Sirmour News: कमल ने पहले फर्ज निभाया, यात्रियों को मंजिल तक पहुंचाया, फिर किया पिता का अंतिम संस्कार

[ad_1]

HRTC Driver Kamal Lights Pyre of father after dropping passengers at destination

चालक कमल ठाकुर।
– फोटो : संवाद

विस्तार


घर से बार-बार फोन आते रहे, लेकिन जिम्मेदारी ऐसी थी कि बस चलाते वक्त फोन नहीं उठा सके। ददाहू अड्डे पर बस रोककर घर फोन किया तो पता चला कि पिता अब इस दुनिया में नहीं रहे। यह खबर सुनने के बाद चालक कमल ठाकुर की आंखों में आंसू थे और दिल में पिता को हमेशा के लिए खोने की अथाह पीड़ा। सोचिये… ऐसी खबर सुनकर चालक की क्या मनोस्थिति रही होगी। घर का इकलौता चिराग होने के बावजूद चालक ने धैर्य नहीं खोया। करीब 100 किलोमीटर बस चलाकर अपनी मंजिल तक सवारियां छोड़ने के बाद पिता का अंतिम संस्कार किया।

दरअसल, शिलाई उपमंडल के रोनहाट गांव के कमल ठाकुर वीरवार सुबह 6:00 बजे नाहन-कूहंट रूट पर बस लेकर निकले थे। सब कुछ सामान्य था। नाहन से ददाहू तक के 35 किलोमीटर रास्ते पर सफर करते हुए उनको घर से कई बार फोन आए, लेकिन फोन नहीं उठा सके। ददाहू बस अड्डे पहुंचने पर उन्हें पिता टेकचंद ठाकुर के देहांत की जानकारी मिली। परिचालक सचिन को जैसे ही ये बात पता चली तो उन्होंने तुरंत टैक्सी वाले को बुलाया और कमल को बस छोड़कर टैक्सी से घर जाने की बात कही। कहा कि घर में आपका सभी इंतजार कर रहे होंगे।

टैक्सी लेने से ठीक पहले अचानक कमल ने पीछे मुड़कर बस की तरफ देखा जो बच्चों, बुजुर्गों, महिलाओं और अन्य सवारियों से पूरी भरी थी और परिचालक से पूछा, अब इस बस को गंतव्य तक कौन पहुंचाएगा। इस बस के लिए चालक की व्यवस्था नहीं हो सकेगी। कमल ने आंसू पोंछे और बोला कि बस में बैठे लोग भी किसी न किसी मजबूरी और जरूरी काम से जा रहे होंगे। सवारियों को गंतव्य तक पहुंचाकर ही पिता का अंतिम संस्कार करूंगा। इस बात को सुनने के बाद परिचालक की आंखें भी नम हो गईं। सवारियों को भी जब यह बात पता चली तो उनका दिल पसीज गया। उधर, निगम के उपमंडलीय प्रबंधक संजीव बिष्ट ने बताया कि उन्हें जानकारी मिली है। ऐसे कर्तव्यनिष्ठ चालक को निगम सम्मानित करेगा।

[ad_2]

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *