[ad_1]

इलाहाबाद हाईकोर्ट
– फोटो : अमर उजाला।
विस्तार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने इलाज में डाक्टरों की लापरवाही के चलते बुखार व शरीर दर्द से पीड़ित महिला की मौत के मामले में सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के हलफनामे को अधिकारियों को बचाने वाला करार दिया है। अदालत ने कहा कि इस मामले में ठोस कार्रवाई नहीं की गई। अपर महाधिवक्ता पीके गिरि ने बेहतर जानकारी लेने के लिए कोर्ट से समय मांगा है। अगली सुनवाई सात नवंबर को होगी।
यह आदेश न्यायमूर्ति एमसी त्रिपाठी तथा न्यायमूर्ति प्रशांत कुमार की खंडपीठ ने बागीश कुमार सिंह नागवंशी की याचिका की सुनवाई करते हुए दिया है। कोर्ट ने चंदौली जिले के सूर्या हास्पिटल एंड ट्रामा सेंटर व न्यू शिवांश डायग्नोस्टिक्स को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था। कहा था, चिकित्सा एवं परिवार कल्याण विभाग के सचिव स्तर के अधिकारी का हलफनामा दाखिल किया जाए।
इसके अनुपालन में सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य ने हलफनामा दाखिल कर बताया कि जिलाधिकारी चंदौली ने सीएमओ के खिलाफ शिकायत दर्ज की है। जांच कमेटी गठित की गई है। अस्पताल से स्पष्टीकरण मांगा गया है। सात जून 23 को डायग्नोस्टिक्स सेंटर सीज कर लिया गया है। एफआईआर दर्ज की गई है, किंतु यह रिकॉर्ड पर दाखिल नहीं किया गया।
[ad_2]
Source link