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Umesh Pal Case
– फोटो : अमर उजाला
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बरेली जिले के बारादरी थाना इलाके के चक महमूद का निवासी लल्ला गद्दी अपने समाज का बड़ा नेता बनकर राजनीति चमकाना चाहता था। अशरफ से दोस्ती इसी शॉर्टकट को पूरा करने के लिए की थी। पुलिस सोमवार को सद्दाम और लल्ला के गैर जमानती वारंट लेने को कोर्ट में आवेदन करेगी।
इनके हाजिर या गिरफ्तार न होने पर इनकी संपत्ति कुर्क करने की कार्रवाई की जा सकती है। अतीक अहमद को गद्दी समाज के बड़े नेता के रूप में जाना जाता है। अतीक के भाई अशरफ से जुड़कर लल्ला ने कमाई तो की ही, वह स्थानीय गद्दी समाज के नेता के रूप में स्थापित होना भी चाहता था।
लल्ला गद्दी पहले एक पार्टी से मेयर का चुनाव लड़ चुका है। इस बार सपा से मेयर का टिकट मांग रहा था। लल्ला गद्दी के खिलाफ बारादरी थाने में छेडछाड़, पॉक्सो एक्ट और मारपीट जैसे मुकदमे पहले दर्ज हो चुके हैं। उसने अपने भी कई गुर्गे बना रखे थे। इनमें से अधिकांश युवक गद्दी समाज से हैं।
इन्हें लल्ला ने अशरफ से मिलवाकर शहर में अपना राजनैतिक रसूख बढ़ाया था। लल्ला गद्दी की गिरफ्तारी के बाद अशरफ के कई और मददगार बेनकाब हो सकते हैं।
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