Una: तीन देवियों के दर्शन करने पैदल यात्रा पर निकलीं मुकेश अग्निहोत्री की पत्नी सिम्मी

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सिम्मी अग्निहोत्री

सिम्मी अग्निहोत्री
– फोटो : अमर उजाला

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हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले के हरोली से पांचवीं बार विधानसभा चुनाव जीतने वाले मुकेश अग्निहोत्री की पत्नी प्रो. सिम्मी अग्निहोत्री मन्नत पूरी करने के लिए शुक्रवार को चिंतपूर्णी, ज्वालाजी और मां बगलामुखी के दरबार में माथा टेकने के लिए पैदल यात्रा पर निकलीं। कांग्रेस कार्यकर्ता भी जत्थे के रूप में साथ जा रहे हैं। उनका जगह-जगह लोगों ने स्वागत किया और जीत की बधाई दी। विधानसभा चुनाव जीतने के बाद प्रत्याशी और उनके परिवार के सदस्य देवी-देवताओं के दरबार में माथा टेकने के लिए पहुंच रहे हैं।

शुक्रवार को प्रो. सिम्मी अग्निहोत्री अपने गांव गोंदपुर जयचंद से चिंतपूर्णी के लिए पैदल ही रवाना हुईं। मीडिया से बातचीत में उन्होंने बताया कि वह हर बार मुकेश अग्निहोत्री की जीत के बाद माता का आशीर्वाद लेने के लिए पैदल जाती हैं। उन्होंने कहा कि मुकेश ने हाईकमान से मिली हर जिम्मेदारी को बखूबी निभाया है। मुकेश महत्वाकांक्षी नहीं हैं, वह सौंपे गए दायित्व का निर्वहन करना प्राथमिकता मानते हैं। प्रो. सिम्मी अग्निहोत्री पहले मां चिंतपूर्णी के दरबार पहुंचेगी। इसके बाद मां ज्वालाजी के दरबार में माथा टेेककर मां बगलामुखी से आशीर्वाद लेंगी। चार दिन में यह यात्रा पूरी होगी। चुनाव से पहले भी चिंतपूर्णी मंदिर पहुंचकर उन्होंने मन्नत मांगी थी।

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हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले के हरोली से पांचवीं बार विधानसभा चुनाव जीतने वाले मुकेश अग्निहोत्री की पत्नी प्रो. सिम्मी अग्निहोत्री मन्नत पूरी करने के लिए शुक्रवार को चिंतपूर्णी, ज्वालाजी और मां बगलामुखी के दरबार में माथा टेकने के लिए पैदल यात्रा पर निकलीं। कांग्रेस कार्यकर्ता भी जत्थे के रूप में साथ जा रहे हैं। उनका जगह-जगह लोगों ने स्वागत किया और जीत की बधाई दी। विधानसभा चुनाव जीतने के बाद प्रत्याशी और उनके परिवार के सदस्य देवी-देवताओं के दरबार में माथा टेकने के लिए पहुंच रहे हैं।

शुक्रवार को प्रो. सिम्मी अग्निहोत्री अपने गांव गोंदपुर जयचंद से चिंतपूर्णी के लिए पैदल ही रवाना हुईं। मीडिया से बातचीत में उन्होंने बताया कि वह हर बार मुकेश अग्निहोत्री की जीत के बाद माता का आशीर्वाद लेने के लिए पैदल जाती हैं। उन्होंने कहा कि मुकेश ने हाईकमान से मिली हर जिम्मेदारी को बखूबी निभाया है। मुकेश महत्वाकांक्षी नहीं हैं, वह सौंपे गए दायित्व का निर्वहन करना प्राथमिकता मानते हैं। प्रो. सिम्मी अग्निहोत्री पहले मां चिंतपूर्णी के दरबार पहुंचेगी। इसके बाद मां ज्वालाजी के दरबार में माथा टेेककर मां बगलामुखी से आशीर्वाद लेंगी। चार दिन में यह यात्रा पूरी होगी। चुनाव से पहले भी चिंतपूर्णी मंदिर पहुंचकर उन्होंने मन्नत मांगी थी।



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