Uttarakhand: डेढ़ साल बाद फिर बहाल हुआ कर्मकार बोर्ड, शासनादेश जारी, श्रमिकों की योजनाओं को मिलेगी गति

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Uttarakhand : workers board restored After one and a half years mandate issued

कर्मकार बोर्ड बहाल
– फोटो : Istock(प्रतीकात्मक तस्वीर)

विस्तार

करीब डेढ़ साल बाद धामी सरकार ने उत्तराखंड भवन और अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड को बहाल कर दिया है। इसमें छह सदस्यों की तैनाती की गई है। बोर्ड बनने से श्रमिकों की कल्याणकारी योजनाओं में तेजी आ जाएगी।

सचिव श्रम आर मीनाक्षी सुंदरम की ओर से जारी शासनादेश के मुताबिक, कर्मकार बोर्ड सचिव श्रम की अध्यक्षता में काम करेगा। इसमें राज्य सरकार की ओर से सचिव वित्त या उनके नामित अधिकारी, सचिव न्याय या उनके नामित अधिकारी और बोर्ड के मुख्य निरीक्षक बतौर राज्य सरकार के प्रतिनिधि सदस्य होंगे। नियोजकों का प्रतिनिधित्व करने के लिए चांदमाटी, काठगोदाम निवासी देवेश भट्ट, किशनपुर किच्छा निवासी त्रिलोक सिंह नेगी और देहरादून के टर्नर रोड निवासी मोहम्मद इकराम को सदस्य नामित किया गया है।

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कर्मकार बोर्ड का प्रतिनिधित्व करने के लिए तपोवन चमोली निवासी कृष्णमणि थपलियाल, वसंत विहार हल्द्वानी निवासी शेखरानंद पांडे और अदालीखाल धूमाकोट निवासी नीलम मैंदोलिया को सदस्य नामित किया गया है। बोर्ड में पहले विभागीय मंत्री को अध्यक्ष नामित किया जाता था, लेकिन फिलहाल श्रम विभाग मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के पास होने के नाते सचिव श्रम को अध्यक्ष बनाया गया है। आपको बता दें कि घोटाला और पूर्व श्रम मंत्री हरक सिंह रावत के विवादों के बाद शमशेर सिंह सत्याल को सरकार ने बोर्ड का अध्यक्ष बनाया था। बाद में उन्हें भी हटाते हुए बोर्ड भंग कर दिया गया था। अब नए सिरे से बोर्ड काम करेगा।

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