Uttarakhand: नए साल में भाजपा बनाएगी 15 नए सांगठनिक मंडल, निकाय चुनाव के लिए कमर कसेगी पार्टी

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– फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर

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प्रदेश में सत्तारूढ़ भाजपा नए साल में सांगठनिक नेटवर्क को विस्तार देने के लिए 15 नए मंडलों का गठन करेगी। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने नए मंडलों के गठन का एलान किया। उन्होंने कहा कि संगठन को अधिक मजबूत और संरचनात्मक दृष्टि से अधिक व्यापक बनाने के उद्देश्य से नए जिलों के गठन के बाद अब मंडल बनाए जाएंगे। 

शहरों और कस्बों के साथ ही भाजपा अब गांवों में सांगठनिक नेटवर्क पर फोकस करेगी। 11500 से अधिक बूथों पर पदाधिकारियों और समर्पित कार्यकर्ताओं की फौज तैयार करने के लिए पार्टी जल्द अभियान छेड़ेगी। 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले पार्टी पांचों लोकसभा क्षेत्रों में प्रवास कार्यक्रमों के माध्यम से हर बूथों पर पहुंच बनाने के साथ पन्ना प्रमुखों के सम्मेलन कर लेना चाहती है।

267 हो जाएगी मंडलों की कुल संख्या
भाजपा प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चौहान ने बताया कि 19 जिलों में मंडलों की कुल संख्या 267 हो जाएगी। उनके अनुसार नए मंडलों में रुद्रप्रयाग में खांकरा टिहरी में रजाखेत, सकलाना, देहरादून ग्रामीण में क्वान्सी ऋषिकेश में रायवाला, पौड़ी में अगरोडा, कोटद्वार में सुखरो पिथौरागढ़ में गौरंग देश, डीडीहाट नगर, रानीखेत में बिन्सर महादेव चंपावत में मंच तामली व रीठा, नैनीताल में लामाचौड़ व मुखानी, काशीपुर में काशीपुर उत्तरी के नाम से नए मंडल बनाए जाएंगे। 

निकाय चुनाव के लिए कसेगी कमर
वर्ष 2023 चुनाव के लिहाज से सत्तारूढ़ भाजपा के लिए खासा अहम है। पार्टी शहरी स्थानीय निकाय चुनाव के लिए कमर कसेगी। 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले निकाय चुनाव को लिटमस टेस्ट के तौर पर देखा जाता रहा है। मीडिया प्रभारी चौहान के मुताबिक, पार्टी निकाय चुनाव में पूरी तरह से जुट जाएगी। 

सांसद, विधायक, पदाधिकारी करेंगे प्रवास
सांगठनिक विस्तार के साथ ही पार्टी का नए साल में गांवों और बूथों में प्रवास पर जोर रहेगा। पार्टी अपने सांसदों, विधायकों, पदाधिकारियों और वरिष्ठ कार्यकर्ताओं को प्रवास पर भेजेगी। इसके लिए बाकायदा एक रोड मैप तैयार किया जाएगा।

जनवरी माह से बंटने शुरू होंगे दायित्व
प्रदेश सरकार में पार्टी कार्यकर्ताओं को दायित्व बांटे जाने का सिलसिला नए साल के पहले महीने यानी जनवरी से ही शुरू हो जाएगा। 14 जनवरी को मकर संक्रांति पर्व पर या उसके बाद पार्टी नेताओं व कार्यकर्ताओं की दायित्व की मुराद पूरी हो सकती है।

विस्तार

प्रदेश में सत्तारूढ़ भाजपा नए साल में सांगठनिक नेटवर्क को विस्तार देने के लिए 15 नए मंडलों का गठन करेगी। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने नए मंडलों के गठन का एलान किया। उन्होंने कहा कि संगठन को अधिक मजबूत और संरचनात्मक दृष्टि से अधिक व्यापक बनाने के उद्देश्य से नए जिलों के गठन के बाद अब मंडल बनाए जाएंगे। 

शहरों और कस्बों के साथ ही भाजपा अब गांवों में सांगठनिक नेटवर्क पर फोकस करेगी। 11500 से अधिक बूथों पर पदाधिकारियों और समर्पित कार्यकर्ताओं की फौज तैयार करने के लिए पार्टी जल्द अभियान छेड़ेगी। 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले पार्टी पांचों लोकसभा क्षेत्रों में प्रवास कार्यक्रमों के माध्यम से हर बूथों पर पहुंच बनाने के साथ पन्ना प्रमुखों के सम्मेलन कर लेना चाहती है।

267 हो जाएगी मंडलों की कुल संख्या

भाजपा प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चौहान ने बताया कि 19 जिलों में मंडलों की कुल संख्या 267 हो जाएगी। उनके अनुसार नए मंडलों में रुद्रप्रयाग में खांकरा टिहरी में रजाखेत, सकलाना, देहरादून ग्रामीण में क्वान्सी ऋषिकेश में रायवाला, पौड़ी में अगरोडा, कोटद्वार में सुखरो पिथौरागढ़ में गौरंग देश, डीडीहाट नगर, रानीखेत में बिन्सर महादेव चंपावत में मंच तामली व रीठा, नैनीताल में लामाचौड़ व मुखानी, काशीपुर में काशीपुर उत्तरी के नाम से नए मंडल बनाए जाएंगे। 

निकाय चुनाव के लिए कसेगी कमर

वर्ष 2023 चुनाव के लिहाज से सत्तारूढ़ भाजपा के लिए खासा अहम है। पार्टी शहरी स्थानीय निकाय चुनाव के लिए कमर कसेगी। 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले निकाय चुनाव को लिटमस टेस्ट के तौर पर देखा जाता रहा है। मीडिया प्रभारी चौहान के मुताबिक, पार्टी निकाय चुनाव में पूरी तरह से जुट जाएगी। 

सांसद, विधायक, पदाधिकारी करेंगे प्रवास

सांगठनिक विस्तार के साथ ही पार्टी का नए साल में गांवों और बूथों में प्रवास पर जोर रहेगा। पार्टी अपने सांसदों, विधायकों, पदाधिकारियों और वरिष्ठ कार्यकर्ताओं को प्रवास पर भेजेगी। इसके लिए बाकायदा एक रोड मैप तैयार किया जाएगा।

जनवरी माह से बंटने शुरू होंगे दायित्व

प्रदेश सरकार में पार्टी कार्यकर्ताओं को दायित्व बांटे जाने का सिलसिला नए साल के पहले महीने यानी जनवरी से ही शुरू हो जाएगा। 14 जनवरी को मकर संक्रांति पर्व पर या उसके बाद पार्टी नेताओं व कार्यकर्ताओं की दायित्व की मुराद पूरी हो सकती है।



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