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PM Modi
– फोटो : अमर उजाला
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अवसर श्री कल्कि धाम के शिलान्यास का था। मंच भी धार्मिक था तो जिक्र अयोध्या में रामलला के प्राण प्रतिष्ठा समारोह से लेकर कल्कि धाम के शिलान्यास समारोह तक हुआ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अयोध्या के श्रीराममंदिर से लेकर अबू धाबी में मंदिर के निर्माण का जिक्र करके हिंदुत्व के एजेंडे को धार दी तो उज्जैन के महाकाल मंदिर, काशी, उत्तराखंड के तीर्थस्थलों की चर्चा भी की।
उन्होंने बीच-बीच में श्लोक सुनाए और उनका अर्थ भी बताया। इस कार्यक्रम के दौरान एक नया धार्मिक नारा गूंजा, अवधपुरी से कल्कि धाम, जय श्रीराम, जय श्रीराम। तीस मिनट के अपने संबोधन में पीएम मोदी ने धार्मिक बातों के साथ विकास का एजेंडा भी बताया। बिना किसी का नाम लिए विरोधियों पर निशाना भी साधा।
कल्कि धाम के काम में आचार्य प्रमोद कृष्णम के सामने आई परेशानियों का जिक्र करते हुए पिछली सरकारों के कार्यकाल में कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाया। साथ ही मौजूदा सरकार में बेखौफ कल्कि धाम का काम शुरू होने की बात कहकर यह संदेश भी दिया कि मोदी है तो हर धार्मिक कार्य मुमकिन है।
महिलाओं, किसानों और गरीबों का जिक्र कर उन्होंने सबको साधने की कोशिश की। सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास की बात कहकर उन्होंने यह संदेश दिया कि उनकी सरकार में सबका ख्याल रखा जा रहा है। कल्याणकारी योजनाओं में किसी के साथ कोई भेदभाव नहीं है।
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