Speed Bike Race: देश में पहली बार होगी स्पीड बाइक रेस, यूपी करेगा मेजबानी

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मोटोजीपी की जानकारी देते डोरना स्पोट्र्स के बाल्दी राखड़ा और सिब्तेन बाकरी।

मोटोजीपी की जानकारी देते डोरना स्पोट्र्स के बाल्दी राखड़ा और सिब्तेन बाकरी।
– फोटो : amar ujala

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कार रेस फॉर्मूला वन की तर्ज पर स्पीड बाइक रेस के लिए मोटोजीपी (ग्रांड प्रिक्स मोटरसाइकिल रेसिंग) की मेजबानी यूपी करेगा। देश में पहली बार 22 से 24 सितंबर को ग्रेटर नोएडा के बुद्धा इंटरनेशनल सर्किट में मोटोजीपी आयोजित होगी। ग्लोबल ट्रेड शो में आए आयोजक कंपनी डोरना स्पोर्ट्स के मुताबिक यह आयोजन जहां स्पीड बाइकों की ब्रूम-ब्रूम से बुद्धा सर्किट को गुलजार करेगी। साथ ही पर्यटन, रियल एस्टेट जैसे सेक्टर में भी तेजी लाएगी।

ग्लोबल ट्रेड शो के इंटरनेशनल पवेलियन में मौजूद कंपनी के चीफ रिलेशनशिप ऑफिसर बाल्दी राखड़ा ने बताया कि हम इस साल भारत में मोटोजीपी की शुरूआत करने जा रहे हैं। यह आयोजन मोटोजीपी भारत के ब्रांडनेम से होगा। बीते दिनों कंपनी के संस्थापक व सीईओ कार्मेलो एप्लेटा स्पेन से आकर यहां मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिल चुके हैं। मुख्यमंत्री का पूरा समर्थन मिलने के बाद अब बुद्धा इंटरनेशनल सर्किट को संवारने का काम शुरू करा रहे हैं। 2013 के बाद से यहां कोई आयोजन नहीं हुआ है।

कंपनी के चीफ स्पोर्टिंग ऑफिसर सिब्तेन बाकरी ने बताया कि मोटोजीपी बाइक रेसिंग के खेल को प्रोत्साहन करने के लिए हम अपनी विशेषज्ञता वाली तकनीकें साझा करने के लिए तैयार हैं। इसे भारतीय कंपनियों को देकर यूपी में उद्योग स्थापित किए जा सकते हैं। इनमें स्पीड बाइक बनाने से लेकर उसके लिए जरूरी सुरक्षा गियर आदि का निर्माण शामिल है। मोटोजीपी शुरू हुआ तो ग्रेटर नोएडा में पर्यटन से लेकर रियल एस्टेट तक को बढ़ावा मिलेगा। करीब एक लाख लोगों को प्रत्यक्ष, अप्रत्यक्ष रूप से आयोजन के समय रोजगार भी मिलेगा।

इंडोनेशिया में किया 1700 करोड़ रुपये का कारोबार

सिब्तेन बाकरी ने बताया कि इंडोनेशिया में हमारे छह करोड़ फैन हैं। भारत में बिना किसी आयोजन के ही मोटोजीपी को चाहने वाले छह करोड़ से अधिक हैं। यही वजह है कि सबसे अधिक स्पीड बाइक भी भारत में ही बिकती हैं। दुनिया में सबसे अधिक देखे जाने वाले खेलों में मोटोजीपी दूसरे नंबर पर आता है। इंडोनेशिया में जब 2022 में आयोजन किया गया तो वहां 1700 करोड़ रुपये का बिजनेस हुआ। भारत में इसका लगभग पांच गुना वित्तीय असर पड़ने की उम्मीद है। 

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