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कंट्रोल रूम पहुंचे सीएम धामी
– फोटो : अमर उजाला
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उत्तराखंड में पिछले 24 घंटे में बारिश और ओलावृष्टि ने प्रदेश को बेहाल कर दिया है। एक तरफ जहां फसलों को नुकसान हुआ तो दूसरी तरफ शहरों में जलभराव से भी लोग परेशान हुए। कई जिलों में बिजली-पानी का भी संकट पैदा हो गया है।
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कृषि निदेशक गौरीशंकर का कहना है कि इस समय बारिश गेहूं फसल के लिए नुकसानदायक है। बारिश और ओलावृष्टि से फसलों को कितना नुकसान हुआ है। इसका आंकलन किया जा रहा है। देहरादून, हरिद्वार, ऊधमसिंह नगर और नैनीताल जिलों से नुकसान की प्रारंभिक रिपोर्ट भेजी गई थी। जिसमें लगभग 185 हेक्टेयर भूमि पर रबी फसलों को नुकसान हुआ है। लेकिन शुक्रवार को भी बारिश हुई है। प्रदेश भर से नुकसान की अंतिम रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद ही नुकसान का सही पता लगेगा।
उधर उद्यान विभाग के संयुक्त निदेशक रतन कुमार ने बताया कि बारिश और ओलावृष्टि से बागवानी फसलों पर विपरीत असर पड़ रहा है। जिन फलदार फसलों पर फ्लावरिंग के साथ परागण प्रक्रिया चल रही है। उन फसलों को बारिश से नुकसान हो सकता है। साथ ही ओलावृष्टि से फूल झड़ने के कारण उत्पादन पर असर पड़ेगा। सभी जिलों में नुकसान का आंकलन किया जा रहा है।
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