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प्रतीकात्मक तस्वीर
– फोटो : amar ujala
विस्तार
पिछले कुछ वर्षों से लगातार बोर्ड परीक्षा में खराब रिजल्ट देने और बगैर सूचना छुट्टी पर रहने वाले शिक्षकों पर कार्रवाई करना विभाग भूल गया है। यह कार्रवाई केवल निर्देश तक ही सीमित रह गई है। शिक्षा महानिदेशक बंशीधर तिवारी के मुताबिक पूर्व में दो साल कोविड की वजह से पढ़ाई पर इसका असर पड़ा है।
यही वजह रही कि किसी शिक्षक के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। शिक्षा विभाग की ओर से पहले निर्देश जारी किया गया था कि खराब रिजल्ट वाले और अक्सर बिना सूचना छुट्टी पर रहने वाले खासकर 50 वर्ष से अधिक आयु के शिक्षकों को अनिवार्य सेवानिवृत्ति दी जाएगी। विभाग ने हर जिले से ऐसे शिक्षकों की सूची भी मांगी थी।
विभाग को निर्देश था कि अनिवार्य सेवानिवृत्ति की सिफारिश के साथ इस तरह के शिक्षकों की रिपोर्ट निदेशालय भेजी जाए। इसके अलावा, शिक्षा विभाग ने खराब रिजल्ट वाले शिक्षकों पर कार्रवाई और अच्छा रिजल्ट देने वाले शिक्षकों को पुरस्कृत करने का निर्देश दिया था। यह निर्देश भी धरा रह गया और अब तक किसी शिक्षक पर विभाग ने कोई कार्रवाई नहीं की।
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