया। दोपहर को वह तीन दोस्तों के साथ घर पहुंचा और पहली मंजिल की सीढ़ी पर रखे इनवर्टर की बैटरी चुराकर ले गया। 
इसके बाद कई दिनों तक वह घर नहीं लौटा। उस समय दादी बड़े बेटे चंद्रपाल के साथ पहली मंजिल पर थीं। दो दिन पूर्व आरोपी घर पहुंचा तो दीवानो उसे समझाने के लिए दिनेश के घर रुक गईं, लेकिन वह नहीं माना और झगड़ा करता रहा। एक परिजन ने बताया कि केशव का एक लड़की से प्रेम प्रसंग भी था। लड़की ने नशे की वजह से उसे छोड़ दिया था, तब से वह परेशान था। माना जा रहा है कि इन सब वजहों से केशव ने वारदात की।

केशव करता था बाकी परिजनों से गाली-गलौज
नई दिल्ली। पालम स्थित राजनगर पार्ट-2 में बुधवार सुबह सन्नाटा पसरा हुआ था। लोग जगह-जगह समूह बनाकर बस चारों लोगों की हत्या का ही जिक्र कर रहे थे। 
किसी को भी यकीन नहीं हो रहा था कि भला एक बेटा जन्म देने वाले माता-पिता और बहन-दादी की हत्या कैसे कर सकता है। एक साथ चार लोगों की मौत से परिवार गहरे सदमे में है। केशव अक्सर बाकी परिजनों से गाली-गलौज करता था। मंगलवार सुबह रुपयों को लेकर केशव मां से झगड़ा भी हुआ था। परिजनों ने बताया कि जिस पोते से दादी सबसे अधिक प्यार करती थी, उसने उन्हें भी नहीं छोड़ा। दीवानो देवी अक्सर केशव को चुपचाप रुपये दे देती थीं। कई दिन बाद जब केशव घर आया था तो वह खुद को रोक नहीं सकीं और उससे मिलने के लिए छोटे बेटे दिनेश के घर चली गईं। फिलहाल दो दिनों से वह वहीं रुकी हुई थीं। अब बड़े बेटे चंद्रपाल को मलाल है कि मां क्यों उनका घर छोड़कर छोटे भाई के यहां चली गई थी। दिनेश के पिता रामानंद शर्मा दिल्ली के बड़े वेटनरी डॉक्टर थे। उनका इलाके में खासा नाम था। चंद्रपाल ने भी पिता के कहने पर वेटनरी डॉक्टर की पढ़ाई की। वर्ष 2014-15 में रामानंद शर्मा की मौत हुई तो बड़े बेटे ईश्वर सिंह ने अलग मकान बना लिया। वह गली में दो-तीन मकान छोड़कर ही रहते हैं। चंद्रपाल और दिनेश एक ही मकान में पहली और दूसरी मंजिल पर रहते थे। दीवानो देवी कुछ-कुछ समय के लिए अपने तीनों ही बेटों के पास रुकती थीं। ब्यूरो

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पिता पर था सबसे ज्यादा गुस्सा, चाकू से किए 20 वार
पुरुषोत्तम वर्मा
नई दिल्ली। केशव परिवार के सदस्यों की हत्या की साजिश कई दिनों से रच रहा था। पुलिस पूछताछ में आरोपी ने यह बात स्वीकार की है। साजिश के तहत ही वह बड़ा वाला चाकू लेकर आया था। वह पिता दिनेश कुमार से सबसे ज्यादा गुस्से में रहता था। 
 इसकी वजह ये थी कि उसकी दादी व मां तो उसे पैसे दे देती थी, लेकिन पिता पैसे नहीं देते थे। पिता हमेशा पैसे देने का विरोध करते थे। यही वजह है कि उसने पिता पर चाकू से 18 से 20 वार किए। माता-पिता की हत्या करने के बाद शवों को बाथरूम में डाल दिया था। पुलिस ने आरोपी को तीन दिन के पुलिस रिमांड पर लिया है। 
दक्षिण-पश्चिमी जिला पुलिस अधिकारियों के अनुसार, पूछताछ में केशव ने बताया है कि उसने सबसे पहले दादी दीवानो देवी की हत्या की। पहले दादी का गला दबाया फिर चाकू से वार किए। इसके बाद मां की हत्या की। आरोपी ने मां दर्शना सैनी पर चाकू से 8 से 10 वार किए। इसके बाद पिता की हत्या की। पिता पर उसने करीब 20 बार चाकू से वार किया। इसके बाद उसने बहन उर्वशी की हत्या की। बहन पर उसने 8 से 10 बार वार  किए। पुलिस केशव स्मैक पीता था। वह नशे के लिए आए दिन पैसे मांगता था। इस कारण परिवार में हर रोज झगड़ा होता था। इससे केशव तंग आ गया था। पैसे नहीं मिलने पर वह नशा नहीं कर पाता था और आए दिन आगबबूला हो जाता था। पुलिस की जांच में ये बात सामने आई है कि वह परिवार के सदस्योंं के साथ पहले भी मारपीट कर चुका है। पालम थाने में लॉकअप नहीं है। इस कारण आरोपी को दिल्ली कैंट थाने के लॉकअप में रखा गया है। पालम थाने की एक टीम दिल्ली कैंट के थाने में आरोपी से देर रात पूछताछ कर रही थी।

नशे की तलब के आगे व्यक्ति को कुछ नहीं सूझता
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। पालम इलाके में नशे के लिए पैसे नहीं देने पर परिवार के चार लोगों की निर्मम हत्या नशा जनित बर्बादी का दुष्परिणाम है। मनोचिकित्सकों का मानना है कि नशे की तलब के आगे व्यक्ति को कुछ नहीं सूझता है। अगर व्यक्ति गुस्सैल स्वभाव का है तो वह अधिक खतरनाक हो जाता है। 
राम मनोहर लोहिया अस्पताल के वरिष्ठ मनोचिकित्सक डॉ. लोकेश शेखावत ने बताया कि नशे की लत के कारण व्यक्ति संवेदनहीन हो जाता है। उसका घर-परिवार से भावनात्मक जुड़ाव धीरे-धीरे खत्म हो जाता है। ऐसे व्यक्ति को नशा करने से रोका जाए तो परिणाम की चिंता किए बगैर कुछ भी कर जाता है। ऐसे लोगों को परिवार और समाज से कोई मतलब नहीं रहता है। उनके जीवन के लिए नशा ही सबसे अधिक महत्वपूर्ण हो जाता है। वहीं, नशा मुक्ति विशेषज्ञ डॉ. पंकज कुमार कहते हैं कि नशे की लत बढ़ने के साथ ही नशीला पदार्थ लेने की मात्रा भी बढ़ती जाती है। इसके व्यक्ति के सोचने समझने की क्षमता प्रभावित होती है। नशा नहीं मिलने पर उसे बेचैनी, घबराहट और अनिद्रा की शिकायत होने लगती है। साथ ही, स्वभाव गुस्सैल हो जाता है। 
ऐसे में नशापान करने में कोई रुकावट बनता है तो वह उसे रास्ते से हटाने की सोचने लगता है। नशे ने केशव को भी इस कदर कैद में जकड़ लिया कि उसने परिजनों को ही मौत के घाट उतार दिया।

नशे से मुक्ति चाहने वालों में दिल्ली  चौथे नंबर पर
सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय की रिपोर्ट के मुताबिक, नशे से मुक्ति चाहने वालों के मामले में दिल्ली तीसरे नंबर पर है। इस साल जुलाई में आए आंकड़ों के अनुसार नेशनल एक्शन प्लान फॉर ड्रग डिमांड रिडक्शन (एनएपीडीडीआर) से मध्यप्रदेश में सबसे अधिक 48929 लोगों को लाभ मिला। इसमें ओडिशा (31931) और राजस्थान (22103) के बाद दिल्ली 17019 लाभार्थियों के साथ चौथे नंबर पर है।

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मुस्लिम छात्रों को छात्रवृत्ति देने में दिल्ली पर केंद्र भारी

नवनीत शरण
नई दिल्ली। छात्रवृत्ति योजनाओं का लाभ लेने देने में दिल्ली के मुकाबले केंद्र सरकार आगे रही है। 2020-21 में केंद्र सरकार की तीन छात्रवृत्ति योजनाओं का लाभ 11,110 मुस्लिम छात्रों ने उठाया। वित्त वर्ष 2021-22 में आंकड़ा बढ़कर 14,147 पहुंच गया। दूसरी तरफ दिल्ली सरकार की योजनाओं में 2020-21 के दौरान महज 307 अल्पसंख्यक ही लाभ उठा सके। दिल्ली सरकार के समाज कल्याण विभाग के पास वित्त वर्ष 2021-22 के आंकड़े उपलब्ध नहीं है। 
यह खुलासा उपराज्यपाल कार्यालय को समाज कल्याण विभाग से भेजी गई फाइल से हुआ है। इसमें बताया गया है कि मौजूदा वित्तीय वर्ष का आंकड़ा मैनुअल तैयार किया जा रहा है। समुदाय-वार इसका डाटा ई-डिस्ट्रक्टि पोर्टल पर उपलब्ध नहीं है। दरअसल, उपराज्यपाल कार्यालय को दिल्ली सरकार के समाज कल्याण विभाग ने छात्रवृत्ति योजनाओं से जुड़ी एक फाइल भेजी है।  सूत्रों का कहना है कि । दिल्ली सरकार जिन तीन योजनाओं को संचालित कर रही है, उसमें मुस्लिम लाभार्थियों की संख्या बेहद कम है। 

केंद्र की योजना : प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति से कुल 18,999, पोस्ट मैट्रिक योजना से 5664                और व्यावसायिक व तकनीकी पाठ्यक्रम से कुल 594 छात्रों को फायदा मिला। 
दिल्ली सरकार की योजना पहली से बारहवीं के छात्रों को ट्यूशन शुल्क का फायदा 283 छात्रों को मिला। पेशेवर/तकनीकी कॉलेजों व िववि में पढ़ने वाले 24 छात्रों को मेरिट छात्रवृत्ति मिली। 

ये है योजना
n    केंद्र सरकार की योजना में एक से दसवीं तक के छात्रों को शामिल किया गया है।
n    इसका विवरण भारत सरकार के राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल एनएसपी पर प्रदर्शित किया जाता है।
n दिल्ली सरकार की योजना का फायदा 9वीं और 10वीं के छात्रों को मिलता है। ई-जिला पोर्टल पर विवरण उपलब्ध नहीं है।

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सीजन का सबसे कम 8 डिग्री रहा तापमान, और गिरेगा पारा

सुबह छाई रहेगी धुंध, मौसमी परिस्थितियों में बदलाव से बेहद खराब श्रेणी में रही हवा
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। मौसमी परिस्थितियों में बदलाव के चलते बुधवार को न्यूनतम पारा सामान्य से तीन लुढ़ककर सीजन का सबसे कम आठ डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इससे पहले सोमवार को न्यूनतम तापमान 8.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि अगले 24 घंटे में पारा और गिरेगा। साथ ही सुबह में धुंध छाई रहेगी।
मौसम विभाग के मुताबिक, बीते 24 घंटे में अधिकतम तापमान सामान्य से एक अधिक 27 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हवा में नमी का स्तर 29 से 90 फीसदी रहा। सुबह कुछ जगहों पर धुंध छाई रही व दिन में धूप निकली रही। धूप ढलने के बाद शाम को सर्दी का अहसास बढ़ गया था।
इधर, मौसमी परिस्थितियां अनुकूल होने से एनसीआर की हवा में सुधार जारी है। फरीदाबाद, गाजियाबाद, ग्रेटर नोएडा और नोएडा की हवा औसत श्रेणी में दर्ज की गई है। वहीं, दिल्ली की हवा 237 औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) के साथ सबसे खराब दर्ज की गई। वायु मानक एजेंसियों का पूर्वानुमान है कि अगले 24 घंटे में वायु गुणवत्ता में खास बदलाव की संभावना नहीं है। हालांकि, 25 नवंबर के बाद से मौसमी परिस्थितियों में बदलाव की वजह से और खराब होगी।  मिक्सिंग हाइट व वेंटिलेशन इंडेक्स कम होने की संभावना 
भारतीय उष्णदेशीय मौसम विज्ञान संस्थान (आईआईटीएम) के मुताबिक, बीते 24 घंटे में मिक्सिंग हाइट का स्तर 1200 मीटर व वेंटिलेशन इंडेक्स 7500 वर्ग मीटर प्रति सेकेंड रहा। हवा की रफ्तार 12 से 16 किलोमीटर प्रतिघंटा दर्ज की गई। विभाग का पूर्वानुमान है कि अगले दो दिनों में मिक्सिंग हाइट और वेंटिलेशन इंडेक्स दोनों ही कारकों में कमी आएगी। अगले 24 घंटे में मिक्सिंग हाइट एक हजार मीटर व वेंटिलेशन इंडेक्स 5700 वर्ग मीटर प्रति सेकंड और हवा की दिशा पश्चिम- उत्तर-पश्चिम व रफ्तार 12 किलोमीटर प्रतिघंटा रह सकती है। वहीं, इसके अगले दिन हवा की दिशा उत्तर-पश्चिम और दक्षिण-पश्चिम रहने के साथ रफ्तार घटकर चार से छह किलोमीटर प्रतिघंटा और मिक्सिंग हाइट 850 मीटर व वेंटिलेशन इंडेक्स 1500 वर्ग मीटर प्रति सेकेंड तक दर्ज किए जाने की संभावना है।
प्रदूषण में पराली के धुएं की हिस्सेदारी 3% 
 केंद्र की वायु मानक संस्था सफर इंडिया के मुताबिक, बीते 24 घंटे में दिल्ली-एनसीआर के प्रदूषण में पराली के धुएं की हिस्सेदारी तीन फीसदी रही। वहीं, पीएम 2.5 से छोटे कणों की पीएम 10 में 52 फीसदी हिस्सेदारी दर्ज की गई है। पीएम 10 का स्तर 167 व पीएम 2.5 का स्तर 88 माइक्रोग्राम प्रतिघन मीटर दर्ज किया गया। भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान के मुताबिक, उत्तर भारत में पंजाब में सबसे अधिक 140 जगहों पर पराली जलने की घटनाएं रिकॉर्ड की गईं। वहीं, हरियाणा में 27, उत्तरप्रदेश में 73, मध्यप्रदेश में 259 और राजस्थान में 10 जगहों पर पराली जली है। 

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5 साल में और प्रदूषित हुई यमुना
दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति ने जारी की रिपोर्ट
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। यमुना में प्रदूषण का स्तर बीते 5 वर्ष में और बढ़ा है। इसका खुलासा दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी) की रिपोर्ट से हुआ है।  रिपोर्ट के मुताबिक अलग-अलग इलाकों से लिए गए नमूने पैमाने पर खरे नहीं उतरे हैं। पल्ला को छोड़कर, जैविक ऑक्सीजन मांग (बीओडी) का वार्षिक औसत स्तर अलग-अलग जगहों पर बढ़ा है। 
जैविक ऑक्सीजन मांग पानी की गुणवत्ता का आकलन करने के लिए महत्वपूर्ण मानक है। यह एक जल निकाय में मौजूद कार्बनिक पदार्थों को विघटित करने के लिए सूक्ष्मजीवों द्वारा आवश्यक ऑक्सीजन की मात्रा है। पानी में तीन मिलीग्राम प्रति लीटर से कम बीओडी का स्तर अच्छा माना जाता है। डीपीसीसी ने दिल्ली में यमुना के प्रवेश स्थान पल्ला में पानी के नमूने एकत्र करने के साथ वजीराबाद, आईएसबीटी, आईटीओ, निजामुद्दीन, आगरा कैनाल ओखला बैराज और असगरपुर से भी लिए। 
डीपीसीसी के आंकड़ों से पता चलता है कि पिछले पांच वर्षों में (2017 से 2022 तक) पल्ला में वार्षिक औसत बीओडी स्तर में कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ है। वहीं, वजीराबाद में यह तीन मिलीग्राम प्रतिलीटर से बढ़कर करीब नौ मिलीग्राम प्रति लीटर हो गया है। कश्मीरी गेट पर बीओडी का स्तर लगभग 30 एमजी प्रति लीटर से बढ़कर 50 हो गया है। आईटीओ पर यह स्तर 22 मिलीग्राम प्रतिलीटर से बढ़कर 55, निजामुद्दीन पर 23 मिलीग्राम प्रति लीटर से लगभग 60 और ओखला बैराज में आगरा नहर में 26 मिलीग्राम प्रति लीटर से बढ़कर 63 हो गया। वहीं, ओखला बैराज में 26 मिलीग्राम/ली से 69 मिलीग्राम/ली और असगरपुर में लगभग 30 मिलीग्राम/ली से 73 मिलीग्राम/ली तक का स्तर दर्ज किया गया है।   पर्यावरणविद मनोज मिश्रा के अनुसार, अपशिष्ट जल और औद्योगिक अपशिष्ट व इन-सीटू तकनीकों का उपयोग करके साफ करने से प्रदूषक भार को काफी कम करने में मदद मिल सकती है। इन-सीटू जैविक उपचार तकनीकों में जलीय पौधों या सूक्ष्मजीव उपचार विधियों का उपयोग उपचार के लिए किया जाता है। ऐसी प्रणालियां चालू होने में कम समय लेती हैं।
नहाने के लिए बीओडी प्रति मिलीग्राम तीन से कम होना उपयुक्त 
विशेषज्ञों के मुताबिक, यमुना नदी को स्नान के लिए तभी उपयुक्त माना जा सकता है, जब बीओडी प्रति लीटर तीन मिलीग्राम से कम हो और घुलित ऑक्सीजन (डीओ) पांच मिलीग्राम प्रति लीटर से अधिक हो। घुलित ऑक्सीजन (डीओ) जीवित जलीय जीवों के लिए उपलब्ध ऑक्सीजन की मात्रा है। यदि पानी में डीओ का स्तर पांच मिलीग्राम प्रति लीटर से नीचे चला जाता है, तो जलीय जीवन तनाव में आ जाता है। 

यहां से लिए नमूने
वजीराबाद, आईएसबीटी आईटीओ, निजामुद्दीन, आगरा कैनाल ओखला बैराज, असगरपुर

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4 लाख से कम आय पर फीस में मिलेगी 100 प्रतिशत छूट
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) में स्नातक (यूजी) और स्नातकोत्तर (पीजी) की पढ़ाई करने वाले छात्रों की पारिवारिक आय चार लाख से कम होने पर अब फीस में 100 फीसदी की छूट मिलेगी। 
छात्रों को सिर्फ परीक्षा और हॉस्टल शुल्क ही देना पड़ेगा। डीयू ने आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्रों के लिए वित्तीय सहायता योजना शुरू की है। इसके तहत चार लाख से कम आय वालों को फीस नहीं देनी होगी। जबकि चार से आठ लाख रुपये पारिवारिक आय वाले छात्रों को फीस में 50 फीसदी की छूट मिलेगी। इसका लाभ लेने के इच्छुक विद्यार्थी 12 दिसंबर शाम चार बजे तक आवेदन कर सकते हैं। डीयू के डीन स्टूडेंट वेलफेयर (डीएसडब्लयू) कार्यालय ने बुधवार को इसकी घोषणा की। विद्यार्थी योजना के आवेदन फॉर्म को पोर्टल से डाउनलोड या डीएसडब्लयू कार्यालय से प्राप्त कर सकते हैं। आवेदन फॉर्म भरने के बाद इसे डीएसडब्लयू कार्यालय में जमा कराना होगा। 
ऐसे विद्यार्थी जिन्होंने डीयू के पूर्णकालिक पाठ्यक्रम में दाखिला लिया है और उनके परिवार की वार्षिक आय चार लाख रुपये से कम है, उन्हें फीस शुल्क में 100 फीसदी तक की छूट मिलेगी। जबकि जिन विद्यार्थियों की पारिवारिक आय चार लाख रुपये से आठ लाख रुपये के बीच है, उन्हें योजना के तहत 50 प्रतिशत तक की छूट मिलेगी। ऐसे विद्यार्थी जिनकी पिछली परीक्षा में ईआर हो या कोई पेपर पास होना रह गया है वह इस योजना के लिए आवेदन के पात्र नहीं है। इस योजना का लाभ लेने के लिए विद्यार्थी के पास पिछले वर्ष का वार्षिक पारिवारिक आय प्रमाण पत्र, माता-पिता के आईटीआर की प्रति, पिछली उत्तीर्ण परीक्षा की अंकतालिका प्रतियां, यूजी-पीजी डिग्री कोर्स की प्रति की आवश्यकता होगी। 

डीएसईयू : आज जारी होगा सीटों का आवंटन
नई दिल्ली। दिल्ली कौशल एवं उद्यमिता विश्वविद्यालय (डीएसईयू) में स्नातक पाठ्यक्रमों में दाखिले के लिए चौथी सूची के तहत बृहस्पतिवार को सीटों का आवंटन होगा। छात्रों को विश्वविद्यालय के अलग-अलग परिसरों में दाखिला मिलेगा। आवंटन के बाद सीट पक्की करने के लिए छात्रों को 7875 रुपये का भुगतान करना होगा। विश्वविद्यालय के एक अधिकारी के मुताबिक, अभी प्रत्येक पाठ्यक्रमों में दाखिले का अवसर है। फीस जमा करने के लिए छात्रों के पास 24 से 26 नवंबर तक का समय है। फीस जमा होते ही दस्तावेज का ऑनलाइन सत्यापन शुरू हो जाएगा। यह प्रक्रिया आगामी 27 नवंबर तक चलेगी। ब्यूरो

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घोषणा पत्र को संकल्प पत्र के तौर पर पेश करेगी भाजपा
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। एमसीडी चुनाव में मतदाताओं को आकर्षित करने के लिए भाजपा एक बार फिर बड़ी-बड़ी घोषणाएं करने की तैयारी में है। भाजपा घोषणा पत्र को संकल्प पत्र के तौर पर पेश करेगी। इसमें वादों की झड़ी लगाई जाएगी। मुख्य तौर पर पार्किंग की व्यवस्था करने के साथ मोहल्ला क्लीनिक, शिक्षा व स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार का संकल्प लिया जाएगा। पहली बार भाजपा ने आरडब्ल्यूए से           भी राय ली है।
भाजपा अपने संकल्प पत्र में सभी वर्गाें की सुविधाओं का ख्याल रखेगी। सरकार के स्वास्थ्य मॉडल को टक्कर देने के लिए एमसीडी की सभी डिस्पेंसरी, अस्पताल और जोनल चिकित्सालयों के परिसरों में जन औषधी केंद्र खोलने का वादा कर सकती है। संकल्प पत्र में लोगों की अधिक से अधिक भागीदारी के जरिये उनकी समस्या की जड़ तक पहुंचना है। डिजिटलीकरण को भी ध्यान में रखा             जाएगा। हाउस टैक्स की दिक्कतों को भी दूर करने के साथ महिलाओं के नाम पर पंजीकृत प्रॉपर्टी के लिए खास छूट देने की घोषणा की जा सकती है। 
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष आदेश गुप्ता ने बताया कि एमसीडी में सरकार आते ही दिल्ली में पार्किंग की समस्या को दूर किया जाएगा। जिस तरह पार्किंग स्थलों का निर्माण शुरू किया है, उसे देखते हुए दावे से कह सकते हैं कि इस बार दिल्ली में बहुत सारे पार्किंग स्थल बना देंगे। सत्ता में वापसी करते ही जो प्रोजेक्ट लाॅन्च हुए हैं, उनमें से कुछ अगर पूरे नहीं हुए तो उन्हें पूरा करेंगे और साथ ही साथ कई सारे नए प्रोजेक्ट भी संकल्प पत्र में लेकर आएंगे।

कांग्रेस ने बागी कार्यकर्ताओं  को कारण बताओ नोटिस

अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। एमसीडी चुनाव में कांग्रेस की नीतियों के खिलाफ काम करने वाले बागी कार्यकर्ताओं को पार्टी ने कारण बताओ नोटिस जारी किया है। दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी (डीपीसीसी) की अनुशासनात्मक कमेटी के चेयरमैन डॉ. नरेंद्र नाथ की अध्यक्षता में बुधवार को कमेटी की बैठक में यह निर्णय लिया गया। बागियों को नोटिस का जवाब देने के लिए 24 घंटे का वक्त दिया गया है। जवाब नहीं देने वालों पर पार्टी की तरफ से सख्त कार्रवाई की जाएगी।
चेयरमैन डॉ. नरेंद्र नाथ ने बताया कि कांग्रेस पार्टी उम्मीदवारों के खिलाफ बागी के तौर पर चुनाव लड़ने वाले सभी कार्यकर्ताओं से पार्टी ने जवाब मांगा है। तयशुदा वक्त पर जवाब नहीं मिलने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। डॉ. नरेंद्र नाथ ने बागी कार्यकर्ताओं की सूची जारी करते हुए बताया कि वार्ड नंबर (29) पूठ खुर्द से मेमवती बरवाला, राम नगर (वार्ड-80) से प्रेम चौधरी, कोंडली (193) से पूर्व निगम पार्षद राजीव वर्मा, कबीर नगर (वार्ड- 234) से इकरामुल हसन, जबकि मुस्तफाबाद (243) से पूर्व निगम       पार्षद प्रवीण कांग्रेस प्रत्याशियों के खिलाफ            चुनावी मैैैदान में उतरे हैं।

कांग्रेस ने हाउस टैक्स में राहत का खेला दांव
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। एमसीडी चुनाव में सत्ता हासिल करने पर कांग्रेस ने हाउस टैक्स में राहत देने की घोषणा की है। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अनिल कुमार और पूर्व विधायक अनिल भारद्वाज ने इसी कड़ी में हाउस टैक्स विजन पेश करते हुए दावा किया कि कांग्रेस ने दिल जीता है, दिल्ली भी जीतेंगे। पार्टी के नेताओं ने दावा किया कि निगम की सत्ता में आने पर दिल्ली के लाखों संपत्ति मालिकों को राहत देने के लिए नई व्यवस्था लागू की जाएगी। 
प्रदेश अध्यक्ष अनिल कुमार ने मीडिया के समक्ष विजन पेश करते हुए दावा किया कि जीत के बाद कांग्रेस मेरी चमकती दिल्ली बनाएगी। उन्होंने कहा कि एमसीडी चुनाव में जनता का पूरा समर्थन मिल रहा है। सत्ता में आने पर पहली ही बैठक में कांग्रेस दिल्ली के 25 लाख संपत्ति मालिकों को न्यूनतम टैक्स प्रणाली लागू करने की राहत देगी। इसके तहत हाउस टैक्स पिछला माफ, अगला हाफ और गांव में पूर्ण माफ की नीति लागू करने का खाका तैयार कर लिया है। उन्होंने कहा कि एमसीडी के टैक्स विभाग से भ्रष्टाचार को पूरी तरह साफ करके इंस्पेक्टर राज पर लगाम लगाई जाएगी। शीला दीक्षित सरकार के 2002-2007 के कार्यकाल की तर्ज पर दिल्ली के गांवों को संपत्ति कर के दायरे से बाहर किया जाएगा। 
40-45 फीसदी संपत्तियों से ही 2038 करोड़ का किया संग्रह : अनिल कुमार ने कहा कि निगम चुनावों में कांग्रेस पार्टी जनता के बीच अपनी बात रख रही है। आम आदमी पार्टी और भाजपा से जनता सवाल पूछ रही है आखिरकार खोखले वादे क्यों पूरे नहीं किए गए। दोनों पार्टियों के बहकावे में नहीं आने की जनता से कांग्रेस अपील कर रही है। कांग्रेस ने दावा किया कि सत्ता में आते ही     हाउस टैक्स विभाग को भ्रष्टाचार मुक्त बनाएगी।  
पिछले 15 वर्षों में निगम में संपत्ति कर वसूलने में भाजपा पर विफलता का आरोप लगाया कि तमाम कोशिशों के बावजूद 40-45 फीसदी संपत्तियों से ही हाउस टैक्स के रूप में 2038 करोड़ रुपये वसूल किए गए। 

आप के स्टार प्रचारकों ने जनसंवाद किया
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी ने एमसीडी चुनाव का प्रचार तेज कर दिया है। आप ने बुधवार को अपने स्टार प्रचारकों को मैदान में उतारा। उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया, दिल्ली प्रदेश संयोजक गोपाल राय, विधायक सौरभ भारद्वाज, दुर्गेश पाठक, पूर्व सांसद महाबल मिश्रा समेत कई स्टार प्रचारकों ने 60 क्षेत्रों में जनसंवाद किया।
पार्टी ने जनसभा के माध्यम से एमसीडी के लिए केजरीवाल की 10 गारंटी घर-घर पहुंचाने का काम शुरू किया है। जनसंवाद, पदयात्रा, डोर-टू-डोर के माध्यम से आप नेताओं ने संदेश दिया कि दिल्ली की जनता ने अरविंद केजरीवाल को जो भी जिम्मेदारियां दीं, उन्होंने बखूबी निभाया है। दिल्ली का एक-एक व्यक्ति जानता है कि जब से दिल्ली में केजरीवाल की सरकार आई है, बिजली, पानी, स्कूल, अस्पताल, बुजुर्गों के लिए मुफ्त तीर्थ यात्रा आदि बहुत काम हुए हैं। 
उधर, जनता ने भाजपा को एमसीडी में काम करने के लिए 15 साल मौका दिया, भाजपा ने एक काम नहीं किया है। उल्टा भाजपा ने दिल्ली को कूड़ा-कूड़ा कर दिया। आप नेताओं ने कहा कि हर वार्ड में अगर केजरीवाल का पार्षद होगा तो एमसीडी में भी तेजी से काम होगा। पार्टी काम की राजनीति करती है, जो काम किए हैं उनके बलबूते वोट मांगती है, जबकि भाजपा अपने 15 सालों का हिसाब देने से भाग रही है और वह केजरीवाल को बदनाम करने की राजनीति कर रही है। पार्टी प्रचार के दूसरे चरण में 1000 नुक्कड़ सभाएं करेगी। इसके अलावा आप बज कैंपेन के जरिए चुनाव प्रचार को गति देने जा रही है। इसमें गिटार शो, मैजिक शो, डंस फॉर डेमोक्रेसी आदि गतिविधियां शामिल रहेंगी।

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जश्न-ए-रेख्ता में गंगा-जमुनी तहजीब से रूबरू होंगे दर्शक

अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। गंगा-जमुनी तहजीब के उत्सव जश्न-ए-रेख्ता का आगाज दो दिसंबर से होगा। हिंदी-उर्दू के गीत-संगीत, मुशायरे और किस्सागोई का जश्न मनाने के लिए रेख्ता फाउंडेशन की ओर से जोर-शोर से तैयारियां की जा रही हैं। कार्यक्रम का आगाज मशहूर लेखक जावेद             अख्तर करेंगे।  
मेजर ध्यानचंद स्टेडियम में होने वाले आयोजन में 60 से अधिक कार्यक्रम होंगे। इन कार्यक्रमों में देश-दुनिया के डेढ़ सौ से अधिक कलाकार शिरकत करेंगे। दो दिसंबर को उद्घाटन कार्यक्रम में जावेद अख्तर के अलावा हरिहरन सुरों की महफिल सजाएंगे। तीन दिवसीय अलग-अलग विषयों पर चर्चा भी की जाएगी।
कार्यक्रम में शामिल होने के लिए पास होना अनिवार्य है। इसके लिए बेवसाइट पर जाकर पंजीकरण कराना होगा। सभी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ई-पास आपके व्हाट्सएप और ईमेल पर आ जाएगा।

हिंदी-उर्दू किताबों का भी सजेगा बाजार
दो से चार दिसंबर तक होने वाले आयोजन में पुस्तकों का भी बाजार लगेगा। इसमें हिंदी और उर्दू साहित्य से जुड़ीं किताबें मिलेंगी। ऐवान-ए-जायका के नाम लगने वाले फूड फेस्टिवल में लोग देश के अलग-अलग हिस्सों के लजीज व्यंजनों का जायका ले सकते हैं। 
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हजार साल से 14वीं पीढ़ी बना रही अरनमुला दर्पण

आदित्य पाण्डेय
नई दिल्ली। केरल में करीब हजार साल से एक परिवार की 14वीं पीढ़ी परंपरागत तरीके से अरनमुला दर्पण बनाने का काम कर रही है। परिवार की ओर से बनाया गया दर्पण लंदन संग्रहालय में रखा गया है। यह दर्पण पहली बार ट्रेड फेयर में आया है। केरल पवेलियन में दर्पण को बनते देखा जा सकता है। यह देश के उन उत्पादों में से एक है, जिसे जीआई टैग हासिल है। कॉयर और टिन मिलाकर दर्पण को बनाया जाता है। इसे ‘अरनमुला कन्नाडी’ कहते हैं। मलयालम और तमिल में दर्पण का मतलब कन्नाडी है। दुनियाभर के सेलिब्रिटी इस दर्पण को एक-दूसरे को उपहार में देते हैं।
मेले में अरविंदन इसे बनाने का डेमो देते हैं। उन्होंने बताया कि एक दर्पण बनाने में महीनों का समय लगता है। धातु को काटने के बाद लंबे समय तक इसकी घिसाई होती है। लंदन संग्रहालय में जिस दर्पण को रखा गया है, इसे उन्होंने अपने पिता के साथ मिलकर करीब डेढ़ साल में बनाया था। छोटे से छोटे दर्पण को बनाने में दो-तीन महीने का समय लग जाता है। 

शीशे से नहीं धातु से बनता है 
शीशे के बजाय धातु से बनता है दर्पण शीशे के बजाय धातु से बनता है। इसे बनाने की प्रक्रिया पीढि़यों से चली आ रही पारिवारिक परंपरा का हिस्सा है। दर्पण बनाने की यह कला एक से दूसरी पीढ़ी में हस्तांतरित होती है। अरनमुला में इसे कुछ परिवार बनाते हैंं। शीशे के दर्पण में उसके भीतरी सतह पर किए गए पारे के लेप के कारण प्रतिबिंब बनता है, जबकि इस छवि मुख्य सतह पर ही बनती है। खराब गुणवत्ता वाले शीशे के दर्पण में छवि टेढ़ी मेढ़ी़ी भी बनती है। लेकिन अरानमुला कन्नाडी में सटीक छवि उभरकर आती है। यही कारण है कि मंहगा होने के बावजूद दुनियाभर में काफी मांग है।
बीस हजार तक है कीमत
छोटे से छोटे आकार का अरनमुला दर्पण की कीमत दो से बीस हजार रुपये तक है। दर्पण की गोलाई के बाद इसपर की गई नक्काशी और कारीगरी की वजह से इसकी कीमत तय होती है।

13 शहरों की मिठाइयों का एक जगह स्वाद
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। ट्रेड फेयर में उत्तर प्रदेश के 13 शहरों की मशहूर मिठाइयां एक ही जगह पर मिल रही हैं। गाजियाबाद के अमित चौधरी ने स्टार्टअप शुरू किया है। विभिन्न शहरों की नामचीन दुकानों से हरेक दिन वह मिठाइयां मंगाते हैं और यूपी पवेलियन में उनके स्टाल से लोग इन मिठाइयों को फटाफट खरीदकर रहे हैं। अपने स्टार्टअप की सफलता को देखकर उन्होंने अब गाजियाबाद में स्थायी व्यवसाय का शुरू किए जाने का निर्णय लिया है।
अमित चौधरी ने ‘यूपी का स्वाद’ नाम से स्टाल लगाया है। यहां वाराणसी की लौंगलता, परवल का लड्डू, मेरठ की रबड़ी, गजक, अलीगढ़ की कुंजीलाल की नमकीन, फतेहपुर का मालवा पेड़ा (सोहन पेड़ा), कानपुर का ठग्गू का लड्डू, मथुरा का बृजवासी का पेड़ा, लखीमपुर खीरी की मैंगलगंज की गुलाब जामुन, शाहजहांपुर की तिलहर लौज, आगरा का पंछी पेठा, चित्रकूट मानिकपुर का पेड़ा, प्रयागराज के हरीराम के समोसे, दादरी का कलाकंद और बीबी नगर की बाल मिठाई उपलब्ध है। वह इसमें और कई शहरों की मशहूर मिठाइयों को शामिल करने की तैयारी में हैं। 
अमित ने बताया कि इस स्टार्टअप का आइडिया दोस्त ने दिया था। इसके बाद यूपी सरकार से स्टाल के लिए संपर्क किया। सरकार को आइडिया अच्छा लगा। उन्होंने पहली बार ट्रेड फेयर में इसे लागू किया और सफलता मिली। उन्होंने बताया कि इससे उन्हें अच्छा अनुभव मिला है। 28 नवंबर के बाद इस व्यवसाय को वह गाजियाबाद में लॉन्च करेंगे। 
कन्नौज का इत्र घोल रहा सुगंध
यूपी पवेलियन में कन्नौज के इत्र की सुगंध घुली हुई है। जमकर इसकी खरीदारी भी हो रही है। सागर दीक्षित यहां अपने इस पुश्तैनी व्यवसाय को लेकर आए हैं। वह 1600 वैरायटी के इत्र बनाते हैं। ट्रेड फेयर में वह 100 वैरायटी लेकर आए हैं। पीढ़ी दर पीढ़ी उनका परिवार प्राकृतिक तरीके से इत्र तैयार कर रहा है। उनका एक तोला इत्र 200 से 5000 रुपये का है। महंगा होने के बावजूद यह लोगों को खूब पसंद आ रहा है।

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उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हादसों में किशोर समेत दो की मौत

अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। उत्तर-पूर्वी दिल्ली में मंगलवार दो अलग-अलग सड़क हादसों में एक किशोर समेत दो लोगों की मौत हो गई। वेलकम में अनियंत्रित प्राइवेट बस ने 55 वर्षीय मोहम्मद अकरम को कुचल दिया। 
वहीं, ज्योति नगर में सेप्टिक टैंक के ट्रैक्टर पर मौजूद सौरभ (16) अपने ही ट्रैक्टर के नीचे आ गया। पुलिस ने दोनों का पोस्टमार्टम कराकर शव उनके परिजनों के हवाले कर दिए हैं। बस चालक तो मौके से फरार हो गया जबकि ट्रैक्टर चालक राजेंद्र को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस ने दोनों ही हादसों में एफआईआर दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है।
पुलिस के मुताबिक, अकरम परिवार के साथ वेलकम जनता कालोनी में रहते थे। इनके परिवार में पत्नी के अलावा बेटा सुहेल व अन्य सदस्य हैं। पुलिस को दिए बयान में सुहेल ने बताया कि उसके पिता को मामा रिजवान के साथ शादी में शामिल होने के लिए मुरादाबाद जाना था। मंगलवार को दोनों मेट्रो स्टेशन जाने लगे। उस समय मामा रिजवान भी उनके साथ मौजूद था। तीनों मेट्रो स्टेशन के पास खड़े होकर बस का इंतजार करने लगे। इस बीच एक प्राइवेट बस ने अकरम को कुचल दिया। जख्मी हालत में उसे जीटीबी अस्पताल ले जाया गया, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया।
वहीं ज्योति नगर हादसे में किशोर सौरभ परिवार के साथ बागपत, यूपी में रहता था। वह अपने गांव के ट्रैक्टर चालक राजेंद्र के साथ सेप्टिक टैंक की सफाई का काम करता था। मंगलवार को दोनों काम के लिए ज्योति नगर इलाके में आए थे। इस बीच झटका लगने से सौरभ अपने ही ट्रैक्टर के नीचे आ गया। सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची। सौरभ की मौके पर ही मौत हो चुकी थी। घटना स्थल पर पुलिस को           राजेंद्र मिल गया। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।

कुत्ते को कुचलकर मारने के आरोप से कार चालक मुक्त
नई दिल्ली। अदालत ने दुर्घटना में एक कुत्ते के कुचलकर मारने के आरोप से कार चालक को मुक्त कर दिया। अदालत ने उसके खिलाफ निचली अदालत की ओर से तय अभियोग फैसले को भी रद्द कर दिया। यह दुर्घटना मयूर विहार रेडलाइट पर वर्ष 2019 में हुई थी। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश दीपाली शर्मा ने कहा कि वाहन चालक ने जानबूझकर कुत्ते पर वाहन नहीं चढ़ाया है। एफआईआर से पता चलता है कि कार से टकराकर कुत्ता मरा था। ब्यूरो

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22वीं मंजिल से कूदकर वृद्धा ने दी जान
ग्रेटर नोएडा। ग्रेटर नोएडा वेस्ट के चेरी काउंटी सोसाइटी में आधी रात को बुजुर्ग महिला ने 22वीं मंजिल से कूदकर आत्महत्या कर ली। वृद्धा बेटी और दामाद के साथ पिछले सात वर्ष से सोसाइटी में रहती थी। पुलिस का दावा है कि महिला ने अवसाद की वजह से यह कदम उठाया। पुलिस जांच में सामने आया है कि रात में महिला ने दवा की ओवरडोज ले ली थी। आशंका जताई जा रही है कि बेचैनी बढ़ने पर महिला ने यह कदम उठाया। 
चेरी काउंटी सोसाइटी निवासी सुदेसना जाना (68) बेटी प्रियंका जाना और दामाद तुषार कांत तरफदार के साथ रहती थीं। मंगलवार रात वह बेटी और दामाद से मिली थीं।                रात में बेटी और दामाद अपने कमरे में सोने चले गए, जबकि महिला अपने कमरे में थी। सोसाइटी के                          गार्ड ने बताया कि रात करीब 2:30 बजे तेज आवाज सुनकर गार्ड नीचे दौड़े। वहां वृद्धा घायल अवस्था में थी। पता किया गया तो महिला 22वीं मंजिल में रहने वाली सुदेशना जाना थीं। परिजन उन्हें निजी अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर छानबीन की। पुलिस पूछताछ में पता चला कि महिला अवसाद की शिकार थी। ब्यूरो 
अलग-अलग सोसाइटी में हुई घटना
बुजुर्ग महिला से पहले बीते 48 घंटों में ग्रेनो वेस्ट की अलग-अलग सोसाइटी की इमारत से गिरकर तीन लोगों की मौत हो चुकी है। मंगलवार तड़के ग्रेनो वेस्ट की इको विलेज-3 सोसाइटी की 16वीं मंजिल के फ्लैट से गिरकर श्वेता यादव (35) की मौत हो गई थी। मामले में पुलिस ने आत्महत्या का दावा किया है। वहीं मंगलवार देर रात सुपरटेक केपटाउन सोसाइटी की आठवीं मंजिल से कूदकर जयदीप दास ने आत्महत्या (24) कर ली थी। 

 



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