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Lok Sabha Election 2024
– फोटो : अमर उजाला
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आदिवासी नेता रामप्यारे पनिका को सोनभद्र का विकास पुरुष भी कहा जाता है। ऊर्जांचल की ज्यादातर परियोजनाओं की स्थापना में उनका अहम योगदान रहा है। वह रॉबर्ट्सगंज सीट से दो बार सांसद रहे। सरलता, सादगी और जुझारू व्यक्तित्व वाले पनिका की गांधी-नेहरू परिवार से घनिष्ठता रही। यही कारण रहा कि उनके चुनाव प्रचार में खुद राजीव गांधी सोनभद्र आए थे।
वर्ष 1989 के चुनाव में राजीव गांधी ने पनिका के समर्थन में धुंआधार प्रचार किया था। बावजूद रामप्यारे पनिका करारी हार की वजह से हैट्रिक लगाने से चूक गए थे। पार्टी की आंतरिक गुटबाजी उनकी हार का कारण बनी।
वर्ष 1989 के चुनाव में भी माहौल पनिका के ही अनुकूल था। इस चुनाव में राजीव गांधी पनिका के समर्थन में प्रचार के लिए आए थे। इसके बाद घटनाक्रम ऐसा बदला कि मजबूत जनाधार वाले पनिका को हार का सामना करना पड़ा।
उस चुनाव का जिक्र करते हुए तत्कालीन छात्र नेता व कांग्रेस के पदाधिकारी राजेश द्विवेदी बताते हैं कि राजीव गांधी ने शक्तिनगर में सभा की थी। मंच पर उनके साथ पं. लोकपति त्रिपाठी सहित कई अन्य नेता थे। राजीव ने सबको दरकिनार कर पनिका को अपने पास बुलाया।
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