[ad_1]

परीक्षा परिणाम पर खुशी जतातीं छात्राएं।
– फोटो : amar ujala
विस्तार
रिकॉर्ड समय में नकलविहीन परीक्षा कराने के बाद योगी सरकार ने एक और बड़ा कीर्तिमान कायम करते हुए महज 67 दिनों में यूपी बोर्ड के 10वीं और 12वीं का परीक्षाफल घोषित करके 100 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। जारी नतीजों में हाईस्कूल के 89.78 प्रतिशत छात्र पास हुए हैं, जबकि इंटरमीडिएट में 75.12 प्रतिशत छात्रों ने सफलता प्राप्त की है। सीएम योगी ने सभी उत्तीर्ण छात्रों को शुभकामनाएं दी हैं। साथ ही उन्होंने परीक्षाओं में राज्य स्तर और जनपद स्तर पर शीर्ष 10 में आने वाले छात्र-छात्राओं को सम्मानित करने की भी घोषणा की है।
उल्लेखनीय है कि घोषित परीक्षाफल के अनुसार हाईस्कूल में कुल 179 छात्रों ने टॉप-10 में जगह बनाई है तो इंटर में यह संख्या 253 है। दोनों परीक्षाओं में कुल 432 छात्र टॉप-10 में शुमार रहे हैं। महत्वपूर्ण बात ये है कि यूपी बोर्ड की परीक्षा सीबीएससी के 1 दिन बाद 16 फरवरी से शुरू हुई थी लेकिन यूपी बोर्ड का रिजल्ट सीबीएसई से पहले घोषित कर दिया गया, वह भी तब जब सीबीएसई की तुलना में यूपी बोर्ड में कई गुना छात्र अधिक हैं।
ये भी पढ़ें – पढ़ाई पर ध्यान देने के लिए सोशल मीडिया से दूर रहीं टॉपर प्रियांशी सोनी, नहीं लिया कोचिंग-ट्यूशन
ये भी पढ़ें – हर रोज सात घंटे पढ़ाई का श्रेयांशी ने टॉपर्स की सूची में बनाया तीसरा स्थान, बताया कैसे मिली कामयाब
2019 का भी टूटा रिकॉर्ड
मंगलवार को माध्यमिक शिक्षा परिषद के निदेशक महेंद्र देव और सचिव दिब्यकांत शुक्ल ने यूपी बोर्ड के हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा के नतीजे घोषित करते हुए इस उपलब्धि के बारे में जानकारी दी। बोर्ड के निदेशक महेंद्र देव ने बताया कि हाईस्कूल में सीतापुर की प्रियांसी सोनी ने 600 में 590 अंक लाकर शीर्ष स्थान हासिल किया है। वहीं, इंटर में महोबा के शुभ छापरा 500 में 489 अंक के साथ शीर्ष पर रहे हैं। बोर्ड के सचिव दिब्यकांत शुक्ल ने बताया कि माध्यमिक शिक्षा परिषद ने 100 वर्षों के इतिहास में सबसे पहले परीक्षाफल घोषित करने का कीर्तिमान स्थापित किया है। उन्होंने बताया कि 1921 में बोर्ड के गठन के बाद पहली बार 1923 में बोर्ड परीक्षा का संचालन किया गया था। तब से अब तक सबसे कम समय में बोर्ड ने परीक्षाफल घोषित किया है। इससे पहले 2019 में सबसे कम समय में 27 अप्रैल को परीक्षाफल की घोषणा हुई थी। तब 7 फरवरी से परीक्षा की शुरुआत हुई और 89 दिन में परीक्षाफल घोषित किया गया। इस बार 16 फरवरी के बाद परीक्षाएं आयोजित कराई गईं और कुल 67 दिन में परीक्षाफल घोषित कर दिया गया।
ग्रीवांस सेल करेगा छात्रों की समस्या का निराकरण
दिब्यकांत शुक्ल ने ये भी बताया कि मुख्यमंत्री योगी की मंशा के अनुरूप इस वर्ष बोर्ड ने नकल विहीन परीक्षा कराने में सफलता प्राप्त की थी। 30 वर्षों में यह पहला अवसर रहा जब कोई पेपर न तो वायरल हुआ, न ही रांग ओपनिंग हुई,न ही कोई परीक्षा रद की गई और न ही सामूहिक नकल हुई। उन्होंने बताया कि विश्व का सबसे बड़ा बोर्ड होने के नाते यह गौरव की बात है कि विगत 100 वर्ष में यह पहला अवसर है जब सारे रिजल्ट पूर्ण हैं। पहले किसी न किसी वजह से कुछ रिजल्ट अपूर्ण रह जाते थे।
उन्होंने बताया कि परीक्षाफल घोषित होने के बाद अब ग्रीवांस सेल छात्रों की समस्याओं का निराकरण करेगा। सभी क्षेत्रीय कार्यालय स्तर पर ग्रीवांस सेल खोले गए हैं, जो अगले सप्ताह से कार्य करना शुरू कर देंगे। प्रार्थना पत्र देने वाले छात्रों की समस्याओं का यहां समयसीमा के अंदर निराकरण होगा। सोमवार के बाद स्क्रूटनी के आवेदन का भी कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
[ad_2]
Source link