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सोनभद्र का प्रसिद्ध पर्यटन स्थल
– फोटो : अमर उजाला
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दीप तले अंधेरा की कहावत यूपी के सोनभद्र जिले के भाठ क्षेत्र के लिए सटीक साबित हो रही है। क्षेत्र का एक बड़ा हिस्सा आज भी अंधेरे में है। लोग बार-बार गुहार लगा रहे हैं, लेकिन बिजली पहुंचाकर उनकी जिंदगी में रोशनी लाने की सुध किसी को नहीं है। आजादी के बाद ऊर्जांचल में रिहंद बांध, कोल परियोजनाएं, फिर ताप विद्युत गृह की नींव रखी गई।
बार-बार क्षेत्र के लोगों को विस्थापित किया गया। कुछ लोगों को शहर से दूर भाठ क्षेत्रों में बसा दिया गया। इन्हें बिजली, पानी सहित हर सुविधा परियोजनाओं को पहुंचानी थी, लेकिन यह कागजों तक ही रह गया। अनपरा, चोपन और सिंगरौली के बीच में बसा जोगेंद्रा गांव आज भी अंधेरे में है। सूरज ढलते ही यहां अंधेरा छा जाता है।
आश्वासन के सिवाय कुछ नहीं मिला
ग्रामीणों के मुताबिक कई बार बिजली की मांग की गई, लेकिन आश्वासन के सिवाय कुछ नहीं मिला, जबकि औद्यौगिक परियोजनाओं को चलाने वाले मजदूर यहीं से जाते हैं। कहा कि मौत से पहले बिजली का सपना किसी भी तरह से पूरा हो जाए। जोगेंद्रा गांव के पंचायत सहायक श्रीकांत वैश्य का कहना है कि सरकार ने लोगों की सुविधा के लिए ग्राम सचिवालय मे कंप्यूटर प्रिंटर एवं अन्य सुविधा दी है, ताकि लोगों के ऑनलाइन आवेदन हो सके।
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