Uttarakhand: नया वित्तीय वर्ष आज से, विभागों को दिशा-निर्देश, पूंजीगत बजट का 80% चालू कार्यों पर होगा खर्च

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पांच करोड़ से अधिक की लागत के कार्यों का ऑडिट अनिवार्य

शासन ने निर्देश दिए कि पांच करोड़ से अधिक की राशि वाले कार्यों का अनिवार्य रूप से लेखा परीक्षा कराया जाएगा। विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि वे 50 लाख से कम लागत के कार्यों के लिए एकमुश्त धनराशि अवमुक्त कर देंगे। 50 लाख से दो करोड़ तक लागत के कार्यों के लिए दो किश्तों (60 व 40 फीसदी) के तौर पर अवमुक्त होगी। दो करोड़ से अधिक की परियोजनाओं के लिए 40-40-20 प्रतिशत के आधार पर धनराशि जारी होगी।

सशक्त उत्तराखंड की दिशा में बढ़ेगी सरकार

प्रदेश सरकार ने 2025 तक उत्तराखंड को देश का अग्रणीय राज्य बनाने का संकल्प लिया है। उसके संकल्प बजटीय प्रावधानों के रूप में शामिल किए गए हैं। सरकार के सामने बजट के उपयोग और वित्तीय संसाधनों को बढ़ाने की चुनौती है।

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बजट में ये मुख्य व्यवस्था

-जिला योजना का 26 फीसदी बजट बढ़ाया। 925.50 करोड़ का प्रावधान

-उद्यान विभाग का बजट बढ़ाकर 815.66 करोड़ किया। 50 हजार पॉली हाउस लगाए जाएंगे

-वर्क फोर्स डेवलपमेंट के लिए 100 करोड़ खर्च होंगे

-मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के लिए 40 करोड़ की व्यवस्था की

-उद्योगों के लिए 26 करोड़ के अनुदान का प्रावधान

-मोटा अनाज अभियान पर 15 करोड़ खर्च होंगे

-विधवा पेंशन के लिए 250 करोड़

-देहरादून के पेयजल के लिए सौंग बांध के लिए 110 करोड़

-जोशीमठ व अन्य स्थानों में भू धंसाव के लिए 1000 करोड़

गन्ने के अवशेष भुगतान के लिए 215 करोड़

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