Uttarakhand Samvad 2023: रक्षा मंत्री से लेकर कैलाश खेर, खेल-कला और राजनीतिक हस्तियों से सजा ‘संवाद’ का मंच

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Uttarakhand Samvad 2023 From Defense Minister and sports-arts and political personalities gave views on many i

Uttarakhand Samvad 2023
– फोटो : अमर उजाला

विस्तार

अमर उजाला उत्तराखंड संवाद 2023 कार्यक्रम में प्रदेश के विकास और भविष्य की योजनाओं और मौजूदा चुनौतियों पर देश की नामी हस्तियों से विस्तार से चर्चा हुई। सीएम पुष्कर सिंह धामी ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की। उद्घाटन सत्र में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य की घटनाओं के संदर्भ में इस्तेमाल हो रहे ‘लव जिहाद’, ‘जमीन जिहाद’ जैसे शब्दों पर खुलकर अपनी राय रखी। पूर्व क्रिकेटर वीरेंद्र सहवाग ने विश्व टेस्ट चैंपियनशिप और पाकिस्तान के खिलाड़ियों से जुड़े मजेदार किस्से सुनाए। केंद्रीय राज्य मंत्री अजय भट्ट ने केंद्र सरकार की उपलब्धियों के बारे में बताया। उत्तराखंड के पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने पर्यटन की दृष्टि से प्रदेश की अहमियत और विकास को लेकर हो रहे कार्यों के बारे में बताया। पद्मश्री कैलाश खेर, अभिनेत्री श्रिया सरन और मीनाक्षी दीक्षित ने सिनेमा, कला और संस्कृति के विषय पर अपनी बात रखी।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने ‘भारत का स्वर्णिम भविष्य’ विषय पर अपनी बात रखी। इस्कॉन जीबीसी और गोवर्धन इकोविलेज के निदेशक गौरांग दास ने जीवन मंत्र दिया। यूजीसी के चेयरमैन प्रोफेसर एम जगदीश कुमार ने उत्तराखंड सरकार को प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था के उन्नयन के लिए बड़ी नसीहत दी है। वहीं केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल ने उत्तराखंड के विकास का रोडमैप बताया। भारतीय महिला हॉकी टीम की पूर्व कप्तान रानी रामपाल ने टोक्यो ओलंपिक से जुड़े अपने अनुभव साझा किए। भारतीय डबल ट्रैप शूटर रोंजन सोढ़ी ने 2012 लंदन ओलंपिक से जुड़े अपने अनुभव साझा किए। ब्रिटानिया के CEO राजनीत कोहली ने कहा कि देहरादून बेकरी की नगरी है, साथ में इंटर कांटिनेंटल होटल्स ग्रुप के साउथ वेस्ट एशिया के एमडी सुदीप जैन भी मौजूद रहे। वहीं स्टार्ट-अप और इंडस्ट्री के क्षेत्र में बात करने के लिए पैनल डिस्कशन में प्रेमचंद अग्रवाल, वैभव वर्धन, एके त्यागी और संदीप अग्रवाल शामिल हुए। रक्षा मंत्री ने विभिन्न क्षेत्रों में विशेष योगदान के लिए प्रदेश की आठ हस्तियों को सम्मानित किया। अंतिम सत्र में आचार्य बालकृष्ण ने आयुर्वेद का महत्व और प्रदेश के विकास में पतंजलि के योगदान के बारे में बताया।

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