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तलाक।
– फोटो : अमर उजाला
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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने लगभग 15 वर्ष से एक-दूसरे से अलग रह रहे डॉक्टर दंपती के तलाक को मंजूरी दे दी। कोर्ट ने कहा, जिन रिश्तों में भावनाएं और सम्मान न हों, वो बोझिल होते हैं। ऐसे रिश्ते मानसिक क्रूरता के समान हैं। यह फैसला न्यायमूर्ति विवेक कुमार बिरला और न्यायमूर्ति डी.रमेश की खंडपीठ ने मुरादाबाद के कर्नल डॉ.मनोज कुमार गुप्ता की ओर से पारिवारिक न्यायालय की ओर से तलाक की डिक्री दिए जाने से इन्कार करने वाले आदेश के खिलाफ दाखिल अपील को स्वीकार करते हुए सुनाया।
कोर्ट ने पल-पल में बनते और बिगड़ते प्रेम विवाह पर चिंता व्यक्त की। कहा, यह पाश्चात्य संस्कृति का प्रभाव है। एक दौर था, जब वैवाहिक रिश्तों में सम्मान और भावनाएं थीं, लेकिन आधुनिकता की चकाचौंध ने इन्हें खत्म कर दिया है। मुरादाबाद निवासी सेना में डॉक्टर कर्नल मनोज कुमार गुप्ता ने वर्ष 2007 में एक महिला चिकित्सक से शादी की थी। वर्ष 2015 में उन्होंने मुरादाबाद के पारिवारिक न्यायालय में विवाह विच्छेद की अर्जी दाखिल की थी।
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