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up bord, यूपी बोर्ड
– फोटो : अमर उजाला
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परीक्षकों की अनुपस्थिति की वजह से यूपी बोर्ड की कॉपियों के मूल्यांकन में देरी हो सकती है। लाख प्रयास के बाद अब तक 60 से 70 प्रतिशत परीक्षकों की उपस्थिति हो पा रही है। ऐसे में समय से मूल्यांकन चुनौती है। यूपी बोर्ड परीक्षा की तरह हाईस्कूल, इंटरमीडिएट की कॉपियों के मूल्यांकन की निगरानी भी कंट्रोल रूम से की जा रही है। जिला स्तर पर राजकीय क्वींस इंटर कॉलेज में कंट्रोल रूम बनाया गया है। वहीं, प्रयागराज में माध्यमिक शिक्षा परिषद कार्यालय से टीम जिलेवार निगरानी कर रही है।
माध्यमिक शिक्षा परिषद की ओर से 18 मार्च से शुरू मूल्यांकन एक अप्रैल तक चलेगा। करीब छह लाख काॅपियों की जांच के लिए 2600 परीक्षकों को लगाया गया है। तीन दिन के मूल्यांकन में 50 हजार से अधिक कॉपियां जांची जा चुकी हैं। हालांकि, जितने परीक्षकों की ड्यूटी लगाई गई है, उसमें 70 प्रतिशत ही आ रहे हैं।
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