UP Nikay Chunav: 2012 के चुनाव से मतदान में गिरावट, बमुश्किल पासिंग मार्क पा रहे गोरखपुर शहरवासी

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Continuation of decline in polling percentage started from 2012 elections

गोरखपुर निकाय चुनाव।
– फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

वर्ष 1995 में नगर निगम के गठन के करीब डेढ़ दशक यानी तीन चुनाव तक जहां शहर के लोग अपने मताधिकार को लेकर जागरूक थे, वहीं वर्ष 2012 के चुनाव से इसमें गिरावट आने लगी। शुरुवात के तीन चुनाव 1995, 2000 और 2006 में नगर निगम के चुनाव में 39से 43 फीसदी तक मतदान हुआ जबकि 2012 से लेकर 2023 के बीच हुए सभी तीन चुनावों में शहर के मतदाता बमुश्किल पासिंग मार्क यानी 33 फीसदी के आस पास ही नंबर जुटा पाए।

आंकड़ों पर गौर करें तो नगर निगम के गठन के अगले साल 1995 में हुए चुनाव में 39 फीसदी, 2000 के चुनाव में 40 फीसदी और फिर 2006 के चुनाव में सर्वाधिक 43 फीसदी मतदान हुआ। इसके बाद से ही मतदान प्रतिशत में गिरावट दर्ज होनी शुरू हुई। 2012 के नगर निगम के चुनाव में 33, 2017 में 35.4 और इस बार यानी 2023 के चुनाव में 34.61 फीसदी ही वोटिंग हो सकी।

नगर निकाय चुनाव में नगर निगम क्षेत्र में मतदान को लेकर शुरू से ही उदासीनता बरकरार है तो वहीं नगर पंचायतें फर्स्ट डिवीजन पास हो रही हैं। हालांकि इस बार नगर पंचायतों में भी वोटिंग प्रतिशत गिरा है लेकिन फिर भी शहर के मतदाताओं की तुलना में ग्रामीण क्षेत्र के मतदाता ज्यादा जागरूक दिखाई पड़ रहे हैं। वर्ष 2012 में नगर पंचायतों में कुल 64.21 फीसदी, 2017 में 66.76 फीसदी मतदान हुआ था जो इस बार घटकर 61.93 फीसदी हो गया है।

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