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UP BJP First List
– फोटो : Amar Ujala/ Sonu Kumar
विस्तार
भाजपा ने 195 प्रत्याशियों की सूची शनिवार देर शाम को जारी कर दी। सूची में घोषित नामों के बाद इसे एक बार फिर से अप्रत्याशित सूची के तौर पर देखा जा रहा है। दरअसल भाजपा ने दिल्ली की घोषित प्रत्याशियों की सूची के अलावा ज्यादातर राज्यों में बहुत बड़ी छेड़छाड़ नहीं की है। उत्तर प्रदेश में भाजपा ने 90 फीसदी से ज्यादा प्रत्याशियों को दोबारा टिकट देकर यह जताया है कि राज्य में कोई भी एंटी इनकंबेंसी सांसदों के खिलाफ नहीं है। सियासी जानकार भी मानते हैं कि इसी रणनीति के साथ भाजपा के रणनीतिकारों ने मनोवैज्ञानिक तौर पर भी राज्य में एक बड़ा सियासी संदेश दिया है। इसके अलावा जीतने वाले प्रत्याशियों की लाइन में न तो उम्र का कोई संकट सामने आया और न ही किसी तरह के विवादित मामले में टिकट कटने का कोई बैरियर लगा।
वरिष्ठ पत्रकार बृजेंद्र शुक्ला कहते हैं कि दरअसल उत्तर प्रदेश में विकास के नाम पर डबल इंजन सरकार की बड़ी दुहाई देती आई है। ऐसे में अगर एक साथ बड़े टिकट काट दिए जाते, तो लोगों के बीच में बना यह संदेश जाता कि जिस प्रदेश में सबसे ज्यादा विकास की और बदलाव की बात हो रही है, वहां पर अचानक बड़े स्तर पर टिकटों का बदलाव कर देना कहीं ना कहीं यह संदेश देता कि अंदरखाने सब ठीक नहीं है। शुक्ल कहते हैं कि बड़े स्तर पर टिकट काटे जाने का मतलब यही होता है कि संसद या विधायक परफॉर्म नहीं कर पा रहे हैं। इसीलिए भाजपा ने न सिर्फ जिताऊ उम्मीदवारों पर भरोसा जताते हुए उन्हें दोबारा मैदान में उतारा, बल्कि यह संदेश दिया है कि मोदी सरकार जो कह रही है वही जमीन पर हो रहा है। उसके अलावा नेताओं के विवाद सामने आने के साथ उम्र जैसे अहम बैरियर भी जीतने की संभावना के आगे फेल हो गए।
भाजपा ने उत्तर प्रदेश में जिन 51 सीटों पर नाम घोषित किए हैं, उनमें 47 नाम मौजूदा सांसदों के ही हैं। सिर्फ चार नए नाम बतौर प्रत्याशी जोड़े गए हैं। जिसमें जौनपुर से कृपाशंकर सिंह को सियासी मैदान में उतारा गया है। जबकि अंबेडकर नगर से रितेश पांडे को चुनाव लड़ने के लिए मैदान में उतारा है। इसी तरह श्रावस्ती से प्रधानमंत्री के नजदीकी रहे नृपेंद्र मिश्रा के बेटे साकेत मिश्रा को चुनावी मैदान में उतार गया है। जबकि नगीना से ओम कुमार को टिकट दिया गया है। इसके अलावा सभी 47 टिकट दोबारा बांटे गए हैं। जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर महेंद्र नाथ पांडे और विवादों में घिरे रहे केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्र टेनी समेत इन 51 सीटों में शामिल मोदी कैबिनेट के मंत्री शामिल हैं।
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