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संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Mon, 24 Jul 2023 11:21 AM IST

एटलस मौथ।
विस्तार
जिले में एटलस मॉथ मिली है। यह विश्व में पाई जाने वाली सबसे बड़ी मॉथ में से एक है। जिले में वन विभाग के सहयोग से नेशनल मॉथ सप्ताह की शुरुआत हो गई है। विंग्स फाउंडेशन ने पहली बार नेशनल मॉथ काउंट सीजन-एक शुरू किया है। इसके तहत विंग्स फाउंडेशन 22 से 30 जुलाई तक चलने वाले नेशनल मॉथ सप्ताह में जिले में मिलने वाले मौथ की खोजबीन कर उनकी जानकारी जुटाएगा। पिथौरागढ़, मुनस्यारी, मूनाकोट, डीडीहाट, अस्कोट क्षेत्र में फाउंडेशन के सदस्य मौथ की तलाश करेंगे।
विश्व में पाई जाती हैं 16 हजार प्रजातियां
विश्व में मॉथ की 16 हजार प्रजातियां पाई जाती हैं। इनमें से 10 हजार प्रजातियां भारत में हैं। पिथौरागढ़ में पहली बार मॉथ के बारे में जानकारी जुटाई जाएगी। विंग्स फाउंडेशन के सदस्यों ने पहले दिन पिथौरागढ़ में एटलस मॉथ को देखा है।
एटलस मॉथ
इसे एंपरर ऑफ डार्कनेस भी कहा जाता है। इनकी उम्र 20 से 25 दिन तक होती है। इसके पंखों का फैलाव 24 सेमी तक होता है, जबकि पंखों की सतह 124 इंच होती है। यह अपने अंडे नींबू, अमरूद और दालचीनी के पौधों पर देती है। इसके लार्वा अपने बचाव के लिए एक गंध स्प्रे करते हैं जो 12 इंच तक जाता है। यह एक तेज गंध होती है। इससे यह छिपकलियों और चींटी से अपना बचाव करते हैं।
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