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– फोटो : अमर उजाला
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सरकार की ओर से बाहरी राज्यों के टूरिस्ट वाहनों पर लगाए गए टैक्स में कटौती के फैसले के बावजूद राहत नहीं मिल पाई है। उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री के निर्देशों पर 2 नवंबर को बाहरी राज्यों के टूरिस्ट वाहनों पर विशेष पथ कर 3,000 रुपये से घटाकर 500 रुपये रोजाना करने के निर्देश जारी हुए थे। बाहरी राज्यों के पर्यटक वाहनों से दोहरे टैक्स की वसूली अभी भी जारी है।
सरकार के आदेश पहली दिसंबर से लागू होने हैं, राहत न मिलने से एडवांस बुकिंग प्रभावित हो रही है। दुर्गा पूजा और दिवाली टूरिस्ट सीजन के बाद अब विंटर टूरिस्ट सीजन पर भी संकट खड़ा हो गया है। हिमाचल में पर्यटक वाहनों पर लगाए गए दोहरे टैक्स से पर्यटन उद्योग को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है।
क्रिसमस और न्यू ईयर के लिए शिमला, मनाली, धर्मशाला सहित अन्य पर्यटन स्थलों पर होने वाली एडवांस बुकिंग पर दोहरे टैक्स की मार पड़ रही है। बीते सालों के मुकाबले इस साल बुकिंग में तेजी नहीं आ रही। दोहरे टैक्स से बजट गड़बड़ाने के चलते सैलानी हिमाचल के स्थान पर उत्तराखंड और कश्मीर को तरजीह दे रहे हैं।
सरकार की ओर से लिया गया फैसला दिसंबर से लागू होना है। ऐसे में पर्यटन कारोबारियों को विंटर टूरिस्ट सीजन पिटने की चिंता सता रही है। टूरिज्म इंडस्ट्री स्टेक होल्डर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष मोहिंद्र सेठ का कहना है कि सरकार के फैसले को तुरंत लागू किया गया होता तो पर्यटन उद्योग को राहत मिल सकती थी, फैसला लागू होने में देरी से नुकसान की संभावना है।
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