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बनारसी साड़ी
– फोटो : अमर उजाला
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साल 2019 से चली आ रही बुनकरों की मांग राज्य सरकार ने पूरी कर दी। बुधवार को हुई कैबिनेट की बैठक में एक अप्रैल से बुनकरों के लिए बिजली की खपत पर फ्लैट रेट के प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई। हालांकि शहरी व ग्रामीण बुनकरों के लिए अलग-अलग से फ्लैट रेट तय किया है। साथ ही बुनकरों से बकाया 2006 के शासनादेश के तहत ही लेने का फैसला लिया है।
सरकार के इस फैसले से दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाने वाली बनारसी साड़ी उद्योग अब और चमक बिखेरेगा। बनारसी साड़ी से जुड़े दो लाख बुनकरों को सस्ते दर पर बिजली मिलेगी। बुनकरों के हित में साल 2019 तक योजना चलाई गई थी, जिसके तहत शहरी इलाके के बुनकरों से 72 रुपये प्रति लूम और ग्रामीण इलाके के बुनकरों से प्रति लूम 42 रुपये फ्लैट रेट लिया जाता था, लेकिन इसके बाद यह रेट बढ़ता ही जा रहा था।
बुनकर थे परेशान
इसी बीच चर्चा होने लगी कि बुनकरों को प्रति यूनिट के हिसाब से बिजली मुहैया कराई जाएगी, जिसे लेकर बुनकर परेशान हो गए। बीते शुक्रवार को मुख्यमंत्री ने लखनऊ में आयोजित एक कार्यक्रम में इसे लेकर आश्वासन दिया था, जिसे लेकर तैयार प्रस्ताव पर बुधवार को कैबिनेट की हुई बैठक में मंजूरी प्रदान कर दी गई।
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