Uttarakhand: ऐसे कैसे खिलेंगे फूल और कैसे मनेगी फूलदेई….संकट में हैं हिमालयी क्षेत्र के भौरे

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Bumblebees of Himalayan region are in trouble Uttarakhand News in hindi

हिमालय क्षेत्र में संकट में भौंरे
– फोटो : अमर उजाला

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जलवायु परिवर्तन और हिमालयी क्षेत्र में बढ़ती मानव गतिविधियों की वजह से आने वाले समय में भौरों के प्राकृतिक आवास धीरे-धीरे समाप्त हो जाएंगे। भारतीय वन्य जीव संस्थान के वैज्ञानिकों ने हिमालयी क्षेत्रों में भौरों की 32 प्रजातियों के अध्ययन में इसका खुलासा किया है।

अध्ययन रिपोर्ट में वैज्ञानिकों ने इनके भविष्य के खतरों को लेकर चेताया है। कहा, वर्ष 2050 से 2070 तक भौरे अपने प्राकृतिक वास का बड़ा हिस्सा खो देंगे। जिनके मात्र 15 प्रतिशत आवास सुरक्षित रहेंगे। भारतीय वन्य जीव संस्थान के वैज्ञानिकों ने अध्ययन रिपोर्ट में भौरों के प्राकृतिक वास प्रभावित होने की बड़ी वजह जलवायु परिवर्तन के साथ ही शहरीकरण, बढ़ती कृषि गतिविधियों, कीटनाशकों के अंधाधुंध उपयोग एवं भूमि उपयोग में परिवर्तन को बताया है।

वैज्ञानिकों के मुताबिक, इससे अगले 50 वर्षों में भौरों की अधिकतर प्रजातियों के लिए उपयुक्त आवास में कमी आएगी। अध्ययन के दौरान पाया कि हिमालयी क्षेत्र का 30 प्रतिशत से अधिक हिस्सा भौरों की केवल तीन प्रजातियों के लिए उपयुक्त है। 20 से 30 प्रतिशत क्षेत्र भौरों की केवल दो प्रजातियों एवं 10 प्रतिशत से कम क्षेत्र 16 प्रजातियों के लिए उपयुक्त हैं।

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