Solan News: बागवानों के लिए 4 जनवरी से होगी फलदार पौधों की बिक्री, पहले आओ पहले पाओ के आधार पर होगा वितरण

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नौणी विवि

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– फोटो : अमर उजाला

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नौणी विवि में बागवानों के लिए फलदार पौधे की बिक्री 4 जनवरी से शुरू होगी। यह बिक्री पहले आओ पहले पाओ के आधार पर की जाएगी। इस वर्ष विवि के मुख्य परिसर और क्षेत्रीय स्टेशनों की ओर से फलों की विभिन्न किस्मों के दो लाख से ज्यादा पौधे तैयार किए गए हैं। सेब, कीवी, पलम, खुमानी, आड़ू, अखरोट, चैरी, अनार, नेक्टरिन, परसिमन, पेकननट, अंगूर, नाशपाती के पौधों की बिक्री इस दौरान होगी। विश्वविद्यालय के मुख्य परिसर में फल विज्ञान विभाग, बीज विज्ञान और अनुसंधान निदेशालय के तहत मॉडल फार्म में करीब 1,15,000 पौधे तैयार किए गए हैं। इसके अलावा हिमाचल के विभिन्न हिस्सों में स्थित विश्वविद्यालय के कृषि विकास केंद्रों (केवीके) और क्षेत्रीय बागवानी अनुसंधान एवं प्रशिक्षण केंद्रों में भी करीब 92,000 पौधे बागवानों के लिए तैयार किए हैं।

नौणी विवि के सोलन के कृषि विकास केंद्र कंडाघाट, किन्नौर के शारबो, लाहौल-स्पीति के ताबो, नेरी (हमीरपुर), शिमला के रोहडू, चंबा और क्षेत्रीय बागवानी अनुसंधान एवं प्रशिक्षण केंद्र बजौरा और मशोबरा में भी पौधों की बिक्री की जाएगी। बजौरा के क्षेत्रीय स्टेशन को छोड़कर जहां 15 दिसंबर से बिक्री शुरू हो गई है, अन्य सभी स्टेशनों पर भी पौधे चार जनवरी से उपलब्ध होंगे। यह निर्णय लिया गया है कि प्रति व्यक्ति 200 पौधों की अधिकतम सीमा के साथ प्रति सेब किस्म के 50 पौधे और कीवी के 10 पौधे उपलब्ध करवाए जाएंगे, ताकि सभी किसानों को पौधे उपलब्ध करवाए जा सकें। अन्य फलदार पौधों की उपलब्धता के अनुसार बिक्री होगी।

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नौणी विवि में बागवानों के लिए फलदार पौधे की बिक्री 4 जनवरी से शुरू होगी। यह बिक्री पहले आओ पहले पाओ के आधार पर की जाएगी। इस वर्ष विवि के मुख्य परिसर और क्षेत्रीय स्टेशनों की ओर से फलों की विभिन्न किस्मों के दो लाख से ज्यादा पौधे तैयार किए गए हैं। सेब, कीवी, पलम, खुमानी, आड़ू, अखरोट, चैरी, अनार, नेक्टरिन, परसिमन, पेकननट, अंगूर, नाशपाती के पौधों की बिक्री इस दौरान होगी। विश्वविद्यालय के मुख्य परिसर में फल विज्ञान विभाग, बीज विज्ञान और अनुसंधान निदेशालय के तहत मॉडल फार्म में करीब 1,15,000 पौधे तैयार किए गए हैं। इसके अलावा हिमाचल के विभिन्न हिस्सों में स्थित विश्वविद्यालय के कृषि विकास केंद्रों (केवीके) और क्षेत्रीय बागवानी अनुसंधान एवं प्रशिक्षण केंद्रों में भी करीब 92,000 पौधे बागवानों के लिए तैयार किए हैं।

नौणी विवि के सोलन के कृषि विकास केंद्र कंडाघाट, किन्नौर के शारबो, लाहौल-स्पीति के ताबो, नेरी (हमीरपुर), शिमला के रोहडू, चंबा और क्षेत्रीय बागवानी अनुसंधान एवं प्रशिक्षण केंद्र बजौरा और मशोबरा में भी पौधों की बिक्री की जाएगी। बजौरा के क्षेत्रीय स्टेशन को छोड़कर जहां 15 दिसंबर से बिक्री शुरू हो गई है, अन्य सभी स्टेशनों पर भी पौधे चार जनवरी से उपलब्ध होंगे। यह निर्णय लिया गया है कि प्रति व्यक्ति 200 पौधों की अधिकतम सीमा के साथ प्रति सेब किस्म के 50 पौधे और कीवी के 10 पौधे उपलब्ध करवाए जाएंगे, ताकि सभी किसानों को पौधे उपलब्ध करवाए जा सकें। अन्य फलदार पौधों की उपलब्धता के अनुसार बिक्री होगी।



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