Solan: डॉ. क्षमा मैत्रे बोलीं- पाकिस्तान से हो रहा नशा सप्लाई, देश के युवाओं को कमजोर करने की है साजिश

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डॉ. क्षमा मैत्रे

डॉ. क्षमा मैत्रे
– फोटो : अमर उजाला

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भारत में नशा माफिया का सक्रिय होना सामान्य बात नहीं है, यह एक तरह से युवाओं को कमजोर करने की साजिश है। अब यह नशा माफिया पंजाब के साथ हिमाचल और उत्तराखंड में भी घुसता जा रहा है। इस पर अंकुश लगाना बहुत आवश्यक है। यह बात नौणी विवि में आयोजित हिम संवाद कार्यक्रम के दौरान अमर उजाला से बातचीत के दौरान कॉर्ड की राष्ट्रीय निदेशक डॉक्टर दीदी के नाम से मशहूर डॉ. क्षमा मैत्रे ने कही। उन्होंने कहा कि भारत का यूथ मजबूत है, इसलिए यहां के युवा को नशे की लत लगाकर उसे कमजोर करने की साजिश हो रही है। इसमें पाकिस्तान का सबसे बड़ा हाथ हो सकता है। इस पर एकदम से एक्शन लेने की आवश्यकता है। हिमाचल की महिला बहुत सक्षम है, लेकिन पुरुष और युवा वर्ग नशे की तरफ जा रहा है।

डॉ. क्षमा मैत्रे देश भर में ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं को सुरक्षा और आर्थिक रूप से समक्ष बनाने में जुटी हैं। हिमाचल प्रदेश समेत ओडिशा, तमिलनाडु, उत्तराखंड, पंजाब के एक हजार से अधिक गांव में उन्होंने महिलाओं के सेल्फ-हेल्फ ग्रुप बनाए हैं। इसमें सबसे अधिक कार्य हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा में किया जा रहा है। जहां 700 गांव में कार्य किया जा रहा है। कांगड़ा की 114 पंचायतों के सभी वार्डों में एक महिला समूह बनाया गया है। ग्रामीण क्षेत्र में उनके इस सराहनीय कार्य को देखते हुए उन्हें 2008 में पद्मश्री से भी सम्मानित किया गया। वह तपोवन (धर्मशाला) में चिन्मय ग्रामीण विकास संस्था (कोर्ड) की संरक्षक हैं। 

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भारत में नशा माफिया का सक्रिय होना सामान्य बात नहीं है, यह एक तरह से युवाओं को कमजोर करने की साजिश है। अब यह नशा माफिया पंजाब के साथ हिमाचल और उत्तराखंड में भी घुसता जा रहा है। इस पर अंकुश लगाना बहुत आवश्यक है। यह बात नौणी विवि में आयोजित हिम संवाद कार्यक्रम के दौरान अमर उजाला से बातचीत के दौरान कॉर्ड की राष्ट्रीय निदेशक डॉक्टर दीदी के नाम से मशहूर डॉ. क्षमा मैत्रे ने कही। उन्होंने कहा कि भारत का यूथ मजबूत है, इसलिए यहां के युवा को नशे की लत लगाकर उसे कमजोर करने की साजिश हो रही है। इसमें पाकिस्तान का सबसे बड़ा हाथ हो सकता है। इस पर एकदम से एक्शन लेने की आवश्यकता है। हिमाचल की महिला बहुत सक्षम है, लेकिन पुरुष और युवा वर्ग नशे की तरफ जा रहा है।

डॉ. क्षमा मैत्रे देश भर में ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं को सुरक्षा और आर्थिक रूप से समक्ष बनाने में जुटी हैं। हिमाचल प्रदेश समेत ओडिशा, तमिलनाडु, उत्तराखंड, पंजाब के एक हजार से अधिक गांव में उन्होंने महिलाओं के सेल्फ-हेल्फ ग्रुप बनाए हैं। इसमें सबसे अधिक कार्य हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा में किया जा रहा है। जहां 700 गांव में कार्य किया जा रहा है। कांगड़ा की 114 पंचायतों के सभी वार्डों में एक महिला समूह बनाया गया है। ग्रामीण क्षेत्र में उनके इस सराहनीय कार्य को देखते हुए उन्हें 2008 में पद्मश्री से भी सम्मानित किया गया। वह तपोवन (धर्मशाला) में चिन्मय ग्रामीण विकास संस्था (कोर्ड) की संरक्षक हैं। 



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