[ad_1]

प्रतीकात्मक तस्वीर
ख़बर सुनें
विस्तार
इस सत्र में सब्जियों की पहली खेप लखनऊ से दुबई के लिए मंगलवार को भेजी गई। कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने बताया कि अब दुबई के लिए लगातार उत्तर प्रदेश से हरी सब्जियां भेजी जाएंगी। साथ ही गाजर, मटर, मिर्च आदि का यूरोप के लिए भी किया जायेगा। यह भी सुनिश्चित किया गया है कि लखनऊ से हर सप्ताह चार कंसाइन्मेंट भेजे जाएं।
विधान भवन स्थित अपने कार्यालय में कृषि मंत्री ने इस बाबत विस्तार से जानकारी दी। इस दिन 3 टन भिंडी, एक टन गाजर और 800 किलो मटर की खेती एयर इंडिया की फ्लाइट से भेजी गई। अब प्रति सप्ताह 10 टन हरी सब्जियां दुबई निर्यात करने की व्यवस्था की जा रही। है । सीतापुर के निर्यातक इसे भेज रहे हैं। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय मानकों के आधार पर खेती करने की तरफ किसान बढ़ रहे हैं। इससे ज्यादा निर्यात हो सकेगा। निर्यात को बढ़ावा देने के लिए लखनऊ, सीतापुर, अमरोहा तथा वाराणसी में पैक हाउस तैयार किए जा रहे हैं। वर्ष 2021-23 में 161 करोड़ रुपए कीमत की 159344 मीट्रिक टन सब्जी का निर्यात किया गया था। इस वर्ष अभी तक इस खेप के अलावा 99 528 मीट्रिक टन का निर्यात किया जा चुका है। इसका मूल्य लगभग 112 करोड़ रुपए है। इस मौकेपर कृषि विपणन एवं निर्यात मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिनेश प्रताप सिंह भी मौजूद थे।
ये भी पढ़ें – मुख्यमंत्री योगी का निर्देश, ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट की तर्ज पर जिलों में भी हों इन्वेस्टर्स समिट
ये भी पढ़ें – लंबित भर्तियां पूरी हों तो 32 हजार युवाओं को मिले नौकरी, तेज हुईं तैयारियां
फसलों को बचाने के लिए एडवाइजरी जारी की
इस मौके पर कृषि मंत्री ने फसलों को बचाने के लिए एडवाइजरी भी जारी की। कहा कि तापमान में गिरावट एवं आर्र्दता में वृद्धि के कारण आलू की फसल में अगेती तथा पछेती झुलसा एवं राई-सरसों में माहू के प्रकोप की आशंका बढ़ गई है। उन्होंने कृषि विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि फसलों की नियमित निगरानी के साथ कृषकों को रोगों, कीटों एवं उनके नियंत्रण के प्रति जागरूक करें। मंडलों में कृषि रक्षा रसायनों की व्यवस्था करें।
इस तरह करें बचाव
उन्होंने किसानों से अपील की कि झुलसा रोग के नियंत्रण के लिए मैन्कोजेब 75 प्रतिशत डब्लूपी 2 किग्रा या कॉपर आक्सीक्लोराइड 50 प्रतिशत डब्लूपी की 2.5 किग्रा की मात्रा प्रति हेक्टेयर की दर से लगभग 500-750 लीटर पानी में घोलकर छिड़कें। राई-सरसों माहू कीट से फसलों को बचाने के लिए एजाडिरेक्टिन 0.15 प्रतिशत ईसी की 2.5 लीटर मात्रा को 400-500 लीटर पानी में घोलकर बनाकर छिड़काव करें। कीट की सघनता के अनुसार 10-15 येलो स्टिकी ट्रैप प्रति हेक्टेयर की दर से प्रयोग किया जा सकता है। रासायनिक नियंत्रण के लिए डाईमेथोएट 30 प्रतिशत ईसी ऑक्सीडेमेटान-मिथाइल 25 प्रतिशत ईसी अथवा क्लोरपाइरीफास 20 प्रतिशत ईसी की 1.0 लीटर मात्रा को 600-750 लीटर पानी में घोलकर प्रति हेक्टेयर छिड़कें। पाले से बचाव के लिए खेत में नमी बनाएं। हल्की सिंचाई करें।
[ad_2]
Source link