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शिक्षक विनोद रैना
– फोटो : संवाद
विस्तार
राजोरी के सुंदरबनी के शिक्षक विनोद रैना को लोग और बच्चे इनको साथी के नाम से ज्यादा जानते हैं। यह सुंदरबनी के बच्चों के लिए द्रोणाचार्य बनकर उभरे हैं। विनोद रैना इतिहास के अध्यापक हैं लेकिन बच्चों का भविष्य संवारने में जुटे हैं। कौशल विकास केंद्र खोलकर अब तक 300 लड़कियों को रोजगार दे चुके हैं।
इस तरह से वह रोजगार देने के मास्टर और नित नए काम कर सृजन के गुरु बन चुके हैं। वह वेतन से 10 लाख रुपये से ज्यादा पैसे खर्च कर बच्चों के उत्थान के लिए पुस्तकालय, अध्ययन केंद्र और कौशल विकास केंद्र का निर्माण करवा चुके हैं। कौशल विकास केंद्र में सिलाई सीख बच्चियां अपना रोजगार चला रही हैं। बड़ी बात यह है कि इनको मशीनें तक इन्होंने ही उपलब्ध करवाई हैं।
शिक्षक विनोद रैना (साथी) ने शिक्षा विभाग में तैनाती के साथ ही बच्चों के भविष्य का साथी बनने का फैसला लिया। हायर सेकेंडरी स्कूल सुंदरबनी में पहली तैनाती के बाद स्कूल परिसर में करीब पौने चार लाख रुपये की लागत से शहीद-ए-आजम भगत सिंह के नाम पर एक अध्ययन केंद्र एवं पुस्तकालय का निर्माण करवाया। करीब 10 सालों से इस अध्ययन केंद्र एवं पुस्तकालय का प्रयोग यहां के गरीब बच्चे कर रहे हैं। इन कार्यों के चलते उन्हें प्रदेश सरकार द्वारा सम्मानित भी किया जा चुका है।
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