[ad_1]

आतंकी
– फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर
विस्तार
दिल्ली पुलिस की गिरफ्त में आया उत्तराखंड के गूलरभोज निवासी जगजीत सिंह उर्फ जग्गा जरायम की दुनिया में अपने नाम का दबदबा बनाना चाहता था। इसके चलते उसने पंजाब के बड़े गैंगस्टरों से संपर्क बढ़ाया। फिर पठानकोट धमाके के आरोपी सुखप्रीत के नेटवर्क के सहारे कनाडा में बैठे आतंकी अर्शदीप से कनेक्शन जुड़ गया। इसी कनेक्शन के जरिये वह आतंकियों के संपर्क में आया। नौ महीनों तक उत्तराखंड पुलिस से बच रहा जगजीत सिंह आखिर दिल्ली पुलिस के हत्थे चढ़ गया। हत्या के एक मामले और फिर पेरोल से फरार जगजीत की नई पहचान संदिग्ध आतंकी के रूप में सामने आई। उसके नए रूप से उसके गांव के लोग भी सकते में हैं।
शुक्रवार को दिल्ली पुलिस ने संदिग्ध आतंकी के रूप में कोपा कृपाली गूलरभोज निवासी जगजीत सिंह उर्फ जग्गा और जहांगीरपुरी दिल्ली के रहने वाले नौशाद को पिस्टल और कारतूस के साथ गिरफ्तार किया था। दोनों की निशानदेही पर पुलिस ने किराये के कमरे से दो हैंड ग्रेनेड भी बरामद किए थे। पूछताछ में सामने आया था कि दोनों ने एक युवक की हत्या कर टुकड़े कर दिए और इसके वीडियो पाकिस्तान और कनाडा में बैठे हैंडलर को भेजे थे। नौशाद का संबंध आतंकी संगठन हरकत उल अंसार से बताया गया है जबकि जग्गा बंबीहा गिरोह का सदस्य बताया गया है। गूलरभोज निवासी जगजीत की गिरफ्तारी के बाद ऊधमसिंह नगर पुलिस हरकत में आ गई और दिल्ली पुलिस के संपर्क में है।
डंपर चलाने के दौरान अपराधियों के संपर्क में आया था जगजीत सिंह
जगजीत की संदिग्ध आतंकी के रूप में हुई गिरफ्तारी से उसके गांव के ग्रामीण भी सदमे में हैं। बहन की शादी हो चुकी है। ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से जगजीत का गांव से कोई संपर्क नहीं है। जगजीत बाजपुर के बैलजूड़ी गांव में रहकर डंपर चलाता था और उसी दौरान आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों के संपर्क में आ गया था। वर्ष 2018 में पंतनगर क्षेत्र से चोरी हुई एक टैक्सी चालक की हत्या से उसने अपराध की दुनिया में कदम रखा था। उस समय उसने मुठभेड़ के दौरान पुलिस पर फायरिंग भी की थी। जेल में रहने के दौरान उसका संपर्क पंजाब के गैंगस्टरों से हुआ था। इन्हीं के सहारे जगजीत बंबीहा गिरोह के लिए टारगेट किलर बन गया।
पंजाब पुलिस में तैनात हैं जगजीत के चाचा
जगजीत के घर में माता-पिता के अलावा उसके दो चाचा भी हैं। साथ में रह रहे उसके एक चाचा खेती देखते हैं जबकि जगजीत के दूसरे चाचा पंजाब पुलिस में तैनात हैं। जगजीत के एक चाचा का कई वर्ष पहले निधन हो गया था।
[ad_2]
Source link