UP: सीएम योगी ने डिफेंस कॉरिडोर का किया उद्घाटन, 2017 के पहले की सरकार को कोसा

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Chief Minister Yogi Adityanath inaugurated the Defense Corridor

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
– फोटो : अमर उजाला

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साढ़ डिफेंस कॉरिडोर में अदाणी एम्युनिशन और मिसाइल कॉप्लेक्स के उद्घाटन के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि देश को विकसित बनाने में प्रदेश की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। प्रदेश के डिफेंस कॉरिडोर के सभी छह नोड देश को डिफेंस मैन्यूफैक्चरिंग के मामले में आत्मनिर्भर बनाने में जुट गए हैं। इंफ्रास्ट्रक्चर पर सरकार तेजी से काम कर रही है। पूरे देश के 40 प्रतिशत एक्सप्रेस-वे यूपी में हैं। गंगा एक्सप्रेस-वे के बनने के बाद यह हिस्सेदारी 55 प्रतिशत हो जाएगी। मार्च में नए एयरपोर्ट शुरू होंगे। जेवर प्रदेश का सबसे बड़ा एयरपोर्ट होगा।

उन्होंने कहा कि आईआईटी कानपुर और एचबीटीयू के साथ मिलकर डिफेंस कॉरिडोर में स्किल डेवलेपमेंट सेंटर स्थापित किया जा सकता है। उप्र की 56 प्रतिशत आबादी कामकाजी है। देश को विकसित करने में प्रदेश की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। उद्घाटन समारोह के दौरान देश के चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ जनरल मनोज पांडेय भी मौजूद रहे। अदाणी पोर्ट्स एंड एसईजेड लिमिटेड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी करण अदाणी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का पुष्पगुच्छ एवं अंगवस्त्र देकर स्वागत एवं अभिनंदन किया। इससे पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एम्युनिशन मैन्यूफैक्चरिंग कॉम्प्लेक्स का निरीक्षण किया। इस मौके पर उप्र विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना, कैबिनेट मंत्री नंद गोपाल नंदी, राकेश सचान, लेफ्टिनेंट जनरल एनएस राजा सुब्रमणमय, आईआईडीसी मनोज कुमार सिंह, अदाणी ग्रुप के जीत अदाणी, आशीष राजवंशी मौजूद रहे।

यूपी में पहले दंगे होते थे, अब दंगल खेल युवा जीत रहे पदक

मुख्यमंत्री ने पूर्व सरकार पर निशाना साधा। बिना किसी का नाम लिए कहा कि 2017 से पहले यूपी में तमंचे लहराए जाते थे, अब युवाओं के हाथों में टैबलेट हैं। पहले व्यापारियों-उद्यमियों को रंगदारी देनी पड़ती थी। अब पीएम स्वनिधि सम्मान योजना के तहत उन्हें लोन दिया जा रहा है। पहले दंगे होते थे, कफ्र्यू लगते थे, अब दंगल खेले जा रहे हैं। युवा राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीत रहे हैं।

स्वदेशीकरण पर है सेना का पूरा जोर : जनरल मनोज पांडेय

मिसाइलों और आयुध में आत्मनिर्भरता की आवश्यकता पर जोर देते हुए थल सेनाध्यक्ष जनरल मनोज पांडेय ने कहा कि हाल की भू-राजनीतिक घटनाएं इस बात पर जोर देती हैं कि लंबे समय तक चलने वाले संघर्ष की तैयारी के लिए आयुध के लिए आंतरिक स्रोतों से विश्वसनीय आपूर्ति समय की मांग है। उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा अहम है। इस पर आत्मनिर्भरता बेहद जरूरी है। इस दिशा में तेजी से काम हो रहा है। सेना के अलग-अलग प्रकार के 1075 में से 1034 (85 प्रतिशत) आयुधों व अन्य साजों-सामान को स्वदेशीकरण किया जा चुका है। नई पीढ़ी के खासकर इलेक्ट्रानिक्स उत्पादों को सेना में बढ़ावा दिया जा रहा है।

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