Umesh Pal hatyakand : शूटरों की तलाश में यूपी एसटीएफ की टीम मध्य प्रदेश रवाना, यूपी में भी 14 जगह छापेमारी

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विधायक राजू पाल हत्याकांड के चश्चमदीद गवाह उमेश पाल की हत्या का खुलासा करने के लिए यूपी एसटीएफ हरकत में आ गई है। शनिवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के द्वारा विधानसभा में माफिया अतीक अहमद के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी देने के बाद यूपी एसटीएफ की टीम ने यूपी में छापेमारी शुरू कर दी है। प्रदेश में कुल 14 संभावित स्थानों पर छापेमारी कर हत्यारों का सुराग लगाने का प्रयास किया जा रहा है। इसके साथ ही एक टीम मध्य प्रदेश भी भेजी गई है।

एसटीएफ की प्रयागराज, वाराणसी और लखनऊ यूनिट को सक्रिय कर दिया गया है। एडीजी ला एंड आर्डर प्रशांत कुमार पूरे मामले पर नजर बनाए हुए हैंं। एसटीएफ के तेज तर्रार अफसरों को खुलासे के लिए लगाया गया है। उमेश पाल के परिवार ने सीसीटीवी फुटेज देखने के बाद अतीक अहमद के परिवार पर मुकदमा दर्ज करा दिया है। उमेश पाल की मां शांति पाल ने कहा कि अतीक का बेटा गोली चला रहा था। उसी ने अपने दो साथियों के साथ मिलकर उमेश पाल की हत्या की है।



अतीक के 40 से ्अधिक गुर्गे हिरासत में

उमेश पाल की हत्या के मामले में एसटीएफ और पुलिस की टीमों ने माफिया अतीक अहमद के 40 से अधिक गुर्गों को हिरासत में लिया है। सभी से पूछताछ की जा रही है। माना जा रहा है कि एसटीएफ जल्द ही हत्या का खुलासा कर सकती है।


जेल में बंद गुर्गों से भी हो रही है पूछताछ

उमेश पाल हत्याकांड में अतीक अहमद के करीबियों और गुर्गों से भी पूछताछ की जा रही है। उसके अधिकांश करीबी प्रदेश की विभिन्न जेलों में बंद हैं। एसटीएफ की टीमे जेल में जाकर उनसे पूछताछ कर रही हैं। एसटीएफ की एक-एक टीमों ने गुजरात जाकर माफिया अतीक अहमद और बरेली जेल में बंद उसके भाई खालिद अजीम उर्फ अशरफ से भी पूछताछ की है। साथ ही जेल में बंद उसके दोनों बेटों से भी हत्या के संबंध में पूछताछ कर जानकारी जुटाई जा रही है।


तीसरे दिन भी पसरा रहा सन्नाटा

उमेश पाल की हत्या के तीसरे दिन भी उनके घर सुलेम सराय में सन्नाटा पसरा रहा। मुहल्ले की दुकानें बंद रहीं और आरएएफ और पुलिस फोर्स तैनात रही। पुलिस की सायरन से सन्नाटा टूट रहा है। उमेश के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया है।


सिद्धार्थनाथ सिंह सांत्वना देने पहुंचे

प्रदेश सरकार के पूर्व कैबिनेट मंत्री और वर्तमान में शहर पश्चिमी के विधायक सिद्धार्थनाथ सिंह रविवार को उमेश पाल के घर पहुंचे और परिजनों से मिलकर उन्हें सांत्वना दी। सिद्धार्थनाथ ने कहा कि वह सीएम योगी आदित्यनाथ के प्रतिनिधि के तौर पर आए हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि घटना को अंजाम देने वाले माफिया को किसी भी दशा में छोड़ा नहीं जाएगा। मीडिया से बातचीत में उन्होंन कहा कि बोया पेड़ बबूल का आम कहां से होय। माफिया को उन्होंने चेतावनी दी कि दिया बुझने से पहले फड़फड़ाता है और जल्द ही बुझ जाता है। माफिया का अंत समय अब आ गया है। 


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