[ad_1]

एडीसी ऊना महेंद्र पाल गुर्जर की अध्यक्षता में बैठक आयोजित।
– फोटो : संवाद
विस्तार
पीएम विश्वकर्म योजना के अंतर्गत 18 व्यवसायों के कारीगरों को प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। प्रशिक्षण के बाद अपना व्यवसाय आरंभ करने के लिए आवश्यक मशीनों, औजारों व उपकरणों की खरीद के लिए आर्थिक मदद के साथ अनुदानित ब्याज दरों पर ऋण भी उपलब्ध करवाया जाएगा। यह जानकारी एडीसी ऊना महेंद्र पाल गुर्जर ने इस संबंध में आयोजित बैठक के दौरान दी। उन्होंने बताया कि योजना के आरंभ में जिला की सभी ग्राम पंचायतों के प्रधानों को योजना से संबंधित पोर्टल पर पंजीकरण करवाना होगा। उन्होंने बताया कि जिला ऊना में 158 ग्राम पंचायतों के प्रधानों ने स्वयं को पंजीकृत करवा लिया गया है। जबकि 87 ग्राम पंचायत प्रधानों की ओर से इस योजना से संबंधित पोर्टल पर अभी तक स्वयं को पंजीकृत करवाना शेष है। उन्होंने बताया कि शीघ्र ही जिला के शेष रहते पंचायत प्रधानों का पंजीकरण भी सुनिश्चित किया जाएगा तथा विभिन्न क्षेत्रों में गांव वासियों को पीएम विश्वकर्म योजना के संबंध में जागरूक करने के लिए विशेष प्रयास किए जाएंगे।
बैठक में उपस्थित भारत सरकार के एमएसएमई मंत्रालय की सहायक संस्था आईईडीएस के सहायक निदेशक एके गौतम ने बताया कि 15 अगस्त 2023 को देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस योजना की घोषणा की। 16 सितंबर 2023 को विश्वकर्मा दिवस के अवसर पर इसे आरंभ किया गया। व्यवसायों से संबंधित व्यक्तियों का नजदीकी लोकमित्र केंद्र अथवा सीएससी के माध्यम से योजना के पोर्टल पर निशुल्क पंजीकरण होगा जिसे संबंधित पंचायत प्रधान सहित विभिन्न स्तरों पर सत्यापित किया जाएगा। इसके बाद संबंधित व्यवसाय का पांच से सात दिन का प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। इस दौरान रोजाना 500 रुपये की दर से भत्ता भी प्रदान किया जाएगा। प्रशिक्षण के बाद कारीगरों को व्यवसाय आरंभ करने के लिए आवश्यक मशीन, औजार अथवा उपकरण खरीदने के लिए 15000 रुपये की आर्थिक मदद प्रदान की जाएगी। इसके अलावा संबंधित व्यवसाय के विस्तारीकरण के लिए प्रत्येक कारीगर को सरकार द्वारा 18 महीने के अंतराल में एक से दो लाख रुपये तक का ऋण प्रदान किया जाएगा जिस पर सामान्य ब्याज दरों में पांच प्रतिशत का अनुदान दिया जाएगा।
पंजीकरण के लिए कारीगरों को नहीं देना होगा शुल्क
महेंद्र पाल गुर्जर ने कहा कि पीएम विश्वकर्म योजना में पंजीकरण के लिए शुल्क सरकार द्वारा वहन किया जा रहा है तथा कारीगरों को किसी प्रकार का शुल्क नहीं देना होगा। उन्होंने कहा कि कारीगरों के पंजीकरण के दौरान लोक मित्र केंद्रों अथवा सीएससी संचालकों द्वारा संबंधित व्यक्ति से यदि शुल्क वसूलने के बारे में कोई शिकायत आती है तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
[ad_2]
Source link