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मीटिंग ( प्रतीकात्मक)
– फोटो : अमर उजाला
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प्रदेश में विभिन्न कारणों से लटकीं आधी-अधूरी परियोजनाएं अब पूरी हो सकेंगी। शासन ने तमाम विभागों से ऐसी परियोजनाओं के प्रस्ताव मांगे हैं, ताकि उनके लिए बजट जारी कर उन्हें पूरा किया जा सके। इसके लिए मिसिंग लिंक फंड में कुल 492.67 करोड़ के सापेक्ष इस वित्तीय वर्ष (2023-24) में 125 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
इस संबंध में सचिव वित्त दिलीप जावलकर की ओर से सभी विभागों के सचिवों को पत्र लिखकर प्रस्ताव मांगे गए हैं, ताकि फंड में पैसा जारी कर आधी-अधूरी परियोजनाओं को पूरा किया जा सके। मिसिंग लिंक फंड में ऐसी परियोजनाओं के लिए पैसा जारी किया जाता है, जो किसी कारणवश या बजट के अभाव में आधी-अधूरी रह जाती हैं।
इनमें सड़क, पुल, लिंक मार्ग, कार्यालय भवन और अन्य सरकारी योजनाओं से संबंधित निर्माण को शामिल किया जाता है। केंद्र सरकार ने ऐसी परियोजनाओं के लिए मिसिंग लिंक फंड बनाया है। इसके लिए विभागों को पीएम गति शक्ति पोर्टल पर ऐसी परियोजनाओं की जानकारी देनी के साथ प्रस्ताव देना होता है। इसके बाद मुख्य सचिव की अध्यक्षता में उच्चाधिकारी प्राप्त समिति (एचपीसी) प्रस्तावों का अनुमोदन करती है।
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