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शिलाई में प्रदर्शन, बाजार में निकाली विशाल रैली
– फोटो : संवाद
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हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले के गिरिपार क्षेत्र में जनजातीय अधिनियम को लागू नहीं करने पर केंद्रीय हाटी समिति के आह्वान पर हजारों लोगों ने शनिवार को शिलाई में रैली निकालकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। हाटी समुदाय के लोगों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। वक्ताओं के संबोधन के बाद एसडीएम शिलाई के माध्यम से प्रदेश सरकार के मुख्यमंत्री और राज्यपाल को ज्ञापन भेजा गया। शिलाई के पूर्व विधायक बलदेव तोमर ने प्रदेश सरकार और उद्योग मंत्री पर जमकर निशाना साधा।
उन्होंने कहा कि गिरिपार क्षेत्र के हाटी समुदाय की दशकों पुरानी मांग को केंद्र सरकार ने पूरा किया, लेकिन अब प्रदेश सरकार बेवजह इस मामले को लटका रही है। उन्होंने कहा कि खुले मंच पर जिस तरीके से उद्योग मंत्री धमकियां दे रहे हैं, उसे शिलाई की जनता सहने वाली नहीं है। जब केंद्र सरकार ने हाटी कानून को लागू किया तो प्रदेश सरकार उसे लागू नहीं होने दे रही है। उन्होंने कहा कि हाटी समिति ने सभी नेताओं को रैली में भाग लेने का निमंत्रण दिया था, लेकिन क्षेत्र के विधायक एवं प्रदेश सरकार में मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने एक दिन पहले ही एक अलग कार्यक्रम कर लिया।
आज यह परिस्थिति हो गई है कि कांग्रेस की सरकार और उनके मंत्री फिर भी हाटी समुदाय का सामना नहीं कर पा रहे हैं। तोमर ने हाल ही में गिरिपार हाटी विकास कल्याण मंच के गठन के मामले में आरोप लगाया कि इस मंच को कल्याण मंच का नाम दिया गया है, लेकिन यह मात्र उन लोगों का मंच है जो केवल मंत्री के माध्यम से अपना कल्याण चाहते हैं। इस मौके पर केंद्रीय हाटी समिति के महासचिव कुंदन सिंह शास्त्री ने भी लोगों को संबोधित किया और प्रदेश सरकार से एसटी दर्जे को लागू करने की मांग की।
वक्ताओं ने कहा कि हाटी समुदाय को जनजातीय का संवैधानिक अधिकार देने की गजट अधिसूचना 4 अगस्त 2023 को जारी की जा चुकी है, लेकिन आज तक लोगों को एसटी प्रमाण पत्र देने की प्रक्रिया आरंभ नहीं हो पाई है। इस कारण हाटी समुदाय के युवाओं को जनजाति के आधार वाले लाभ नहीं मिल पा रहे हैं। शिलाई के विश्रामगृह में आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय हाटी समिति के अध्यक्ष अमीचंद कमल, सुरेंद्र हिंदूस्तानी, पूर्व जिला परिषद अध्यक्ष दिलीप सिंह चौहान, शिलाई के पूर्व प्रधान रमेश नेगी, हीरा सिंह बरफाइक, लाल सिंह, अत्तर सिंह तोमर, तपेंद्र सिंह, सीमा देवी, डॉ. रमेश सिंगटा, बलबीर ठाकुर आदि मौजूद रहे।
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