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लाखों का गबन
– फोटो : istock
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उत्तराखंड पावर कारपोरेशन लिमिटेड (यूपीसीएल) के ऋषिकेश विद्युत वितरण खंड में 17 लाख रुपये के गबन का मामला सामने आया है। भनक लगते ही अधिशासी अभियंता ने अपने स्तर से जांच समिति बनाकर आरोपी महिला कर्मी को नौकरी से निकाल दिया। अमर उजाला ने पड़ताल की तो अब यूपीसीएल मुख्यालय ने स्पेशल ऑडिट के आदेश दिए हैं।
यूपीसीएल के ऋषिकेश विद्युत वितरण खंड में महिला कर्मचारी वर्षों से अस्थायी बिजली कनेक्शनों की सिक्योरिटी राशि उपभोक्ताओं को लौटाने के बजाए अपने खातों में जमा करा रही थी। उपभोक्ताओं को इसकी जानकारी न होने से वह अब तक 17 लाख रुपये गबन कर चुकी थी।
अधिशासी अभियंता कार्यालय में तलब
सूत्रों के मुताबिक, महिला कर्मचारी से अधिशासी अभियंता शक्ति प्रसाद ने बदले में 19 लाख की रिकवरी करा नौकरी से निकाल दिया। अधिशासी अभियंता ने अधीक्षण अभियंता या उनसे ऊपर के किसी भी अधिकारी को मामले की जानकारी देना भी गंवारा नहीं समझा। जब अधीक्षण अभियंता गौरव शर्मा से जानकारी मांगी गई तो वह अनभिज्ञ थे। उन्होंने शनिवार को अधिशासी अभियंता को कार्यालय में तलब किया है।
वहीं, अधिशासी अभियंता शक्ति प्रसाद का कहना है कि मामले की जानकारी मिलने के बाद उन्होंने इसकी जांच बैठाई थी। इस दौरान वह पैसा खाते में वापस आ गया था। उन्होंने स्वीकार किया कि महिला कर्मचारी ने जानबूझकर पैसा दूसरे खातों में पहुंचाया था। बताया, मामले की जांच चल रही है। महिला कर्मचारी को नौकरी से निकाल दिया गया है। अभी अंतिम जांच रिपोर्ट नहीं आई है।
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