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सुरक्षाबलों का तलाशी अभियान
– फोटो : एजेंसी
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पुंछ जिले में सक्रिय आतंकियों ने वारदात को अंजाम देने की रणनीति बदल दी है। आतंकी अब रात होने के एक या दो घंटे पहले हमला कर भागने के लिए पहले से तैयार नाइट रूट का इस्तेमाल कर रहे हैं। इसमें उन्हें रात के समय भागने के लिए इस्तेमाल होने वाले रास्ते की पूरी जानकारी रहती है। वह एक रूट को तैयार करने से पहले रात के समय 10 से 15 बार सफर करते हैं, ताकि वारदात को अंजाम देने के बाद भागने में कोई दिक्कत न हो। यहीं नहीं अपने रहने के लिए आतंकी गुज्जर बक्कवाल द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले खाली ढोक का इस्तेमाल कर रहे हैं। इन पर किसी का ध्यान नहीं जाता है।
सूत्रों के अनुसार राजोरी के थन्नामंडी, भिंबर, सुरनकोट और मेंढर के 12 से 15 किलोमीटर के जंगल में आतंकियों के तीन ग्रुप सक्रिय हैं। इनमें से दो दल एक साथ हमला करते हैं। अब तक यह दल राजोरी के कंडी, पुंछ के संजयोट और डेरा गली में सेना पर घात लगाकर हमला कर चुके हैं, इसमें 13 जवान बलिदान हो चुके हैं। हमला करने में पाकिस्तानी आतंकी भी शामिल हैं। दरहाल, सुरनकोट, थन्नामंडी, मेंढर, राजोरी और पुंछ में बड़े स्तर पर नशा तस्कर सक्रिय हैं। इन तस्करों के जरिए भी आतंकी संगठनों की मदद की जा रही है।
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