UP News: सीएम योगी ने अटल जी को दी श्रद्धांजलि, सर्वमान्य नेता के रूप में देश व दुनिया में थी स्वीकार्यता

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मुख्यमंत्री योगी ने अटल जी को दी श्रद्धांजलि।

मुख्यमंत्री योगी ने अटल जी को दी श्रद्धांजलि।
– फोटो : amar ujala

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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी एक कवि, लेखक, पत्रकार और संवेदनशील जनप्रतिनिधि थे। उन्होंने सदैव मानवीय मूल्यों को प्राथमिकता दी। एक सर्वमान्य नेता के रूप में देश व दुनिया में उनकी स्वीकार्यता थी। देश के समक्ष संकट के समय वह पक्ष व विपक्ष के भेदभाव को समाप्त करते हुए सरकार के साथ खड़े होते थे। वे कहते थे कि हमारे लिए दल के हित से महत्वपूर्ण देश का हित है। वर्ष 1971 के युद्ध में श्रद्धेय अटल जी ने विपक्षी दल के प्रमुख नेता के रूप में देशहित में तत्कालीन कांग्रेस सरकार का समर्थन किया था। वहीं वर्ष 1977 में लोकतंत्र को बचाने के लिए उन्होंने जनता पार्टी में भारतीय जनसंघ के विलय में भी कोई संकोच नहीं किया था।

मुख्यमंत्री रविवार को लोकभवन सभागार में पूर्व प्रधानमंत्री अटल की जयंती पर सुशासन दिवस के रूप में आयोजित कार्यक्रम में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी ने अपने छह दशक के कार्यकाल के जरिए हम सबको प्रेरणा दी कि सार्वजनिक जीवन में रहकर भी व्यक्ति मूल्यों और आदर्शों की राजनीति कर सकता है। उन्होंने अस्थिरता के दौर से गुजर रही भारत की राजनीति को स्थिरता में बदलने का कार्य किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि शासन की व्यवस्था संवेदनशील हो, यह सुशासन का लक्ष्य है। लोकतांत्रिक मूल्यों और आदर्शों का पालन करते हुए गरीब की सुनवाई हो तथा उन्हें शासन की सुविधाओं का लाभ बिना भेदभाव के मिलेए यह सुशासन का लक्षण है। इसका सपना अटल ने अपने सार्वजनिक जीवन में देखा था। आज वह साकार रूप में हम सबके सामने है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के 18 मंडलों में समाज के दबे, कुचले, वंचित व निराश्रित बालक, बालिकाओं के लिए 18 अटल आवासीय विद्यालयों का निर्माण युद्ध स्तर पर चल रहा है। नए सत्र में इनमें पंजीकृत श्रमिकों, कोविड कालखंड के दौरान निराश्रित हुए बच्चों व अन्य निराश्रित बच्चों के लिए अत्याधुनिक शिक्षा की व्यवस्था की जा रही है। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने शिक्षाविद व समाजसेवी पं. मदन मोहन मालवीय को भी उनकी जयंती पर याद किया। उन्होंने कहा कि पं. मदन मोहन मालवीय ने शिक्षा के क्षेत्र में बनारस हिंदू विश्वविद्यालय जैसी प्रतिष्ठित संस्था देकर देश में सांस्कृतिक चेतना को जागृत किया।

कार्यक्रम में अटल की कविताओं का गान किया गया। गजेंद्र सोलंकी ने अटल पर आधारित कविता का पाठ किया। साथ ही अटल आवासीय विद्यालय व अटल के जीवन पर आधारित लघु फिल्म का प्रदर्शन किया। अटल के जीवन, दर्शन व कविताओं पर आधारित अभिलेख प्रदर्शनी का अवलोकन किया। समारोह में प्रधानमंत्री के मन की बात कार्यक्रम को भी मुख्यमंत्री व अतिथियों ने सुना। इस दौरान उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी का पूरा जीवन भारत माता के प्रति समर्पित था। कार्यक्रम में जल शक्ति मंत्री स्वतंत्रदेव सिंह के साथ ही कई अधिकारी मौजूद थे। 

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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी एक कवि, लेखक, पत्रकार और संवेदनशील जनप्रतिनिधि थे। उन्होंने सदैव मानवीय मूल्यों को प्राथमिकता दी। एक सर्वमान्य नेता के रूप में देश व दुनिया में उनकी स्वीकार्यता थी। देश के समक्ष संकट के समय वह पक्ष व विपक्ष के भेदभाव को समाप्त करते हुए सरकार के साथ खड़े होते थे। वे कहते थे कि हमारे लिए दल के हित से महत्वपूर्ण देश का हित है। वर्ष 1971 के युद्ध में श्रद्धेय अटल जी ने विपक्षी दल के प्रमुख नेता के रूप में देशहित में तत्कालीन कांग्रेस सरकार का समर्थन किया था। वहीं वर्ष 1977 में लोकतंत्र को बचाने के लिए उन्होंने जनता पार्टी में भारतीय जनसंघ के विलय में भी कोई संकोच नहीं किया था।

मुख्यमंत्री रविवार को लोकभवन सभागार में पूर्व प्रधानमंत्री अटल की जयंती पर सुशासन दिवस के रूप में आयोजित कार्यक्रम में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी ने अपने छह दशक के कार्यकाल के जरिए हम सबको प्रेरणा दी कि सार्वजनिक जीवन में रहकर भी व्यक्ति मूल्यों और आदर्शों की राजनीति कर सकता है। उन्होंने अस्थिरता के दौर से गुजर रही भारत की राजनीति को स्थिरता में बदलने का कार्य किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि शासन की व्यवस्था संवेदनशील हो, यह सुशासन का लक्ष्य है। लोकतांत्रिक मूल्यों और आदर्शों का पालन करते हुए गरीब की सुनवाई हो तथा उन्हें शासन की सुविधाओं का लाभ बिना भेदभाव के मिलेए यह सुशासन का लक्षण है। इसका सपना अटल ने अपने सार्वजनिक जीवन में देखा था। आज वह साकार रूप में हम सबके सामने है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के 18 मंडलों में समाज के दबे, कुचले, वंचित व निराश्रित बालक, बालिकाओं के लिए 18 अटल आवासीय विद्यालयों का निर्माण युद्ध स्तर पर चल रहा है। नए सत्र में इनमें पंजीकृत श्रमिकों, कोविड कालखंड के दौरान निराश्रित हुए बच्चों व अन्य निराश्रित बच्चों के लिए अत्याधुनिक शिक्षा की व्यवस्था की जा रही है। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने शिक्षाविद व समाजसेवी पं. मदन मोहन मालवीय को भी उनकी जयंती पर याद किया। उन्होंने कहा कि पं. मदन मोहन मालवीय ने शिक्षा के क्षेत्र में बनारस हिंदू विश्वविद्यालय जैसी प्रतिष्ठित संस्था देकर देश में सांस्कृतिक चेतना को जागृत किया।

कार्यक्रम में अटल की कविताओं का गान किया गया। गजेंद्र सोलंकी ने अटल पर आधारित कविता का पाठ किया। साथ ही अटल आवासीय विद्यालय व अटल के जीवन पर आधारित लघु फिल्म का प्रदर्शन किया। अटल के जीवन, दर्शन व कविताओं पर आधारित अभिलेख प्रदर्शनी का अवलोकन किया। समारोह में प्रधानमंत्री के मन की बात कार्यक्रम को भी मुख्यमंत्री व अतिथियों ने सुना। इस दौरान उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी का पूरा जीवन भारत माता के प्रति समर्पित था। कार्यक्रम में जल शक्ति मंत्री स्वतंत्रदेव सिंह के साथ ही कई अधिकारी मौजूद थे। 



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