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कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा
– फोटो : अमर उजाला
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कांग्रेस भवन में बंद कमरे में केंद्रीय पर्यवेक्षक पीएल पुलिया ने नेताओं को अनुशासन की घुट्टी पिलाई, लेकिन बाहर इसका असर देखने को नहीं मिला। विधायक मदन बिष्ट ने तो बकायदा मीडिया के सामने बयान देकर फिर से प्रदेश प्रभारी को हटाने की मांग दोहरा दी। वहीं, प्रीतम इस मामले में कुछ भी खुलकर बोलने से बचते नजर आए।
मदन बिष्ट ने कहा कि प्रदेश प्रभारी को पार्टी नहीं बनना चाहिए था, वह पार्टी बनकर काम कर रहे हैं। जब चुनाव में हार के बाद पार्टी आलाकमान ने प्रदेश अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष को बदल दिया, फिर प्रभारी को क्यों नहीं हटाया गया। उनके अनुसार, संगठन में गलत के खिलाफ पहले भी आवाज उठाते रहे हैं और आगे भी उठाते रहेंगे।
अमर उजाला से बातचीत में बिष्ट ने कहा कि भाजपा चुनाव में माइक्रो मैनेजमेंट के साथ काम करती है, जबकि संगठन स्तर पर हमारी तैयारियां कहीं नहीं दिखाई देती हैं, उनका संगठन चुनाव लड़ाता है, जबकि कांग्रेस में प्रत्याशी खुद चुनाव लड़ रहा होता है। उन्होंने कहा वह फिर से मांग करते हैं कि प्रभारी को बदला जाना चाहिए।
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