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नैनीताल हाईकोर्ट
– फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
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नैनीताल हाईकोर्ट ने लोकायुक्त संस्थान बनने में 31 मार्च 2023 तक वर्षवार हुए खर्च का ब्योरा तलब किया है। कोर्ट ने प्रदेश सरकार को अतिरिक्त शपथपत्र देने का आदेश देते हुए लोकायुक्त की नियुक्ति की कार्यवाही की जानकारी भी मांगी है। मामले की अगली सुनवाई आठ मई को होगी। सुनवाई मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति विपिन सांघी एवं न्यायमूर्ति आलोक वर्मा की खंडपीठ में हुई।
शुक्रवार को हुई सुनवाई में रविशंकर जोशी की ओर से न्यायालय को बताया गया कि लोकायुक्त संस्थान के नाम पर वार्षिक दो से तीन करोड़ रुपए खर्च हो रहे हैं, लेकिन अब तक लोकायुक्त की नियुक्ति नहीं की गई है। कर्नाटक व मध्य प्रदेश में लोकायुक्त की ओर से भ्रष्टाचार के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जा रही है लेकिन उत्तराखंड में तमाम घोटाले हो रहे हैं, जो हाईकोर्ट पहुंच रहे हैं।
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