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Elvish Yadav
– फोटो : अमर उजाला
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युवा और किशोरों में नशे की लत को अगले पायदान पर ले जाने की चाहत उनको सांप से कटवाने की तरफ ले जा रही है। रेव पार्टियों में इसका चलन पूरी दुनिया में बढ़ा है। इसके लिए स्थानीय सपेरों की मदद भी ला जाती है। कई बार पार्टियों में इसके लिए मुंहमांगी कीमत तक अदा की जाती है।
इंडियन जर्नल ऑफ फिजियोलॉजी एंड फार्माकोलॉजी में 2021 में प्रकाशित एक शोध के मुताबिक सांप से कटवाना एक मनोरंजक प्रवृत्ति बनती जा रही है। पूरे देश में अलग-अलग जगहों से रिपोर्ट के आधार पर प्रकाशित शोध पत्र में कहा गया है कि इन मामलों में शामिल युवा पहले से ही अलग-अलग तरीकों से नशे के आदी थे।
उनींदापन, प्रसन्नतापूर्ण मनोदशा, उत्साह महसूस करने के लिए युवा खुद को सांप से कटवा रहे थे। जहर की डोज को ध्यान में रखते हुए पैर की छोटी उंगली, कान की लौ, होंठ, जीभ का अगला भाग पर सांप से कटवाया जाता है। इसके लिए सांप को संभाल रहा व्यक्ति जरूरत के मुताबिक सांप के सिर में किसी सपाट वस्तु या हाथ से चोट करता है। इससे गुस्साया सांप खुद के बचाव में सामने मौजूद व्यक्ति पर हमला कर देता है।
रिपोर्ट के मुताबिक, स्नेकबाइट से नशे की लत एक दूसरे से ही युवाओं में लग रही है। शुरू में किसी नजदीकी या दोस्त के उपयोग करने पर जिज्ञासा होने पर इसकी शुरुआत होती है। धीरे-धीरे इसकी लत लग जाती है। इस तरह से नशा करने वाले युवाओं ने इसे दूसरे मादक पदार्थों से कहीं बेहतर बताया है।
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