Srinagar Garhwal: बच्ची पर हमले के दस घंटे बाद पिंजरे में कैद हुआ गुलदार, एम्स में चल रहा मासूम का इलाज

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श्रीकोट में सात वर्षीय बच्ची पर गुलदार के हमले के बाद घटनास्थल पर लगाए गए पिंजरे में तीन से चार वर्षीय गुलदार कैद हो गया। जिसे वन विभाग पिंजरा समेत रेेंज कार्यालय पौड़ी ले गई। स्वास्थ्य परीक्षण के बाद गुलदार को रेस्क्यू सेंटर भेजा जाएगा। गुलदार के हमले में घायल बच्ची को गंभीर हालत में बेस अस्पताल से एम्स भेजा गया है। जहां उसका उपचार किया जा रहा है।

शुक्रवार शाम करीब आठ बजे श्रीकोट के गंगनाली निवासी सोनू कुमार की सात वर्षीय पुत्री सिया घर के समीप बने शौचालय ममें गई थी। कुछ समय बाद शौचालय से बाहर निकलते ही पहले से ही घात लगाए बैठे गुलदार ने सिया पर हमला कर दिया। गुलदार उसे उठाकर जंगल की तरफ भाग निकला। शोर सुनकर परिजनों के साथ स्थानीय लोगों ने बच्ची की खोजबीन की। करीब नौ बजे बच्ची घर से करीब 100 मीटर की दूरी पर बेसुध हालत में मिली।

 




गंभीर हालत में उसे पहलेे बेस और फिर एम्स रेफर कर दिया गया। घटना के बाद मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम ने गुलदार को पकड़ने के लिए घटनास्थल के समीप जंगल में पिंजरा लगाया था।


शनिवार सुबह करीब छह बजे गुलदार फंस गया। जिस पर मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम पिंजरा समेत गुलदार को रेंज कार्यालय पौड़ी ले गई। जहां गुलदार का स्वास्थ्य परीक्षण के बाद उसे रेस्क्यू सेंटर भेजा जाएगा।

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तीन से चार वर्षीय व्यस्क गुलदार पिंजरे में कैद हुआ है। यह वही गुलदार है जिसने बच्ची पर हमला किया था। गुलदार को रेंज कार्यालय में लाया गया है। जहां स्वास्थ्य परीक्षण के बाद उसे रेस्क्यू सेंटर में भेजा जाएगा। –ललित मोहन नेगी, वन क्षेत्राधिकारी

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गुलदार के हमले में गंभीर घायल बच्ची को बेस अस्पताल में उपचार के लिए लाया गया था। जिसे प्राथमिक उपचार के बाद एम्स रेफर किया गया है। गले व सिर पर गुलदार के हमले करने से बच्ची को न्यूरो से संबंधित इलाज की जरूरत है। – अजय विक्रम सिंह, चिकित्सा अधीक्षक बेस अस्पताल श्रीकोट


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