Uttarakhand: महिला यात्रियों को अब तीन बार दबाना होगा पैनिक बटन, जानिए क्यों करना पड़ा ये बदलाव

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पैनिक बटन

पैनिक बटन
– फोटो : सोशल मीडिया

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सवारी वाहनों में सफर कर रहीं महिलाओं को पुलिस की मदद पाने के लिए अब पैनिक बटन को तीन बार दबाना होगा। दरअसल अनजाने में पैनिक बटन दबाने की काफी घटनाएं सामने आ चुकी हैं। गृह विभाग की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के सामने पुलिस ने यह परेशानी बताई थी। अब पैनिक बटन के प्रयोग में संशोधन किया जाएगा।

बीते दिनों हुई बैठक में बताया गया कि वाहनों में लगे पैनिक बटन से जो सूचनाएं 112 इमरजेंसी नंबर पर प्राप्त हो रही हैं, उनमें बड़ी तादाद झूठी या अनजान सूचनाओं की है। जब पुलिस उन वाहनों तक पहुंचती है तो पता चलता है कि भूलवश पैनिक बटन दबा दिया गया।

कई बार हाथ लगने से भी पैनिक बटन दब रहा है। इसके चलते पुलिस को अनावश्यक भागदौड़ करनी पड़ रही है। लिहाजा, बैठक में तय किया गया कि गृह विभाग की ओर से परिवहन विभाग को एक पत्र भेजा जाएगा। इसमें पैनिक बटन को कम से कम तीन बार दबाने का प्रावधान किया जाएगा। गौरतलब है कि प्रदेश में अभी तक 20 हजार से ज्यादा वाहनों में पैनिक बटन लग चुके हैं। 

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108 सेवा और 112 एकीकृत होगी
प्रदेश में 108 इमरजेंसी एंबुलेंस सेवा और 112 को एकीकृत किया जाएगा। इसके लिए पुलिस और स्वास्थ्य विभाग के बीच जल्द ही बैठक होगी। इसके बाद अगर इमरजेंसी में किसी को एंबुलेंस की जरूरत होगी तो उसे सीधे 112 नंबर ही मिलाना होगा। इसकी सूचना स्वास्थ्य विभाग और पुलिस दोनों को पहुंच जाएगी। एक्सीडेंट होने की सूरत में पुलिस भी तत्काल मौके पर पहुंच सकेगी। 

विस्तार

सवारी वाहनों में सफर कर रहीं महिलाओं को पुलिस की मदद पाने के लिए अब पैनिक बटन को तीन बार दबाना होगा। दरअसल अनजाने में पैनिक बटन दबाने की काफी घटनाएं सामने आ चुकी हैं। गृह विभाग की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के सामने पुलिस ने यह परेशानी बताई थी। अब पैनिक बटन के प्रयोग में संशोधन किया जाएगा।

बीते दिनों हुई बैठक में बताया गया कि वाहनों में लगे पैनिक बटन से जो सूचनाएं 112 इमरजेंसी नंबर पर प्राप्त हो रही हैं, उनमें बड़ी तादाद झूठी या अनजान सूचनाओं की है। जब पुलिस उन वाहनों तक पहुंचती है तो पता चलता है कि भूलवश पैनिक बटन दबा दिया गया।

कई बार हाथ लगने से भी पैनिक बटन दब रहा है। इसके चलते पुलिस को अनावश्यक भागदौड़ करनी पड़ रही है। लिहाजा, बैठक में तय किया गया कि गृह विभाग की ओर से परिवहन विभाग को एक पत्र भेजा जाएगा। इसमें पैनिक बटन को कम से कम तीन बार दबाने का प्रावधान किया जाएगा। गौरतलब है कि प्रदेश में अभी तक 20 हजार से ज्यादा वाहनों में पैनिक बटन लग चुके हैं। 

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108 सेवा और 112 एकीकृत होगी

प्रदेश में 108 इमरजेंसी एंबुलेंस सेवा और 112 को एकीकृत किया जाएगा। इसके लिए पुलिस और स्वास्थ्य विभाग के बीच जल्द ही बैठक होगी। इसके बाद अगर इमरजेंसी में किसी को एंबुलेंस की जरूरत होगी तो उसे सीधे 112 नंबर ही मिलाना होगा। इसकी सूचना स्वास्थ्य विभाग और पुलिस दोनों को पहुंच जाएगी। एक्सीडेंट होने की सूरत में पुलिस भी तत्काल मौके पर पहुंच सकेगी। 



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