उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) ने एकल अवसरीय पंजीकरण (ओटीआर) व्यवस्था लागू कर दी है। सभी अभ्यर्थियों को ओटीआर कराना है। आयोग एक अप्रैल 2023 से अपनी सभी भर्ती परीक्षाओं के लिए ओटीआर अनिवार्य कर देगा। ओटीआर किसी परीक्षा के लिए आवेदन नहीं है, बल्कि यह केवल आवेदकों की सूचनाओं का संग्रह है।
आयोग की विभिन्न परीक्षाओं के लिए ऑनलाइन आवेदन करने के लिए ओटीआर अनिवार्य होगा। अभ्यर्थी को केवल एक बार ओटीआर कराना है, जिसमें बाद आयोग की किसी भी परीक्षा में केवल आवश्यक/अधिमान्य योग्यता/अनुभव विवरण भरकर परीक्षा शुल्क जमा करना होगा और आवेदन की प्रक्रिया पांच से दस मिनट में पूरी हो जाएगी।
ओटीआर भरने में आधे से एक घंटे का वक्त लग सकता है, लेकिन यह हमेशा के लिए अभ्यर्थी की राह आसान कर देगा। इसके बाद किसी भी भर्ती परीक्षा के आवेदन के लिए अभ्यर्थी को साइबर कैफे के चक्कर नहीं लगाने होंगे, बल्कि मोबाइल फोन पर ही ओटीआर संख्या के माध्यम से चंद सूचनाएं भरकर आवेदन की प्रक्रिया पूरी की जा सकेगी। अभ्यर्थी से संबंधित अन्य सूचनाएं ओटीआर के माध्यम से पोर्टल पर पहले से ही उपलब्ध रहेंगी।
ओटीआर का पोर्टल आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध करा दिया गया और बुधवार तक 2310 अभ्यर्थी रजिस्ट्रेशन भी करा चुके हैं। आयोग की विभिन्न परीक्षाओं में 10 से 12 लाख अभ्यर्थी शामिल होते हैं। ऐसे में आयोग की ओर से अभ्यर्थियों को 31 मार्च तक ओटीआर कराने को कहा गया है, क्योंकि एक अप्रैल के बाद आयोग की भर्ती परीक्षाओं में वही अभ्यर्थी शामिल हों सकेंगे, जिनके पास ओटीआर संख्या होगी।
संशोधन के लिए हमेशा उपलब्ध रहेगी सुविधा
ओटीआर में अभ्यर्थी ने त्रुटिवश कोई गलत जानकारी भर दी है तो उसे संशोधित करने की सुविधा हमेशा उपलब्ध रहेगी। अक्सर होता है कि अभ्यर्थी ‘मेल’ और ‘फीमेल’ के कॉलम को टिक करने या जाति के कॉलम को भरने में गलती कर देते हैं और इसी गलती के कारण अभ्यर्थी चयन से भी वंचित रह जाते हैं। अभ्यर्थी ओटीआर में किसी भी वक्त संशोधन कर सकेंगे।
मुख्य परीक्षा से पहले अपलोड करने होंगे अभिलेख किसी भी भर्ती की प्रारंभिक परीक्षा में सफल घोषित किए जाने वाले अभ्यर्थियों को मुख्य परीक्षा से पहले अपने सभी आवश्यक शैक्षिक अभिलेख भी पोर्टल पर अपलोड करने होंगे। सीधी भर्ती के अभ्यर्थियों को भी ओटीआर के पोर्टल पर अपने डॉक्यूमेंट अपलोड करने होंगे। ऐसे में ओटीआर कराने वाले अभ्यर्थियों को भविष्य में बार-बार शैक्षिक अभिलेख अपलोड करने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
अधिकतम आयु सीमा पूरी होते ही ओटीआर से बाहर
ओटीआर के पोर्टल पर अनावश्यक भार न बढ़े, इसकी व्यवस्था भी की गई है। आयोग की भर्तियों में शामिल होने के लिए अलग-अलग वर्गों के अभ्यर्थियों के लिए अधिकतम आयु सीमा निर्धारित है। जो अभ्यर्थी अधिकतम आयु सीमा पूरी कर लेंगे, वह ओटीआर से स्वत: बाहर हो जाएंगे।
साइबर सिक्योरिटी भी बनेगी चुनौती आयोग के सभी भर्ती परीक्षाओं के लिए ओटीआर अनिवार्य किए जाने के बाद आयोग के पास 10 से 12 लाख युवाओं का पूरा विवरण होगा। डाटा लीक होने का खतरा भी बना होगा। ऐसे में साइबर सिक्योरिटी भी आयोग के लिए चुनौती होगी। इस दिशा में आयोग ने काम शुरू कर दिया है और इसके लिए एनआईसी से सहयोग लिया जा रहा है।
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उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) ने एकल अवसरीय पंजीकरण (ओटीआर) व्यवस्था लागू कर दी है। सभी अभ्यर्थियों को ओटीआर कराना है। आयोग एक अप्रैल 2023 से अपनी सभी भर्ती परीक्षाओं के लिए ओटीआर अनिवार्य कर देगा। ओटीआर किसी परीक्षा के लिए आवेदन नहीं है, बल्कि यह केवल आवेदकों की सूचनाओं का संग्रह है।
आयोग की विभिन्न परीक्षाओं के लिए ऑनलाइन आवेदन करने के लिए ओटीआर अनिवार्य होगा। अभ्यर्थी को केवल एक बार ओटीआर कराना है, जिसमें बाद आयोग की किसी भी परीक्षा में केवल आवश्यक/अधिमान्य योग्यता/अनुभव विवरण भरकर परीक्षा शुल्क जमा करना होगा और आवेदन की प्रक्रिया पांच से दस मिनट में पूरी हो जाएगी।
ओटीआर भरने में आधे से एक घंटे का वक्त लग सकता है, लेकिन यह हमेशा के लिए अभ्यर्थी की राह आसान कर देगा। इसके बाद किसी भी भर्ती परीक्षा के आवेदन के लिए अभ्यर्थी को साइबर कैफे के चक्कर नहीं लगाने होंगे, बल्कि मोबाइल फोन पर ही ओटीआर संख्या के माध्यम से चंद सूचनाएं भरकर आवेदन की प्रक्रिया पूरी की जा सकेगी। अभ्यर्थी से संबंधित अन्य सूचनाएं ओटीआर के माध्यम से पोर्टल पर पहले से ही उपलब्ध रहेंगी।
ओटीआर का पोर्टल आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध करा दिया गया और बुधवार तक 2310 अभ्यर्थी रजिस्ट्रेशन भी करा चुके हैं। आयोग की विभिन्न परीक्षाओं में 10 से 12 लाख अभ्यर्थी शामिल होते हैं। ऐसे में आयोग की ओर से अभ्यर्थियों को 31 मार्च तक ओटीआर कराने को कहा गया है, क्योंकि एक अप्रैल के बाद आयोग की भर्ती परीक्षाओं में वही अभ्यर्थी शामिल हों सकेंगे, जिनके पास ओटीआर संख्या होगी।